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Chandigarh News: नशे से जुड़े केसों की सुनवाई के लिए प्रदेश में खुलेंगे चार फास्ट ट्रैक कोर्ट
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मुख्य सचिव ने कहा-एसडीएम हर महीने नशा मुक्ति केंद्र का दौरा करें
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। एनडीपीएस एक्ट की सुनवाई के लिए प्रदेश सरकार चार और फास्ट ट्रैक कोर्ट खोलेगी। यह फास्ट ट्रैक कोर्ट गुरुग्राम, रोहतक, फरीदाबाद और यमुनानगर में खुलेंगी। यह जानकारी मुख्य सचिव संजीव कौशल ने दी। उन्होंने मंगलवार को कहा कि सिरसा फास्ट ट्रैक कोर्ट के ब्लूप्रिंट के बाद, फतेहाबाद, अंबाला, हिसार, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र और पानीपत में सात और फास्ट ट्रैक कोर्ट अधिसूचित किए गए हैं। चार कोर्ट को खोलन के लिए सरकार काफी तेजी से कार्य कर रही है। मुख्य सचिव मंगलवार को छठी नेशनल नारकोर्टिक्स कोआर्डिनेंस कमेटी की राज्य स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर हर माह नेशनल नारकोर्टिक्स कोआर्डिनेंस कमेटी की बैठकें आयोजित की जाए और उनकी रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड की जाएं। उपायुक्त तिमाही और एसडीएम हर माह जिला में कार्यरत नशा मुक्ति केंद्र की निगरानी करें और इसकी रिपोर्ट अवश्य अपलोड करें।
3306 केस दर्ज कर 4452 आरोपी गिरफ्तार
बैठक में मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि कई जिलों के उपायुक्त एवं एसडीएम की रिपोर्ट लंबित है। उसे जल्द से जल्द पोर्टल पर अपलोड करें। उन्होंने कहा कि एनसीबी द्वारा नशीले पदार्थ की रोकथाम के लिए नियमित रूप से कार्रवाई की जा रही है। अब तक 3306 केस दर्ज कर 4452 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा 40 क्विंटल अफीम भी पकड़ी गई है। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थ बेचते हुए पाए जाने वाले मामलों में 15 दिन के लिए एफएसएल रिपोर्ट की जानी चाहिए ताकि केसों का निपटारा करने में दिक्कतें पेश न आए।
नए खोले जाएंगे नशा मुक्ति केंद्र
मुख्य सचिव ने कहा कि 15 जिलों में नशा मुक्ति केन्द्र संचालित किए जा रहे हैं। उनके लाइसेंस नवीनीकरण के बारे भी कारवाई अमल में लाई जाए। इसके अलावा अन्य जिलों में भी नशा मुक्ति केंद्र खोलने के बारे में प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजा गया है। 13 नशा मुक्ति केन्द्र प्राइवेट संस्थाओं द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर पुलिस, आबकारी एवं राजस्व विभाग के राजपत्रित अधिकारियों को एनडीपीएस एक्ट के तहत नशा मुक्ति केन्द्रों की जांच कर कारवाई करने के लिए अधिकृत किया जाए। इसके अलावा बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले नशा मुक्ति केन्द्रों की रेटिंग की जाएगी। इसके लिए नशा मुक्ति केन्द्रों के समक्ष आने वाले समस्याओं का समाधान करने लिए जल्द ही पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। एनडीपीएस एक्ट की सुनवाई के लिए प्रदेश सरकार चार और फास्ट ट्रैक कोर्ट खोलेगी। यह फास्ट ट्रैक कोर्ट गुरुग्राम, रोहतक, फरीदाबाद और यमुनानगर में खुलेंगी। यह जानकारी मुख्य सचिव संजीव कौशल ने दी। उन्होंने मंगलवार को कहा कि सिरसा फास्ट ट्रैक कोर्ट के ब्लूप्रिंट के बाद, फतेहाबाद, अंबाला, हिसार, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र और पानीपत में सात और फास्ट ट्रैक कोर्ट अधिसूचित किए गए हैं। चार कोर्ट को खोलन के लिए सरकार काफी तेजी से कार्य कर रही है। मुख्य सचिव मंगलवार को छठी नेशनल नारकोर्टिक्स कोआर्डिनेंस कमेटी की राज्य स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर हर माह नेशनल नारकोर्टिक्स कोआर्डिनेंस कमेटी की बैठकें आयोजित की जाए और उनकी रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड की जाएं। उपायुक्त तिमाही और एसडीएम हर माह जिला में कार्यरत नशा मुक्ति केंद्र की निगरानी करें और इसकी रिपोर्ट अवश्य अपलोड करें।
3306 केस दर्ज कर 4452 आरोपी गिरफ्तार
बैठक में मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि कई जिलों के उपायुक्त एवं एसडीएम की रिपोर्ट लंबित है। उसे जल्द से जल्द पोर्टल पर अपलोड करें। उन्होंने कहा कि एनसीबी द्वारा नशीले पदार्थ की रोकथाम के लिए नियमित रूप से कार्रवाई की जा रही है। अब तक 3306 केस दर्ज कर 4452 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा 40 क्विंटल अफीम भी पकड़ी गई है। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थ बेचते हुए पाए जाने वाले मामलों में 15 दिन के लिए एफएसएल रिपोर्ट की जानी चाहिए ताकि केसों का निपटारा करने में दिक्कतें पेश न आए।
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नए खोले जाएंगे नशा मुक्ति केंद्र
मुख्य सचिव ने कहा कि 15 जिलों में नशा मुक्ति केन्द्र संचालित किए जा रहे हैं। उनके लाइसेंस नवीनीकरण के बारे भी कारवाई अमल में लाई जाए। इसके अलावा अन्य जिलों में भी नशा मुक्ति केंद्र खोलने के बारे में प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजा गया है। 13 नशा मुक्ति केन्द्र प्राइवेट संस्थाओं द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर पुलिस, आबकारी एवं राजस्व विभाग के राजपत्रित अधिकारियों को एनडीपीएस एक्ट के तहत नशा मुक्ति केन्द्रों की जांच कर कारवाई करने के लिए अधिकृत किया जाए। इसके अलावा बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले नशा मुक्ति केन्द्रों की रेटिंग की जाएगी। इसके लिए नशा मुक्ति केन्द्रों के समक्ष आने वाले समस्याओं का समाधान करने लिए जल्द ही पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
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