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मई में चंडीगढ़ पहुंचेगा फ्रेंच डेलिगेशन, विरासत संरक्षण को लेकर होगी चर्चा
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चंडीगढ़। करीब दो साल बाद मंगलवार को यूटी प्रशासन के हेरिटेज प्रोटेक्शन सेल की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने की। बैठक में अधिकारियों की तरफ से बताया गया कि मई महीने में एक फ्रेंच डेलिगेशन चंडीगढ़ पहुंचेगा। उनके साथ विरासत संरक्षण को लेकर बैठक होगी। साथ ही अन्य कई मुद्दों पर भी चर्चा होगी।
बैठक में प्रशासक के सलाहकार को चंडीगढ़ के हेरिटेज फर्नीचर व अन्य आइटम्स की जानकारी दी गई। इसके बाद चीफ आर्किटेक्ट कपिल सेतिया की तरफ से बताया गया कि शहर में किन-किन जगहों पर हेरिटेज फर्नीचर मौजूद हैं और उनका कितना महत्व है। विस्तृत प्रस्तुति (प्रेजेंटेशन) देखने के बाद धर्मपाल ने कहा कि विरासती फर्नीचर को बचाने के लिए एक लीगल फ्रेमवर्क की आवश्यकता है। बैठक में अधिकारियों ने असली और नकली हेरिटेज फर्नीचर के बीच पहचान की जरूरत पर भी बल दिया।
हेरिटेज प्रोटेक्शन सेल के सदस्य अजय जग्गा ने कहा कि बड़ा मुद्दा यह भी है कि चंडीगढ़ का फर्नीचर भारत की सीमा से बाहर नहीं जाना चाहिए और जो फर्नीचर विदेश में नीलाम हो रहे हैं, उन्हें कैसे वापस लाया जाए, इस पर विचार जरूरी है। कहा गया कि शहर का विकास जरूरी है, लेकिन हेरिटेज को बरकरार रखते हुए। जग्गा ने प्रधानमंत्री द्वारा हेरिटेज पर दिए गए व्यक्तित्व का एक तीन पेज का रिप्रेजेंटेशन भी सलाहकार को दिया और कहा कि चंडीगढ़ को भी इनका पालन करना चाहिए। उसमें वाराणसी का उदाहरण दिया गया है कि कैसे वाराणसी ने अपने विरासत को संभालते हुए विकास किया है।
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बैठक में प्रशासक के सलाहकार को चंडीगढ़ के हेरिटेज फर्नीचर व अन्य आइटम्स की जानकारी दी गई। इसके बाद चीफ आर्किटेक्ट कपिल सेतिया की तरफ से बताया गया कि शहर में किन-किन जगहों पर हेरिटेज फर्नीचर मौजूद हैं और उनका कितना महत्व है। विस्तृत प्रस्तुति (प्रेजेंटेशन) देखने के बाद धर्मपाल ने कहा कि विरासती फर्नीचर को बचाने के लिए एक लीगल फ्रेमवर्क की आवश्यकता है। बैठक में अधिकारियों ने असली और नकली हेरिटेज फर्नीचर के बीच पहचान की जरूरत पर भी बल दिया।
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हेरिटेज प्रोटेक्शन सेल के सदस्य अजय जग्गा ने कहा कि बड़ा मुद्दा यह भी है कि चंडीगढ़ का फर्नीचर भारत की सीमा से बाहर नहीं जाना चाहिए और जो फर्नीचर विदेश में नीलाम हो रहे हैं, उन्हें कैसे वापस लाया जाए, इस पर विचार जरूरी है। कहा गया कि शहर का विकास जरूरी है, लेकिन हेरिटेज को बरकरार रखते हुए। जग्गा ने प्रधानमंत्री द्वारा हेरिटेज पर दिए गए व्यक्तित्व का एक तीन पेज का रिप्रेजेंटेशन भी सलाहकार को दिया और कहा कि चंडीगढ़ को भी इनका पालन करना चाहिए। उसमें वाराणसी का उदाहरण दिया गया है कि कैसे वाराणसी ने अपने विरासत को संभालते हुए विकास किया है।
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