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लोकसभा चुनाव 2019 के लिए हरमोहन धवन चंडीगढ़ से 'आप' के उम्मीदवार, केजरीवाल का एलान
Sun, 20 Jan 2019 04:07 PM IST
खुशबू गोयल
अखिल तलवार, अमर उजाला, चंडीगढ़
अखिल तलवार, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sun, 20 Jan 2019 04:07 PM IST
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हरमोहन धवन
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लोकसभा चुनाव 2019 के लिए चंडीगढ़ से हरमोहन धवन आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार होंगे। पार्टी के संयोजक, दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल ने यह एलान किया। हरमोहन धवन पूर्व केंद्रीय मंत्री हैं और नवंबर 2018 में उन्होंने 'आप' ज्वॉइन की थी। संगरूर के सांसद भगवंत मान ने धवन को पार्टी की पहचान वाली टोपी पहनाकर 'आप' में शामिल कराया था।
हरमोहन धवन के 'आप' में शामिल होने से वे चंडीगढ़ की राजनीति के केंद्र में आ गए हैं। हरमोहन धवन एक कद्दावर नेता हैं। वे कई पार्टियों में अहम पदों पर रह चुके हैं। बसपा में शामिल होकर वे चुनाव भी लड़ चुके हैं और अब लोकसभा चुनाव 2019 में चंडीगढ़ से उनके आम आदमी पार्टी की ओर से चुनाव लड़ने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है।
हरमोहन धवन पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चंद्रशेखर की सरकार में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रह चुके हैं। इसके बाद वह कांग्रेस, बसपा बाद में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए, लेकिन इन पार्टियों में उन्हें इतना मान-सम्मान नहीं मिला तो उन्होंने चंडीगढ़ विचार मंच का गठन भी किया। निचले स्तर के मतदाताओं खासकर शहर के साथ लगती कॉलोनियों में उनकी अच्छी पकड़ है।
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हालांकि भाजपा और कांग्रेस ने अभी अपने प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं। मार्च के पहले हफ्ते में लोकसभा चुनाव कराए जाने के कयास लगाए जा रहे हैं। जनवरी को खत्म होने के दस दिन बचे हैं। तैयारी के लिए सिर्फ फरवरी बचा है। बरवाला रैली में आप सांसद भगवंत मान ने धवन की टिकट की घोषणा की। रैली में धवन भी मौजूद थे। वहां से वापस लौटते वक्त पार्टी की ओर से ट्ब्यिून चौक पर धवन का स्वागत किया गया।
डेढ़ महीने पहले शुरू कर दी थी चुनाव की तैयारी
टिकट की घोषणा होते ही हरमोहन धवन ने कहा कि उन्होंने चुनाव की तैयारी डेढ़ महीने पहले शुरू कर दी थी। अब तक पार्टी के 596 बूथ तैयार कर दिए गए हैं। ग्राउंड स्तर पर पार्टी कार्यकर्ता लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं। उन्होंने कहा बंसल और किरण खेर ने शहर के लिए कुछ नहीं किया। दोनों जनता को ठग रहे हैं। यदि जनता ने मुझे मौका दिया तो चंडीगढ़ की खूबसूरती को दोबारा से लौटाएंगे। इसके लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हूं।
आप-कांग्रेस के गठबंधन होने से फंस रही थी टिकट
सूत्रों ने बताया कि चार दिन पहले तक आप और कांग्रेस के बीच गठबंधन की बात चल रही थी। लेकिन शीला दीक्षित के दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के बनते ही उन्होंने गठबंधन से इंकार कर दिया था। उसके बाद आप ने भी अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी। बताया जा रहा है कि यदि आप और कांग्रेस का गठबंधन होता तो यह सीट कांग्रेस के खाते में जाती और यहां से मनीष तिवारी को टिकट मिलने की बात कही जा रही थी। ऐसे में धवन का पत्ता कट सकता था, लेकिन जब साफ हो गया कि गठबंधन नहीं होना है तो धवन के टिकट की घोषणा कर दी गई।
कई पार्टियों में रह चुके हैं धवन
साल 1989 में जनता दल से हरमोहन धवन चुनाव जीते थे। वे पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की सरकार में नागरिक उड्डयन मंत्री बने। उसके बाद वे चुनाव नहीं जीते। इस दौरान वे समाजवादी जनता पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, इंडियन नेशनल लोक दल, कांग्रेस और बीजेपी में रहे। बीजेपी को छोड़कर वे कांग्रेस में शामिल हुए।
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हरमोहन धवन के 'आप' में शामिल होने से वे चंडीगढ़ की राजनीति के केंद्र में आ गए हैं। हरमोहन धवन एक कद्दावर नेता हैं। वे कई पार्टियों में अहम पदों पर रह चुके हैं। बसपा में शामिल होकर वे चुनाव भी लड़ चुके हैं और अब लोकसभा चुनाव 2019 में चंडीगढ़ से उनके आम आदमी पार्टी की ओर से चुनाव लड़ने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है।
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हरमोहन धवन पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चंद्रशेखर की सरकार में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रह चुके हैं। इसके बाद वह कांग्रेस, बसपा बाद में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए, लेकिन इन पार्टियों में उन्हें इतना मान-सम्मान नहीं मिला तो उन्होंने चंडीगढ़ विचार मंच का गठन भी किया। निचले स्तर के मतदाताओं खासकर शहर के साथ लगती कॉलोनियों में उनकी अच्छी पकड़ है।
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हालांकि भाजपा और कांग्रेस ने अभी अपने प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं। मार्च के पहले हफ्ते में लोकसभा चुनाव कराए जाने के कयास लगाए जा रहे हैं। जनवरी को खत्म होने के दस दिन बचे हैं। तैयारी के लिए सिर्फ फरवरी बचा है। बरवाला रैली में आप सांसद भगवंत मान ने धवन की टिकट की घोषणा की। रैली में धवन भी मौजूद थे। वहां से वापस लौटते वक्त पार्टी की ओर से ट्ब्यिून चौक पर धवन का स्वागत किया गया।
डेढ़ महीने पहले शुरू कर दी थी चुनाव की तैयारी
टिकट की घोषणा होते ही हरमोहन धवन ने कहा कि उन्होंने चुनाव की तैयारी डेढ़ महीने पहले शुरू कर दी थी। अब तक पार्टी के 596 बूथ तैयार कर दिए गए हैं। ग्राउंड स्तर पर पार्टी कार्यकर्ता लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं। उन्होंने कहा बंसल और किरण खेर ने शहर के लिए कुछ नहीं किया। दोनों जनता को ठग रहे हैं। यदि जनता ने मुझे मौका दिया तो चंडीगढ़ की खूबसूरती को दोबारा से लौटाएंगे। इसके लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हूं।
आप-कांग्रेस के गठबंधन होने से फंस रही थी टिकट
सूत्रों ने बताया कि चार दिन पहले तक आप और कांग्रेस के बीच गठबंधन की बात चल रही थी। लेकिन शीला दीक्षित के दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के बनते ही उन्होंने गठबंधन से इंकार कर दिया था। उसके बाद आप ने भी अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी। बताया जा रहा है कि यदि आप और कांग्रेस का गठबंधन होता तो यह सीट कांग्रेस के खाते में जाती और यहां से मनीष तिवारी को टिकट मिलने की बात कही जा रही थी। ऐसे में धवन का पत्ता कट सकता था, लेकिन जब साफ हो गया कि गठबंधन नहीं होना है तो धवन के टिकट की घोषणा कर दी गई।
कई पार्टियों में रह चुके हैं धवन
साल 1989 में जनता दल से हरमोहन धवन चुनाव जीते थे। वे पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की सरकार में नागरिक उड्डयन मंत्री बने। उसके बाद वे चुनाव नहीं जीते। इस दौरान वे समाजवादी जनता पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, इंडियन नेशनल लोक दल, कांग्रेस और बीजेपी में रहे। बीजेपी को छोड़कर वे कांग्रेस में शामिल हुए।