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Hindi News ›   Chandigarh ›   Farmer Protest Big decision in Mahapanchayat 40 villages farmers will go to Shambhu and Data Singh Wala border

Farmer Protest: सिसाय महापंचायत में बड़ा फैसला, 40 गांवों के किसान शंभू और दाता सिंह वाला बॉर्डर पर जाएंगे

Fri, 16 Feb 2024 09:21 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, हिसार/करनाल/रोहतक
अमर उजाला नेटवर्क, हिसार/करनाल/रोहतक Published by: शाहरुख खान Updated Fri, 16 Feb 2024 09:21 AM IST
सार

हिसार के सिसाय कालीरामण में 40 से अधिक गांवों के किसानों की महापंचायत ने 20 फरवरी को दाता सिंह वाला व शंभू बार्डर की ओर कूच का एलान किया है।  इससे पहले 18 फरवरी को किसान अपने-अपने गांव में ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे।

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Farmer Protest Big decision in Mahapanchayat 40 villages farmers will go to Shambhu and Data Singh Wala border
हरियाणा के पांच किसान संगठनों का समर्थन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली कूच के लिए शंभू बार्डर पर अड़े किसान संगठनों के समर्थन में हरियाणा के किसान संगठन भी खुलकर आने लगे हैं। गुरुवार को भारतीय किसान यूनियन चढूनी और टिकैत गुट भी आंदोलन में कूद पड़े। उधर, हिसार जिले के सिसाय गांव में हुई पंचायत में किसान संगठनों ने निर्णय लिया कि 18 फरवरी को किसान अपने-अपने गांव में ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे। 
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20 फरवरी को जिले के करीब 40 गांवों के किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लेकर शंभू और दाता सिंह वाला बॉर्डर जाएंगे। इसके लिए 50 सदस्यों की कमेटी का भी गठन किया गया है। 13 फरवरी से शुरू हुए किसान आंदोलन-2 से शुरुआत में हरियाणा के किसान संगठनों ने दूरी बनाई हुई थी, लेकिन हरियाणा पुलिस की ओर से किसानों पर आंसू गैस के गोले छोड़े जाने से किसान संगठन उखड़ गए।
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आनन-फानन किसान संगठनों ने बैठक कर आंदोलनकारियों का साथ देने का निर्णय लिया। भाकियू (चढूनी) के पदाधिकारियों ने कुरुक्षेत्र के शाहाबाद स्थित चढूनी गांव में बैठक कर सर्वसम्मति से पंजाब के किसानों का साथ देने का एलान किया। 
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टोल फ्री कराने को लेकर कमेटियों का गठन किया गया है। वहीं, जींद की जाट धर्मशाला में कंडेला, माजरा सहित कई खापों की बैठक में किसानों और सरकार की बैठक के चलते कोई फैसला नहीं लिया गया। फिलहाल शुक्रवार को भारत बंद का समर्थन करेंगे।

फतेहाबाद में पंजाब सीमा पर शांति, अयाल्की में डटे किसान
फतेहाबाद के गांव अयाल्की के पास अखिल भारतीय खेती बचाओ संघर्ष समिति के किसान पक्का मोर्चा लगाकर बैरिकेड्स के आगे लगातार तीसरे दिन बैठे रहे। सिरसा में भी पंजाब की सीमाओं पर किसी तरह का हलचल नहीं देखा गया।

 

जाखल में किसानों ने चार घंटे जाम रखा रेलवे ट्रैक
पंजाब के किसान संगठनों के रेल रोको आह्वान का असर वीरवार को फतेहाबाद के जाखल में भी देखने को मिला। यहां किसानों ने दोपहर 12 से 4 बजे तक रेल ट्रैक को जाम रखा। हालांकि हिसार लुधियाना ट्रैक पर ट्रेनों का आवागमन रोजाना की तरह सुचारू रूप से होता रहा। हालांकि इस बीच जाखल से कोई गाड़ी नहीं गुजरती है।

बालू और जाटू खाप ने किसानों को समर्थन देने का लिया फैसला 
किसानों को समर्थन देने के लिए कलायत के बालू गांव में वीरवार को हुई खाप की बैठक हुई। इसमें किसानों को समर्थन देने का फैसला लिया गया। भिवानी के गांव धनाना के ऐतिहासिक बंगले में सर्वजातीय जाटू खाप 84 की बैठक हुई। इसमें संयुक्त किसान मोर्चा व केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के भारत बंद व किसान आंदोलन में शामिल होने का निर्णय लिया। वहीं किसानों का भी समर्थन करने का निर्णय लिया गया।

रोहतक में टिटोली के किसानों ने लगाया टेंट
वीरवार को टिटोली में किसानों ने टेंट लगाकर अपना पहला स्थायी शिविर शुरू कर दिया है। यहां करीब 10 गांवों के ग्रामीण इकट्ठा हुए हैं। सभी ने पहले आसपास की झाड़ियां साफ कीं, फिर आने-जाने वालों के लिए जलपान शुरू किया। नायब तहसीलदार ने इन्हें दोपहर 2 बजे तक बैठने की अनुमति दी थी। लेकिन, किसान 5 बजे तक वहीं डटे रहे। इधर, लाखनमाजरा में जींद रोड सील रहा। यहीं पुलिस ने वाटर कैनन व आंसू गैस के गोले छोड़ने का अभ्यास किया।
 

किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ पर हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज
दातासिंह वाला बॉर्डर पर मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों और पुलिस की झड़प में जवानों को घायल करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने व सरकारी गाड़ियों को क्षतिग्रस्त करने पर किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़, लखा सिधाना, सुरेंद्र समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। बॉर्डर पर तैनात हरियाणा पुलिसकर्मी सिरसा निवासी सुरेश की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर जींद के गढ़ी थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।

सरकार में जिस तरह से किसानों के साथ जिस तरह से बर्ताव किया है वो अशोभनीय है। पदाधिकारियों की बैठक में सर्वसम्मति से किसान आंदोलन में कूदने का एलान किया गया है। हम अन्य किसान संगठनों और खापों से भी मदद की अपील कर रहे हैं, ताकि सभी मिलकर एक साथ आंदोलन में उतरें। हमारा आंदोलन पूरी तरह से शांतिपूर्ण होगा और किसी भी प्रकार का कोई टकराव नहीं होगा। रविवार को संगठनों के साथ बैठक करके आगामी रणनीति की घोषणा की जाएगी। गुरनाम सिंह चढूनी, प्रदेशाध्यक्ष, भाकियू ।
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