{"_id":"5f4dd7a949b2c30a7804e422","slug":"marriage-ragistration-work-responsibility-now-of-revenue-and-disaster-management-department","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा में विवाह पंजीकरण कराना है तो अब ये विभाग देखेगा कामकाज, जानिए क्या होगा प्रक्रिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाणा में विवाह पंजीकरण कराना है तो अब ये विभाग देखेगा कामकाज, जानिए क्या होगा प्रक्रिया
Tue, 01 Sep 2020 10:40 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 01 Sep 2020 10:40 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
हरियाणा में अब अनिवार्य विवाह पंजीकरण अधिनियम, 2008 से जुड़े कार्यों को राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग देखेगा। सरकार ने ये कार्य इस विभाग को हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। वर्तमान में विवाह पंजीकरण प्रक्रिया के संचालन का अधिकार गृह विभाग के साथ राजस्व विभाग के पास है। दोनों विभाग के सटीक डोमेन में अस्पष्टता होने पर यह निर्णय लिया गया कि इस विषय को गृह विभाग के बजाए राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग देखे। जल्द इसकी अधिसूचना जारी की जाएगी।
हरियाणा में ऑनलाइन विवाह पंजीकरण के लिए 15 जुलाई 2020 को राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक हुई थी। बैठक में बताया गया कि मौजूदा प्रक्रिया में आवेदकों (दुल्हन, दूल्हे और गवाहों) को एक से अधिक बार व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित होना पड़ता है, जिससे आवेदकों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसलिए यह फैसला लिया गया कि प्रक्रिया को संशोधित किया जाना चाहिए। इसके बाद आवेदकों को इस पूरी प्रक्त्रिस्या के दौरान केवल एक बार व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित होना पड़ेगा।
सरकार के अनुसार विवाह पंजीकरण संवेदनशील विषय है। यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि किसी भी स्तर पर किसी भी प्रकार के डाटा के हेरफेर की कोई गुंजाइश न हो। इसलिए आवेदन के लिए डाटा प्रविष्टि स्वयं आवेदक भरें। वर्तमान में विवाह पंजीकरण प्रक्रिया के कुछ हिस्से मैनुअल हैं और प्रक्रिया के उन हिस्सों को डिजिटल करने की आवश्यकता है। वर्तमान प्रक्रिया में यदि दुल्हन दस्तावेजों को प्रदान करने से इनकार करती है, तो आवेदन सिस्टम में यह लंबित रहता है।
विज्ञापन
आवेदन को पूरा करने के लिए समयसीमा को परिभाषित करने पर सहमति बनी है। यदि पूर्ण दस्तावेज और व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने जैसी सभी औपचारिकताएं तय सीमा के भीतर पूरी नहीं होती हैं, तो आवेदन स्वत: बंद हो जाएगा।
विज्ञापन
हरियाणा में ऑनलाइन विवाह पंजीकरण के लिए 15 जुलाई 2020 को राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक हुई थी। बैठक में बताया गया कि मौजूदा प्रक्रिया में आवेदकों (दुल्हन, दूल्हे और गवाहों) को एक से अधिक बार व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित होना पड़ता है, जिससे आवेदकों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसलिए यह फैसला लिया गया कि प्रक्रिया को संशोधित किया जाना चाहिए। इसके बाद आवेदकों को इस पूरी प्रक्त्रिस्या के दौरान केवल एक बार व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित होना पड़ेगा।
विज्ञापन
सरकार के अनुसार विवाह पंजीकरण संवेदनशील विषय है। यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि किसी भी स्तर पर किसी भी प्रकार के डाटा के हेरफेर की कोई गुंजाइश न हो। इसलिए आवेदन के लिए डाटा प्रविष्टि स्वयं आवेदक भरें। वर्तमान में विवाह पंजीकरण प्रक्रिया के कुछ हिस्से मैनुअल हैं और प्रक्रिया के उन हिस्सों को डिजिटल करने की आवश्यकता है। वर्तमान प्रक्रिया में यदि दुल्हन दस्तावेजों को प्रदान करने से इनकार करती है, तो आवेदन सिस्टम में यह लंबित रहता है।
विज्ञापन
आवेदन को पूरा करने के लिए समयसीमा को परिभाषित करने पर सहमति बनी है। यदि पूर्ण दस्तावेज और व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने जैसी सभी औपचारिकताएं तय सीमा के भीतर पूरी नहीं होती हैं, तो आवेदन स्वत: बंद हो जाएगा।