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प्रशासन की ओर से रियायती दरों पर प्याज की बिक्री बंद, लोग मायूस
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चंडीगढ़। प्रशासक के आदेश के बावजूद चंडीगढ़ में रियायती दरों पर प्याज नहीं बेचा जा रहा है। नो प्रॉफिट, नो लॉस पर प्याज बेचने के लिए कम्यूनिटी सेंटरों में बनाए गए स्टॉल पिछले 15 दिनों से बंद पड़े हैं। उधर, फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट का कहना है कि प्याज की कीमतों में गिरावट के बाद स्टॉल बंद कर दिए गए थे।
बता दें कि त्योहारी सीजन से पहले प्याज के दाम 70 से 80 रुपये पहुंच गए थे। प्याज के बढ़ते दामों से लोगों को राहत देने के लिए 25 सितंबर को प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट को शहर में रियायती दरों पर प्याज बेचने के आदेश दिए थे। इसके बाद डिपार्टमेंट ने शहर में पांच इलाकों मनीमाजरा, मौलीजागरां, धनास, मलोया और इंडस्ट्रियल एरिया में स्टॉल लगाकर प्याज की बिक्री शुरू की थी। साथ ही 2 मोबाइल वैन पर भी प्याज बेचने की शुरुआत की थी। इसके जरिए 32 रुपये किलो की दर से प्याज बेचा जा रहा था। डिपार्टमेंट आधार कार्ड दिखाने पर एक हफ्ते में एक परिवार को दो किलो प्याज देता था लेकिन कुछ दिनों बाद इन स्टॉल पर प्याज की बिक्री बंद कर दी गई। अब प्याज की कीमतें बढ़ने के बाद लोग मायूस हैं। इस संबंध में फूड एंड सप्लाई इंस्पेक्टर सुशील कुमार का कहना है क्रि जब तक चंडीगढ़ में प्याज के दामों में तेजी रही तब तक ही नो प्राफिट एंड नो लॉस योजना के तहत लगाए गए स्टॉलों से प्याज की बिक्री की गई। प्याज के रेट जब 40 रुपये तक पहुंचे गए थे तब उच्चाधिकारियों के निर्देश पर स्टॉल्स को बंद कर दिया गया।
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बता दें कि त्योहारी सीजन से पहले प्याज के दाम 70 से 80 रुपये पहुंच गए थे। प्याज के बढ़ते दामों से लोगों को राहत देने के लिए 25 सितंबर को प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट को शहर में रियायती दरों पर प्याज बेचने के आदेश दिए थे। इसके बाद डिपार्टमेंट ने शहर में पांच इलाकों मनीमाजरा, मौलीजागरां, धनास, मलोया और इंडस्ट्रियल एरिया में स्टॉल लगाकर प्याज की बिक्री शुरू की थी। साथ ही 2 मोबाइल वैन पर भी प्याज बेचने की शुरुआत की थी। इसके जरिए 32 रुपये किलो की दर से प्याज बेचा जा रहा था। डिपार्टमेंट आधार कार्ड दिखाने पर एक हफ्ते में एक परिवार को दो किलो प्याज देता था लेकिन कुछ दिनों बाद इन स्टॉल पर प्याज की बिक्री बंद कर दी गई। अब प्याज की कीमतें बढ़ने के बाद लोग मायूस हैं। इस संबंध में फूड एंड सप्लाई इंस्पेक्टर सुशील कुमार का कहना है क्रि जब तक चंडीगढ़ में प्याज के दामों में तेजी रही तब तक ही नो प्राफिट एंड नो लॉस योजना के तहत लगाए गए स्टॉलों से प्याज की बिक्री की गई। प्याज के रेट जब 40 रुपये तक पहुंचे गए थे तब उच्चाधिकारियों के निर्देश पर स्टॉल्स को बंद कर दिया गया।
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