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Chandigarh News: नौकरी दिलाने के नाम पर ठगने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, पुलिस ने चार को पकड़ा

Wed, 07 Sep 2022 11:25 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Wed, 07 Sep 2022 11:25 AM IST
सार

साइबर सेल के एसपी केतन बंसल ने बताया कि आरोपी रोजाना 800 से एक हजार लोगों को कॉल करते थे। इस दौरान पांच से सात लोग आरोपियों के झांसे में आकर रुपये दे देते थे। आरोपी एक व्यक्ति से 12 हजार से लेकर 90 हजार रुपये तक की ठग कर लेते थे।

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Interstate gang who cheated in the name of getting jobs exposed four arrested
साइबर सेल को मिली बड़ी सफलता। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

साइबर सेल थाना पुलिस ने नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश कर चार शातिरों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान मेरठ (उत्तर प्रदेश) जिले के सरधना निवासी पंकज (24), अरुण त्यागी (25), शाहदरा (दिल्ली) निवासी मृणाल शर्मा और जिला अमरोहा (उत्तर प्रदेश) निवासी अलोक कुमार (26) के रूप में हुई है।

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पुलिस ने आरोपियों से 13 टेलीफोन, दो लैपटॉप, दो मोबाइल, अलग-अलग बैंकों के छह डेबिट कार्ड, एक सीपीयू और एक डेस्कटॉप बरामद किया है। चारों पुलिस ने चारों को अदालत में पेश किया। जहां से तीन को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया जबकि चौथे आरोपी अलोक का तीन दिन का पुलिस रिमांड मिला है।
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रामदरबार निवासी युवती ने 90 हजार रुपये की धोखाधड़ी के मामले में पुलिस को शिकायत दी थी। पुलिस ने जब आरोपियों के बैंक खातों और सिम कार्ड की डिटेल्स खंगाली तो सुराग मिला। इसके बाद इंस्पेक्टर हरिओम शर्मा, एएसआई बलवान चंद, हवलदार गुरमीत सिंह, हवलदार विकास बसताडा, सिपाही सचिन त्यागी, सिपाही विकास कुमार, सिपाही परमजीत और सिपाही सरविंदर की टीम बनाई गई, जो नोएडा पहुंची।

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यहां आरोपी एक बिल्डिंग में फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे। आरोपियों ने आठ कर्मचारियों को भी रखा हुआ था। मृणाल शर्मा और अलोक कुमार गिरोह के मास्टरमाइंड हैं। आरोपी गरीब लोगों को चार से पांच हजार रुपये का लालच देकर उनके नाम पर सिम ले लेते थे और रोजाना एक सिम का इस्तेमाल कर उसे बंद कर देते थे। वहीं पंकज और अरुण त्यागी आरोपियों को बैंक खाते उपलब्ध करवाते थे। इसके लिए उन्हें 5 हजार रुपये मिलते थे। पुलिस ने बताया कि पंकज के खुद के नाम पर छह बैंक खाते हैं।

रोजाना 800 से एक हजार लोगों को करते थे कॉल, पांच से सात लोग बनते थे शिकार
साइबर सेल के एसपी केतन बंसल ने बताया कि आरोपी रोजाना 800 से एक हजार लोगों को कॉल करते थे। इस दौरान पांच से सात लोग आरोपियों के झांसे में आकर रुपये दे देते थे। आरोपी एक व्यक्ति से 12 हजार से लेकर 90 हजार रुपये तक की ठग कर लेते थे।

लोगों को झांसे में लेने के लिए मृणाल अंग्रेेजी में बात करता था। वह अच्छा पढ़ा लिखा है। केतन बंसल ने बताया कि आरोपियों ने फेक आईडी से शाइन डॉट कॉम से 40 हजार रुपये में डाटा खरीदा था। डाटे में उन्हें उन लोगों की नाम और मोबाइल नंबर मिले, जिन्होंने नौकरी के लिए अप्लाई कर रखा था। आरोपी नौकरी डॉट कॉम के अलावा शाइन डॉट कॉम और मान्स्टर डॉट कॉम पर भी नजर रखते थे।

रामदरबार निवासी युवती से नौकरी दिलाने के नाम पर ठगे थे 90 हजार
रामदरबार निवासी युवती पिंकल धीमान ने नौकरी डॉट कॉम पर पंजीकरण कराया था। उसे एक शख्स का फोन आया जिसने कहा कि वह बैंक में उसकी नौकरी लगवा देगा। पिंकल झांसे में आ गई। इसके बाद आरोपी ने कभी एडवांस फीस, कभी सत्यापन तो कभी प्रमाणपत्रों के सत्यापन के नाम पर पैसे लिए। इस तरह युवती से 90 हजार 610 रुपये की ठगी की गई।

इसके बाद भी आरोपी और पैसे मांगते रहे लेकिन युवती को अहसास हो गया था कि उसके साथ ठगी हुई है। इसके बाद आरोपियों ने मोबाइल बंद कर दिया। बाद में पिंकल ने पुलिस को शिकायत दी। साइबर सेल थाने ने 29 अगस्त को अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

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