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पंजाब-हरियाणा में किसान आंदोलन का असर, सब्जियां पहुंच रहीं चंडीगढ़, आसमान छू रहे हैं दाम
Sat, 26 Sep 2020 11:42 AM IST
खुशबू गोयल
नवदीप मिश्रा, चंडीगढ़
नवदीप मिश्रा, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 26 Sep 2020 11:42 AM IST
सार
- सेक्टर-26 सब्जी मंडी में अब तक 200 रुपये किलो तक मिल रही थी मटर
- पंजाब और हरियाणा की मंडी बंद होने से सब्जियां सीधे चंडीगढ़ पहुंच रहीं
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Getty Images
विस्तार
किसान आंदोलन का असर शहर की सब्जी मंडी पर दिखने लगा है। सेक्टर-26 सब्जी मंडी में अब तक 200 रुपये किलो बिक रही मटर शुक्रवार को 120 रुपये किलो बिकी। वहीं, 80 रुपये किलो बिक रहा टमाटर 30 रुपये में बिका। पंजाब व हरियाणा की बड़ी मंडियां बंद होने से अब सब्जी विक्रेता चंडीगढ़ पहुंच रहे हैं। अरिहंत वेजिटेबल आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष कस्तूरी लाल शर्मा ने बताया कि पहले सब्जियां पहाड़ों से आ रही थीं, इसलिए महंगी थीं।
अब बाहर से भी सब्जी आने लगी है। वहीं, पंजाब में किसान आंदोलन के कारण जालंधर, लुधियाना, अमृतसर, पठानकोट व बठिंडा की मंडियां बंद हैं। इधर, हरियाणा में करनाल, सोनीपत, पानीपत, भिवानी और अंबाला की मंडियां बंद हैं। सब्जी विक्रेताओं के पास चंडीगढ़ ही एकमात्र विकल्प बचता है। हालांकि, किसान आंदोलन के कारण कई मार्ग भी प्रभावित हैं। ऐसे में लोग प्रयास करते हैं कि जो सब्जी लेकर आए हैं, उसे किसी भी तरह बेचकर ही जाएं, इसलिए सब्जियों के दाम काफी कम हो गए हैं।
इंदौर-पुष्कर की फूलगोभी से दाम में आई गिरावट
आढ़तियों ने बताया कि अभी तक हिमाचल से फूलगोभी आ रही थी। आवक कम थी और खपत ज्यादा, इसलिए 60 रुपये किलो तक मंडी में बिक रही थी। जो रिटेल में 80 रुपये किलो तक पहुंच जाती थी। रेहड़ी वाले जब यही गोभी सेक्टरों में ले जाते थे तो 100 रुपये किलो भी बेची जाती थी। अब इंदौर और पुष्कर से फूलगोभी आने लगी है। अब गोभी मंडी में 40 रुपये किलो है, जो लोगों तक 50 रुपये किलो तक पहुंचेगी।
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अब बाहर से भी सब्जी आने लगी है। वहीं, पंजाब में किसान आंदोलन के कारण जालंधर, लुधियाना, अमृतसर, पठानकोट व बठिंडा की मंडियां बंद हैं। इधर, हरियाणा में करनाल, सोनीपत, पानीपत, भिवानी और अंबाला की मंडियां बंद हैं। सब्जी विक्रेताओं के पास चंडीगढ़ ही एकमात्र विकल्प बचता है। हालांकि, किसान आंदोलन के कारण कई मार्ग भी प्रभावित हैं। ऐसे में लोग प्रयास करते हैं कि जो सब्जी लेकर आए हैं, उसे किसी भी तरह बेचकर ही जाएं, इसलिए सब्जियों के दाम काफी कम हो गए हैं।
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इंदौर-पुष्कर की फूलगोभी से दाम में आई गिरावट
आढ़तियों ने बताया कि अभी तक हिमाचल से फूलगोभी आ रही थी। आवक कम थी और खपत ज्यादा, इसलिए 60 रुपये किलो तक मंडी में बिक रही थी। जो रिटेल में 80 रुपये किलो तक पहुंच जाती थी। रेहड़ी वाले जब यही गोभी सेक्टरों में ले जाते थे तो 100 रुपये किलो भी बेची जाती थी। अब इंदौर और पुष्कर से फूलगोभी आने लगी है। अब गोभी मंडी में 40 रुपये किलो है, जो लोगों तक 50 रुपये किलो तक पहुंचेगी।
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कुछ इस तरह हैं दाम
मटर- होलसेल : 120 रुपये किलो
40 किलो (एक बोरी) : 5000
टमाटर- होलसेल : 30 से 32 रुपये किलो
एक कैरेट (25 किलो): 750 से 800 रुपये
भिंडी- होलसेल : 15 रुपये किलो
एक पैकेट (20 किलो) : 300 रुपये
तोरई- होलसेल : 10 से 12 रुपये किलो
एक पैकेट (20 किलो) : 250 रुपये
फूलगोभी- होलसेल : 40 रुपये किलो
एक पेटी (25 किलो) : 1000
40 किलो (एक बोरी) : 5000
टमाटर- होलसेल : 30 से 32 रुपये किलो
एक कैरेट (25 किलो): 750 से 800 रुपये
भिंडी- होलसेल : 15 रुपये किलो
एक पैकेट (20 किलो) : 300 रुपये
तोरई- होलसेल : 10 से 12 रुपये किलो
एक पैकेट (20 किलो) : 250 रुपये
फूलगोभी- होलसेल : 40 रुपये किलो
एक पेटी (25 किलो) : 1000