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स्वास्थ्य सेवाएं होंगी बेहतर, एक सप्ताह में पंजाब व हरियाणा के 74 एमएस ने संभाला पदभार
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चंडीगढ़। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पंजाब और हरियाणा से डॉक्टरों का पैनल मांगा था। इसके तहत पिछले एक सप्ताह में पंजाब से 30 और हरियाणा से 44 मेडिकल ऑफिसरों (एलोपैथी) ने चंडीगढ़ में ज्वाइन कर लिया है। प्रशासन ने दोनों प्रदेशों से वरिष्ठ मेडिकल ऑफिसर, मेडिकल ऑफिसर व दंत रोग विशेषज्ञों का पैनल मांगा था। इसके साथ ही सभी केंद्र शासित प्रदेशों और हिमाचल प्रदेश को भी पत्र लिखकर पैनल मांगा लिया था। अन्य प्रदेशों से आए आवेदनों की स्क्रीनिंग होना शेष है। वहीं डॉक्टरों की सीधी भर्ती के लिये प्रशासन ने यूपीएससी को भी पत्र लिख दिया है।
स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग ने बताया कि प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल के साथ इसी साल फरवरी में एक बैठक हुई थी, जिसमें स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों की स्थिति की समीक्षा हुई थी। कर्मचारियों की कमी को देखते हुए प्रशासक के सलाहकार ने निर्देश दिए थे कि कर्मचारियों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू करें। पंजाब व हरियाणा से योग्य डॉक्टर न मिलें तो हिमाचल व अन्य केंद्र शासित प्रदेशों से मांगें। साथ ही सीधी भर्ती की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी करें। इस संबंध में विज्ञापन जारी करने के साथ ही विभिन्न केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य सचिवों को पत्र लिखकर जानकारी दी गई। आवेदकों के आवेदन पत्रों की स्क्रीनिंग व साक्षात्कार के लिए एक कमेटी बनाई गई थी। इसमें स्वास्थ्य सचिव के साथ ही जीएमसीएच-32 व स्वास्थ्य विभाग की निदेशक स्वास्थ्य को रखा गया था। कमेटी की ओर से सहमति मिलने के बाद प्रशासक के सलाहकार के सामने प्रस्ताव रखा गया। धर्मपाल ने एक माह के अंदर स्क्रीनिंग को पूरा करने के निर्देश दिए हैं ताकि कर्मचारियों की कमी को पूरा किया जा सके।
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15 दिनों में मिला बेहतर रुझान
स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि आवेदन मांगने के बाद पिछले 15 दिनों में काफी अच्छा रुझान देखने को मिला है। इसमें नौ चिकित्सा अधिकारी (दंत), दो चिकित्सा अधिकारी (एलोपैथिक) और दो ड्रग इंस्पेक्टर का चयन हुआ है। इसके अलावा कई डॉक्टरों और अधिकारियों का प्रस्ताव प्रक्रिया में है। उन पर विचार चल रहा है। इसके अलावा विभिन्न केंद्र शाषित प्रदेशों से भी आवेदन काफी संख्या में आए हैं। सभी दस्तावेजों की जांच चल रही है। उसके बाद उन्हें साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा।
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स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग ने बताया कि प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल के साथ इसी साल फरवरी में एक बैठक हुई थी, जिसमें स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों की स्थिति की समीक्षा हुई थी। कर्मचारियों की कमी को देखते हुए प्रशासक के सलाहकार ने निर्देश दिए थे कि कर्मचारियों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू करें। पंजाब व हरियाणा से योग्य डॉक्टर न मिलें तो हिमाचल व अन्य केंद्र शासित प्रदेशों से मांगें। साथ ही सीधी भर्ती की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी करें। इस संबंध में विज्ञापन जारी करने के साथ ही विभिन्न केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य सचिवों को पत्र लिखकर जानकारी दी गई। आवेदकों के आवेदन पत्रों की स्क्रीनिंग व साक्षात्कार के लिए एक कमेटी बनाई गई थी। इसमें स्वास्थ्य सचिव के साथ ही जीएमसीएच-32 व स्वास्थ्य विभाग की निदेशक स्वास्थ्य को रखा गया था। कमेटी की ओर से सहमति मिलने के बाद प्रशासक के सलाहकार के सामने प्रस्ताव रखा गया। धर्मपाल ने एक माह के अंदर स्क्रीनिंग को पूरा करने के निर्देश दिए हैं ताकि कर्मचारियों की कमी को पूरा किया जा सके।
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15 दिनों में मिला बेहतर रुझान
स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि आवेदन मांगने के बाद पिछले 15 दिनों में काफी अच्छा रुझान देखने को मिला है। इसमें नौ चिकित्सा अधिकारी (दंत), दो चिकित्सा अधिकारी (एलोपैथिक) और दो ड्रग इंस्पेक्टर का चयन हुआ है। इसके अलावा कई डॉक्टरों और अधिकारियों का प्रस्ताव प्रक्रिया में है। उन पर विचार चल रहा है। इसके अलावा विभिन्न केंद्र शाषित प्रदेशों से भी आवेदन काफी संख्या में आए हैं। सभी दस्तावेजों की जांच चल रही है। उसके बाद उन्हें साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा।
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