फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   a couple awaring people for blood donation to save life

जज्बे को सलामः खन्ना दम्पति जगा रहा रक्तदान की अलख, आइए मिलकर बचाएं एक जिंदगी

Wed, 10 Jun 2020 01:30 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Wed, 10 Jun 2020 01:30 PM IST
विज्ञापन
a couple awaring people for blood donation to save life
रक्तदान करते खन्ना दंपती - फोटो : अमर उजाला
दान के नाम पर पैसे देने वाले तो बहुत मिलेंगे लेकिन खून का दान कर किसी की जिंदगी बचाने वाले लोग बेहद खास होते हैं। ऐसे लोगों को आदर्श मानते हुए सभी को रक्तदान का संकल्प लेना चाहिए क्योंकि रक्तदान करके दूसरों की जिंदगी में खुशियां फैलाने के साथ खुद को भी आत्म संतुष्टि मिलती है। लोग कहते हैं एक और एक ग्यारह होते हैं इसलिए हम दोनों एक साथ मिलकर रक्तदान के अभियान को रफ्तार देने में जुटे हुए हैं।
विज्ञापन


यह कहना है पंचकूला निवासी कमल खन्ना और उनकी पत्नी मोनिका खन्ना का, जिन्होंने लॉकडाउन के दौरान भी 20 अप्रैल को एक साथ मिलकर रक्तदान कर लोगों को इस महादान का संदेश दिया। कमल खन्ना जहां पिछले 22 वर्षों से लगातार रक्तदान करते आ रहे हैं वहीं, उनकी पत्नी मोनिका पिछले 2 सालों से उनके साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रही हैं। खन्ना दंपती का कहना है कि जो भी व्यक्ति खून देने में समर्थ हैं उन्हें रक्तदान जरूर करना चाहिए।
विज्ञापन


ऑफिस से भी पहुंच जाते हैं रक्तदान करने
कमल ने बताया कि जब कभी किसी जरूरतमंद को खून की जरूरत पड़ती है और उन तक वह सूचना पहुंच जाती है तो वह रक्तदान करने चले जाते हैं। कमल ने बताया कि कई बार तो ड्यूटी के दौरान अगल-बगल कहीं रक्तदान शिविर लगने की सूचना मिलने पर जाकर रक्तदान कर आता हूं। कमल का कहना है कि रक्तदान के मानकों का पालन करते हुए साल में कम से कम दो से तीन बार हर हाल में खून देना चाहिए। वह रक्तदान को अपना लक्ष्य बना चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


कमल ने बताया कि शुरुआती दौर में खून देने से कमजोरी आने जैसी बातों से डर लगता था लेकिन जब लगातार खून देने लगा तो यह डर गलत साबित हुआ। कमल का कहना है कि खून देने से कमजोरी नहीं आती बल्कि आत्मविश्वास से चेहरे की चमक बढ़ती है इसलिए हर किसी को रक्तदान जरूर करना चाहिए।

महिलाओं को तोड़ना होगा भ्रम
मोनिका का कहना है कि जब सात फेरों में हर स्थिति में साथ चलने की कसम खाई है तो फिर रक्तदान जैसे पुण्य के काम मे अपने पति का साथ कैसे छोड़ सकती हूं। एक महिला होने के नाते मैं सभी महिलाओं को यही संदेश देना चाहती हूं कि वो भी रक्तदान में आगे आएं। खून की कमी, कमजोरी और अन्य बातों की चिंता किए बगैर मिलकर रक्तदान करें।


मोनिका ने बताया कि अगर किसी व्यक्ति को किसी भी तरह की शारीरिक समस्या होती है तो वो रक्तदान से पहले की जाने वाली काउंसलिंग में पता चल जाती है। इसके बाद उससे खून नहीं लिया जाता इसलिए खुद कुछ भी सोचकर घर में बैठने की बजाय बाहर निकलना होगा। बात बराबरी की करते हैं तो रक्तदान में भी आगे आना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed