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कोरोना से निपटने को न करें सोशल साइट्स का जादू-टोना वरना कहीं न पड़ रोना, विशेषज्ञ बोले- सोशल साइट्स से मिली जानकारी बिना सलाह के न करें इस्तेमाल
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चंडीगढ़। कोरोना संक्रमण होने की चिंता सबको सता रही है। वहीं अस्पतालों में ओपीडी बंद से परेशानी ज्यादा बढ़ गई है क्योंकि लोग सीधे तौर पर डॉक्टरों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। इस सबके बीच लोग कोरोना से बचाव के लिए सोशल नेटवर्किंग साइट्स का सहारा ले रहे हैं। वे व्हाट्सएप, फेसबुक और अन्य सोशल नेटवर्किंग माध्यमों से बचाव संबंधी मिलने वाली जानकारियों को बिना किसी विशेषज्ञ की सलाह के खुद पर अजमा रहे हैं। इससे उनकी सेहत पर दुष्प्रभाव पड़ने लगा है।
लोगों के इस रुझान पर विशेषज्ञ काफी चिंतित हैं। उनका कहना है कि बिना विशेषज्ञ की सलाह के संक्रमण से बचाव के लिए अपनाई जा रही चीजें सेहत के लिए घातक सिद्ध हो सकती हैं। नेशनल आयुष मिशन के नोडल डॉक्टर राजीव कपिला का कहना है कि कोरोना से बचाव में आयुष काढ़ा, गर्म पानी, भाप लेना, नींबू पानी का सेवन जैसे तमाम आयुर्वेदिक उपाय बताए गए हैं। इसका मानकों के अनुसार सेवन करने से काफी हद तक फायदा भी हो रहा है लेकिन तय मात्रा से ज्यादा सेवन सेहत के लिए खतरनाक साबित होने लगा है।
किसके लिए कितना काढ़ा
7 से 10 साल के बच्चे के लिए 40 एमएल
10 से 15 साल के बच्चे के लिए 60 एमएल
वयस्क के लिए 150 एमएल
ऐसे बनाएं काढ़ा
तुलसी, काली मिर्च, दालचीनी, सौंठ, मुलेठी, अजवाइन, हल्दी को मिलाकर इसका पाउडर बना लें। दो चुटकी पाउडर को पानी में मिलाकर काढ़ा बनाएं। उसमें गुड़ स्वाद के अनुसार डालें। काढ़ा बनाने के बाद उसमें दो-तीन बूंद नींबू का रस मिलाएं और दिनभर में दो बार इसका सेवन करें।
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इस कारण से नुकसान पहुंचाता है काढ़ा
काढ़े को तैयार करने के लिए आमतौर पर काली मिर्च, सौंठ, दालचीनी, हल्दी, गिलोय और अश्वगंधा जैसी कई औषधियों का इस्तेमाल किया जाता है। इन सभी चीजों की तासीर बहुत गर्म होती है। अगर कोई व्यक्ति इसका अत्यधिक सेवन करेगा तो उसके स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं।
ऐसा होने पर बंद करें सेवन
अगर आपको काढ़े का नियमित सेवन करने के बाद शरीर में नाक से खून आना, मुंह में छाले पड़ना, पेट में जलन होना, अपच और पेचिश जैसे लक्षण दिखते हैं तो आपको इसका सेवन तुरंत बंद कर देना चाहिए।
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लोगों के इस रुझान पर विशेषज्ञ काफी चिंतित हैं। उनका कहना है कि बिना विशेषज्ञ की सलाह के संक्रमण से बचाव के लिए अपनाई जा रही चीजें सेहत के लिए घातक सिद्ध हो सकती हैं। नेशनल आयुष मिशन के नोडल डॉक्टर राजीव कपिला का कहना है कि कोरोना से बचाव में आयुष काढ़ा, गर्म पानी, भाप लेना, नींबू पानी का सेवन जैसे तमाम आयुर्वेदिक उपाय बताए गए हैं। इसका मानकों के अनुसार सेवन करने से काफी हद तक फायदा भी हो रहा है लेकिन तय मात्रा से ज्यादा सेवन सेहत के लिए खतरनाक साबित होने लगा है।
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किसके लिए कितना काढ़ा
7 से 10 साल के बच्चे के लिए 40 एमएल
10 से 15 साल के बच्चे के लिए 60 एमएल
वयस्क के लिए 150 एमएल
ऐसे बनाएं काढ़ा
तुलसी, काली मिर्च, दालचीनी, सौंठ, मुलेठी, अजवाइन, हल्दी को मिलाकर इसका पाउडर बना लें। दो चुटकी पाउडर को पानी में मिलाकर काढ़ा बनाएं। उसमें गुड़ स्वाद के अनुसार डालें। काढ़ा बनाने के बाद उसमें दो-तीन बूंद नींबू का रस मिलाएं और दिनभर में दो बार इसका सेवन करें।
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इस कारण से नुकसान पहुंचाता है काढ़ा
काढ़े को तैयार करने के लिए आमतौर पर काली मिर्च, सौंठ, दालचीनी, हल्दी, गिलोय और अश्वगंधा जैसी कई औषधियों का इस्तेमाल किया जाता है। इन सभी चीजों की तासीर बहुत गर्म होती है। अगर कोई व्यक्ति इसका अत्यधिक सेवन करेगा तो उसके स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं।
ऐसा होने पर बंद करें सेवन
अगर आपको काढ़े का नियमित सेवन करने के बाद शरीर में नाक से खून आना, मुंह में छाले पड़ना, पेट में जलन होना, अपच और पेचिश जैसे लक्षण दिखते हैं तो आपको इसका सेवन तुरंत बंद कर देना चाहिए।