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Chandigarh News: अपराधियों और पुलिस अधिकारियों के बीच सांठगांठ से लटक रही जांच, सिरसा के एसपी तलब

Mon, 13 May 2024 08:18 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 13 May 2024 08:18 PM IST
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Investigation stalled due to nexus between criminals and police officers, Sirsa SP summoned.
आठ साल से जांच पूरी न होने के मामले में हाईकोर्ट ने पुलिस को लगाई फटकार
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एसपी के हलफनामे में कई ऐसे मामलों का जिक्र, जिनकी जांच कई सालों से नहीं हुई पूरी



हाईकोर्ट ने कहा- देरी के कारण असंतोषजनक, पुलिस की ओर से कोर्ट में कोई अधिकारी न होने पर जताई नाराजगी


चंडीगढ़। सिरसा में आपराधिक मामलों की जांच में देरी पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए इसे पुलिस अधिकारियों व अपराधियों के बीच सांठगांठ का नतीजा माना है। हाईकोर्ट ने आपराधिक मामलों की जांच में देरी, देरी का संतोषजनक कारण न मिलने और केस की सुनवाई के दौरान पुलिस अधिकारियों की गैर मौजूदगी पर अब सिरसा के एसपी को तलब कर लिया है।



हाईकोर्ट के समक्ष 2016 में दर्ज एक एफआईआर में गिरफ्तारी से बचने के लिए दाखिल विजय कुमार सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पहुंची थी। एडवोकेट आदित्य सांघी के माध्यम से दाखिल याचिका में बताया कि 8 साल पुरानी एफआईआर में पुलिस याची को गिरफ्तार करना चाहती है। पिछली सुनवाई पर हाईकोर्ट ने सिरसा के एसपी से पूछा था कि ऐसा कौन सा सबूत उनके हाथ लगा है, जिसके आधार पर पुलिस उसे गिरफ्तार करना चाहती है। साथ ही यह भी कि सिरसा के सभी पुलिस थानों में ऐसे कितने मामले हैं, जिनकी जांच तीन साल से अधिक समय से लंबित है। हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार एसपी ने हलफनामा सौंपते हुए लंबित मामलों की जानकारी दी। इस हलफनामे पर हैरानी जताते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि बहुत बड़ी संख्या में ऐसे मामले मौजूद हैं, जिनमें जांच कई साल से विचाराधीन है। ऐसे मामलों की भी लंबी कतार है, जिसमें आरोपी कई सालों से गिरफ्तार नहीं हुए और बावजूद इसके उन्हें भगोड़ा घोषित नहीं किया गया। मौजूदा मामले में 2021 में कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल की गई थी और उसके बाद कोई नया सबूत हाथ नहीं लगा। बावजूद इसके याची को गिरफ्तार करने का भी कोई ठोस कारण नहीं बताया गया। हाईकोर्ट ने सिरसा पुलिस को सवालों के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया और पूछा कि आखिर क्यों आरोपियों की गिरफ्तारी बीते कई सालों से नहीं हुई है। फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट एक मामले में पिछले पांच साल से नहीं पहुंचने पर भी हाईकोर्ट ने हैरानी जताई।
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हाईकोर्ट ने कहा कि हमने पिछली सुनवाई पर मामले को बहुत गंभीरता से लिया था, लेकिन आश्चर्य की बात है कि आज राज्य सरकार के वकील की सहायता के लिए कोई भी पुलिस अधिकारी अदालत में मौजूद नहीं है। इससे स्पष्ट रूप से पता चलता है कि संबंधित अधिकारियों ने इस न्यायालय की ओर से पारित आदेश के प्रति सम्मान नहीं दिखाया है। ऐसे में हाईकोर्ट ने अब सिरसा के एसपी को अगली सुनवाई पर खुद हाजिर होने का आदेश दिया है।
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