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Chandigarh News: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर किसानों की चिंता, सियासत गरमाई

Wed, 04 Feb 2026 08:20 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 04 Feb 2026 08:20 PM IST
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Farmers express concerns over India-US trade agreement, sparking political controversy.
संवाद न्यूज एजेंसी
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हलवारा। भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर किसानों में गहरी चिंता देखी जा रही है। भारतीय किसान यूनियन (दोआबा) समेत कई किसान संगठनों ने समझौते को किसान विरोधी करार देते हुए इसका कड़ा विरोध शुरू कर दिया है। किसान नेताओं का कहना है कि सब्सिडी वाले अमेरिकी कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में आने से देश के किसानों, विशेषकर पंजाब के किसानों की आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।
अमेरिकी कृषि मंत्री ब्रूक रॉलिंस ने 2 फरवरी को सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा था कि भारत के साथ समझौते से अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए भारतीय बाजार के दरवाजे खुलेंगे, जिससे अमेरिकी किसानों को फायदा होगा। इसी बयान के बाद किसान संगठनों में चिंता और नाराजगी बढ़ गई।
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किसान संगठनों का आरोप
बीकेयू दोआबा के प्रधान मंजीत सिंह राय ने कहा कि भारत सरकार ने यह समझौता कर किसानों की मौत के वारंट पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। उनके अनुसार मक्के समेत अन्य फसलों और डेयरी सेक्टर पर इसका सीधा नकारात्मक असर पड़ेगा। जिला प्रधान जसप्रीत सिंह ढट्ट ने आरोप लगाया कि यह समझौता अमेरिका के दबाव में और “अंडर टेबल” किया गया है, जिससे किसान आर्थिक रूप से टूट सकते हैं।
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सरकार का पक्ष
वहीं केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने लोकसभा में किसानों की आशंकाओं को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता किसान है। देश का किसान पहले, बाकी सब बाद में। गोयल ने स्पष्ट किया कि कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को पूरी तरह संरक्षित रखा गया है और इन पर शून्य टैरिफ जैसी कोई व्यापक सहमति नहीं बनी है। कुल मिलाकर, जहां सरकार समझौते को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम बता रही है, वहीं किसान संगठनों का विरोध फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा।
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