फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Kisan Kanwar Yatra was taken out from Fatehabad to Tikri border in Haryana

किसान कांवड़ यात्रा: गांव से मिट्टी और जल लेकर टीकरी बॉर्डर पर पहुंचे युवा, किसानों ने किया भव्य स्वागत

Sun, 25 Jul 2021 05:22 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, भूना (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, भूना (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Sun, 25 Jul 2021 05:22 PM IST
सार

हरियाणा के फतेहाबाद में किसानों ने एक आनोखी कांवड़ यात्रा निकाली। गांव जांडली कला से किसान मिट्टी और जल लेकर टीकरी बॉर्डर पहुंचे। यहां किसानों का भव्य स्वागत किया गया। किसान आंदोलन के समर्थन में निकाली गई यह भव्य कांवड यात्रा चर्चा का विषय है। 

विज्ञापन
Kisan Kanwar Yatra was taken out from Fatehabad to Tikri border in Haryana
गांव जांडली कलां से किसान कांवड़ लेकर जाते युवा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हर साल शिव भक्त सावन महीने में गंगाजल की कांवड़ लेकर आते हैं। इस बार कोरोना महामारी के कारण कांवड़ यात्रा रद्द कर दी गई है। मगर किसान आंदोलन चल रहा है। इसलिए सावन के महीने में युवाओं ने किसान आंदोलन में जल व मिट्टी सेवा के रूप में कांवड़ ले जाने का फैसला लिया है। हरियाणा के फतेहाबाद जिले के गांव जांडली कलां से किसान प्रदीप रोहिल्ला की अध्यक्षता में टिकरी बॉर्डर दिल्ली के लिए यह कांवड़ शनिवार को रवाना हुई। 

विज्ञापन


किसान आंदोलन में धरना स्थल पर स्टेज बनाने के लिए जांडली कलां गांव से मिट्टी व पानी लेकर डाक कावड़ के रूप में एक पिकअप गाड़ी गई है। इस गाड़ी में करीब 20 किसान शामिल होकर टिकरी बॉर्डर दिल्ली के लिए गए हैं। पिकअप पर डीजे लगाया गया है, जैसे आमतौर पर कांवड़ लाने वाले शिव भक्त लगाते हैं।
विज्ञापन


माना जा रहा है कि गांव जांडली कलां के युवा किसानों ने आंदोलनरत किसानों में जोश भरने के लिए यह अनोखी शुरुआत की है। किसान यह कांवड़ लेकर टिकरी बॉर्डर पर धरने के लिए रवाना हुए हैं। किसान कांवड़ में शामिल युवाओं की टोली अपने गांव से मिट्टी व जल लेकर गई। यहां से दिल्ली तक करीब 180 किलोमीटर का पैदल सफर तय करके टिकरी बॉर्डर पहुंचे। यहां इनका जोरदार स्वागत किया गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


किसान प्रदीप ने बताया कि युवाओं को खेती व आंदोलन से जोड़ने के लिए यह सब कर रहे हैं। रवानगी से पहले गांव के बुजुर्गों की मीटिंग हुई थी, जिसमें इस किसान कांवड़ यात्रा के बारे में सहमति बनी थी। गांव के ही 21 युवाओं की ड्यूटी लगाई गई थी। कांवड़ यात्रा में जहां भगवान शंकर का गुणगान किया जाता है। वहीं इस यात्रा में किसान आंदोलन से जुड़े गीत बजाए जा रहे हैं। 


प्रदीप ने बताया कि वह शनिवार शाम को गांव से रवाना हुए थे। रविवार दोपहर टिकरी बॉर्डर धरने पर पहुंचे। उनकी यात्रा जिस भी गांव से निकल रही है, वहां के लोग भी उनको समर्थन दे रहे हैं। प्रदीप ने कहा है कि किसानों के आंदोलन ने किसानों को एकजुट किया है। यह आंदोलन आने वाली सरकार के लिए भी चेतावनी है कि किसान अपने ऊपर होने वाले अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेंगे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed