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बड़ी राहतः हटाई गई शर्त, अब जेबीटी को तबादले के लिए नहीं भरना होगा 22 जिलों का विकल्प
Sat, 03 Aug 2019 11:07 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 03 Aug 2019 11:07 AM IST
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फाइल फोटो
हरियाणा में अंतर जिला तबादलों में भाग लेने वाले जेबीटी अब 22 जिलों का विकल्प भरने के लिए बाध्य नहीं है। मौलिक शिक्षा निदेशालय ने विकल्प भरने में लगाई यह अहम शर्त हटा दी है। विकल्प भरने के लिए पोर्टल को 2 से 5 अगस्त तक फिर से खोला गया है। अब मनमाफिक जिलों में जाने के लिए जेबीटी अपनी पसंद के जिला चुन सकेंगे। जिन शिक्षकों में पहले विकल्प भर दिए हैं, वे दोबारा से विकल्प भर सकते हैं। मौलिक शिक्षा निदेशालय ने सभी डीईईओ को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं।
पहले यह शर्त थी कि जेबीटी को सभी 22 जिलों का विकल्प भरना था, निदेशालय उस आधार पर जेबीटी को किसी भी जिले में भेज सकता था। नए आदेशों के तहत जेबीटी एक, तीन या अधिकतम जिले भर सकते हैं। इस संबंध में 23 जुलाई 2019 को हरियाणा प्राइमरी टीचर एसोसिएशन की मीटिंग मौलिक शिक्षा निदेशक महेश्वर शर्मा से हुई थी। जिसमें एसोसिएशन इस मांग पर अड़ी रही कि जेबीटी को यह अवसर दिया जाए कि वह चाहे एक जिला भरे या दो भरे या 22।
उसी के अनुसार उसका तबादला किया जाना चाहिए, टीचर को 22 जिले भरने के लिए मजबूर न किया जाए। इससे टीचर उन जिलों में जाने के लिए मजबूर हो जाएगा जहां वह जाना नहीं चाहता। एसोसिएशन ने यह भी मांग की थी कि यदि अध्यापक द्वारा भरा गया एक जिला उसको नहीं मिलता है तो उसको उसी जिले में रखा जाए जिस जिले में वह वर्तमान में कार्यरत है। एसोसिएशन के प्रवक्ता विनोद रोहिल्ला सिसाय ने कहा कि सभी जेबीटी को निदेशालय के निर्णय से संतुष्टि मिलेगी। मेवात में सालों से फंसे दूसरे जिलों के जेबीटी अपने जिलों में आ सकेंगे। हजारों जेबीटी इस फैसले से लाभान्वित होंगे।
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पहले यह शर्त थी कि जेबीटी को सभी 22 जिलों का विकल्प भरना था, निदेशालय उस आधार पर जेबीटी को किसी भी जिले में भेज सकता था। नए आदेशों के तहत जेबीटी एक, तीन या अधिकतम जिले भर सकते हैं। इस संबंध में 23 जुलाई 2019 को हरियाणा प्राइमरी टीचर एसोसिएशन की मीटिंग मौलिक शिक्षा निदेशक महेश्वर शर्मा से हुई थी। जिसमें एसोसिएशन इस मांग पर अड़ी रही कि जेबीटी को यह अवसर दिया जाए कि वह चाहे एक जिला भरे या दो भरे या 22।
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उसी के अनुसार उसका तबादला किया जाना चाहिए, टीचर को 22 जिले भरने के लिए मजबूर न किया जाए। इससे टीचर उन जिलों में जाने के लिए मजबूर हो जाएगा जहां वह जाना नहीं चाहता। एसोसिएशन ने यह भी मांग की थी कि यदि अध्यापक द्वारा भरा गया एक जिला उसको नहीं मिलता है तो उसको उसी जिले में रखा जाए जिस जिले में वह वर्तमान में कार्यरत है। एसोसिएशन के प्रवक्ता विनोद रोहिल्ला सिसाय ने कहा कि सभी जेबीटी को निदेशालय के निर्णय से संतुष्टि मिलेगी। मेवात में सालों से फंसे दूसरे जिलों के जेबीटी अपने जिलों में आ सकेंगे। हजारों जेबीटी इस फैसले से लाभान्वित होंगे।
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4285 रुपये बढ़ा एडहॉक जेबीटी का वेतन
हरियाणा सरकार ने तदर्थ (एडहॉक) आधार पर कार्यरत पीआरटी, जेबीटी अध्यापकों के मानदेय में 4285 रुपये की वृद्घि की है। अब इन शिक्षकों को 21,715 रुपये की जगह गेस्ट जेबीटी के समान 26000 रुपये मानदेय प्रतिमाह मिलेगा। वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने बताया कि इस निर्णय से कुल 2189 अध्यापकों को लाभ होगा।
सरकार के खजाने पर वार्षिक 11.26 करोड़ रुपये का वित्तीय भार पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने न्यूनतम मेरिट वाले उम्मीदवारों और अतिथि अध्यापकों को 21,715 रुपये प्रतिमाह के निर्धारित मानदेय पर तदर्थ आधार पर नियुक्त किया था।7 दिसंबर 2017 और 10 फरवरी 2018 को 1259 उम्मीदवारों को पीआरटी और 930 उम्मीदवारों को जेबीटी के पद पर तदर्थ आधार पर नियुक्ति मिली थी।
गेस्ट जेबीटी का निर्धारित पारिश्रमिक पहली अगस्त 2018 से 21715 रुपये प्रतिमाह से संशोधित कर 26,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया था। जबकि, एडहॉक जेबीटी और पीआरटी के मानदेय में बढ़ोतरी नहीं हुई थी। ये शिक्षक लगातार गेस्ट जेबीटी की तर्ज पर मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे थे। सरकार ने मानदेया में बढ़ोतरी कर इनकी मांग को पूरा कर दिया है।
सरकार के खजाने पर वार्षिक 11.26 करोड़ रुपये का वित्तीय भार पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने न्यूनतम मेरिट वाले उम्मीदवारों और अतिथि अध्यापकों को 21,715 रुपये प्रतिमाह के निर्धारित मानदेय पर तदर्थ आधार पर नियुक्त किया था।7 दिसंबर 2017 और 10 फरवरी 2018 को 1259 उम्मीदवारों को पीआरटी और 930 उम्मीदवारों को जेबीटी के पद पर तदर्थ आधार पर नियुक्ति मिली थी।
गेस्ट जेबीटी का निर्धारित पारिश्रमिक पहली अगस्त 2018 से 21715 रुपये प्रतिमाह से संशोधित कर 26,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया था। जबकि, एडहॉक जेबीटी और पीआरटी के मानदेय में बढ़ोतरी नहीं हुई थी। ये शिक्षक लगातार गेस्ट जेबीटी की तर्ज पर मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे थे। सरकार ने मानदेया में बढ़ोतरी कर इनकी मांग को पूरा कर दिया है।