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Punjab News: हड़ताल से धान खरीद प्रभावित, 1840 मंडियों में मजदूरों ने धान की लिफ्टिंग रोकी

Sun, 08 Oct 2023 12:28 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sun, 08 Oct 2023 12:28 PM IST
सार

गल्ला मजदूर यूनियन के प्रदेश प्रधान राकेश कुमार तुली का कहना है कि मजदूरों की मांगों को लेकर मंडी बोर्ड के अधिकारियों के साथ कई बार बैठकें हो चुकी हैं लेकिन हर बार उन्हें आश्वासन देकर लौटा दिया जाता है। महंगाई को देखते हुए मजदूरों को प्रति बोरी ढुलाई के पांच रुपये मिलने चाहिए।

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Paddy procurement affected in Punjab mandis due to labor strike
सरहिंद अनाज मंडी में प्रदर्शन करते मजदूर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

पंजाब की मंडियों में 10 लाख से ज्यादा ढुलाई मजदूरों के हड़ताल पर चले जाने के कारण धान खरीद के कार्यों को जोरदार झटका लगा है। सरकार ने गत एक अक्तूबर से राज्य में 1840 मंडियों में धान की खरीद की व्यवस्था की थी। वहां खरीद के तुरंत बाद धान की लिफ्टिंग का काम भी शुरू हो गया था लेकिन अब ढुलाई मजदूरों ने मेहनताना बढ़ाने की मांग को लेकर शनिवार को सभी 1840 मंडियों में लिफ्टिंग का काम ठप कर दिया है।

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शनिवार को हड़ताली मजदूरों ने अनेक मंडियों के गेट बंद कर दिए, जिससे धान की फसल लेकर पहुंच रहे किसानों को भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है और किसानों के वाहन मंडियों के बाहर सड़कों पर रुक गए हैं। गौरतलब है कि अपनी मांगों को लेकर गल्ला मजदूर यूनियन ने गत एक अक्तूबर से ही मंडियों में काम ठप करने की घोषणा कर दी थी लेकिन पंजाब मंडी बोर्ड के अधिकारियों ने यूनियन के पदाधिकारियों के साथ बैठक की और उनकी मांगें मानने का भरोसा देकर हड़ताल को टाल दिया था लेकिन मजदूरों की मांगों पर एक सप्ताह में कोई फैसला नहीं होने के चलते यूनियन ने सात अक्तूबर से सभी मंडियों में एक साथ हड़ताल कर दी। इसके साथ ही यूनियन ने यह भी साफ कर दिया है कि अगर मजदूरों की समस्याएं हल न हुईं तो हड़ताल अनिश्चितकालीन रहेगी।
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गल्ला मजदूर यूनियन के प्रदेश प्रधान राकेश कुमार तुली का कहना है कि मजदूरों की मांगों को लेकर मंडी बोर्ड के अधिकारियों के साथ कई बार बैठकें हो चुकी हैं लेकिन हर बार उन्हें आश्वासन देकर लौटा दिया जाता है। महंगाई को देखते हुए मजदूरों को प्रति बोरी ढुलाई के पांच रुपये मिलने चाहिए और ज्यादा लोडिंग के लिए मजदूरी की दर भी बढ़ाई जानी चाहिए।

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10 से आढ़ती भी हड़ताल की तैयारी में

मजदूरों की हड़ताल का अभी तक सरकार कोई हल नहीं निकाल सकी है, वहीं सरकारी एजेंसियों के लिए मंडियों में धान खरीद का काम संभाल रहे आढ़ती भी 10 अक्तूबर से हड़ताल की चेतावनी दे चुके हैं। आढ़ती एसोसिएशन ने हाल ही में चंडीगढ़ में भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) कार्यालय के बाहर धरना दिया था और अधिकारियों को मांग पत्र सौंपते हुए नौ अक्तूबर तक आढ़तियों की कमीशन का बकाया पैसा चुकाने की मांग की थी। इसके साथ ही एसोसिएशन ने यह एलान भी कर दिया था कि अगर उनका बकाया कमीशन जारी नहीं हुआ तो वह 10 अक्तूबर से मंडियों में धान खरीद का काम रोक देंगे।

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