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चंडीगढ़: पीयू से बर्खास्त असिस्टेंट प्रोफेसर का संदिग्ध हालत में मिला शव, माथे पर चोट का निशाना

Mon, 27 Sep 2021 02:35 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Mon, 27 Sep 2021 02:35 AM IST
सार

डॉ. कोमल मूलरूप से लुधियाना के रहने वाले थे। पत्नी से तलाक हो चुका है और वह विदेश में रहती हैं। एक बेटी(14) और एक बेटा(15) हैं। वह पिछले कई साल से पीयू के कैंपस में अकेले रहते थे।

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Dead body of assistant professor found from PU in suspicious condition
डॉ. कोमल सिंह की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब यूनिवर्सिटी से यौन शोषण के आरोप में बर्खास्त असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कोमल सिंह (46) का रविवार दोपहर संदिग्ध हालात में शव मिला। पुलिस की शुरूआती जांच में शव करीब 5 से 6 दिन पुराना है और उनके माथे पर चोट का निशान था। आशंका है कि बेड से नीचे गिरने के चलते उनकी मौत हुई है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही कारणों का खुलासा होगा। बहरहाल, सेक्टर-11 थाना पुलिस ने सीआरपीसी 174 के तहत मामले की जांच शुरू कर दी है।

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रविवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे पुलिस को सूचना मिली कि पंजाब यूनिवर्सिटी के कैंपस स्थित मकान नंबर 114 ईवन में तेज बदबू आ रही है। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कोमल सिंह जमीन पर पड़े थे। उनके माथे से निकला खून बहकर सूख चुका था। उन्हें जीएमएसएच-16 ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
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घटनास्थल से सुसाइड नोट नहीं मिला। शव को जीएमएसएच-16 के शवगृह में रखवाकर सूचना परिजनों को दे दी है। सोमवार को पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंपा जाएगा। बता दें कि वर्ष 2015 में डॉ. कोमल पर यौन शोषण का आरोप लगा था। इसके बाद विभाग ने उन्हें मई 2018 में बर्खास्त कर दिया था।
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अपने पीछे छोड़ गए बेटी व बेटा
डॉ. कोमल मूलरूप से लुधियाना के रहने वाले थे। पत्नी से तलाक हो चुका है और वह विदेश में रहती हैं। एक बेटी(14) और एक बेटा(15) हैं। वह पिछले कई साल से पीयू के कैंपस में अकेले रहते थे। पुलिस के मुताबिक, करीब 10 दिन पहले उन्होंने पड़ोसी से पीने के लिए पानी की बोतल भी मांगी थी। यही कारण है कि उनकी मौत करीब 5 से 6 दिन पहले हुई होगी। आशंका यह भी है कि बेड से गिरने, ह्दयघात या किसी अन्य कारणों से कोमल की मौत हुई हो।

पीयू के सीनेटरों ने डॉ. कोमल का शोषण किया, सीबीआई जांच हो

पीयू के पूर्व सीनेटर एवं यूआईएलएस विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अजय रंगा ने कहा कि डॉ. कोमल का शोषण किया गया है। वह दोषी नहीं थे लेकिन कुछ लोगों ने अपने स्वार्थ के कारण उन्हें पीयू सीनेट में बर्खास्त करवाया। सीनेट ने उनके साथ गलत किया। कहा कि पीयू कैलेंडर के मुताबिक वह कार्रवाई से बच गए थे। सीनेट में उनके खिलाफ वोटिंग भी हुई थी पर कार्रवाई नहीं बनती थी। उन पर कार्रवाई करने के लिए फिर प्रस्ताव लाया गया।

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सीनेट में कुछ लोगों ने हाथ खड़े करके उनके खिलाफ बहुमत सिद्ध करने का काम किया और उन्हें बर्खास्त कर दिया गया। मैंने कहा था कि वह दोषी नहीं हैं लेकिन नियमों को दरकिनार करके उसे सजा दी गई। सीनेट व उस समय के अधिकारी इसके लिए दोषी हैं। उन्हीं के कारण वह तनाव में गए और उनकी जान चली गई। इस प्रकरण की जांच सीबीआई से करवाई जाए। वर्तमान वीसी किसी सीनेटर या किसी अधिकारी से इसकी जांच न करवाएं। डॉ. कोमल को न्याय मिलना चाहिए।

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यौन शोषण के लगे थे आरोप, आवास के लिए मिला था स्टे
पीयू के पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर काम करने वाले डॉ. कोमल सिंह पर यौन शोषण के आरोप लगे थे। जांच के बाद यह प्रकरण सीनेट में पहुंचा। सीनेट के आदेश के बाद विभाग ने उनसे विभागीय रूम खाली करवाया लिया लेकिन आवासीय रूम खाली नहीं करवाया जा सका। उसके लिए वह हाईकोर्ट पहुंचे थे लेकिन उनके पास वकील को केस लड़ने के लिए देने को पैसे नहीं थे। कुछ शिक्षकों ने चंदा उन्हें दिया था। केस लड़ा गया तो हाईकोर्ट ने आवास खाली करने पर स्टे दे दिया था। उसी के तहत चार साल से वह पीयू कैंपस सेक्टर 14 में रह रहे थे। कुछ लोगों का कहना है कि वह घर से कम ही निकलते थे। मानसिक परेशानी थी। पैसे का भी संकट था।

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