नशा मुक्ति केंद्र का खौफनाक सच आया सामने, मारपीट के साथ मरीजों से होता था ऐसा व्यवहार
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न खाने के लिए पर्याप्त मात्रा में भोजन, न ही कमरों से बाहर जाने की इजाजत और अमानवीय व्यवहार करते हुए बुरी तरह से पिटाई भी। ऐसे अमानवीय कृत्य को चंडीमंदिर-मोरनी रोड पर गांव जल्लाह स्थिति अवैध रूप से चल रहे एक नशा मुक्ति केंद्र में अंजाम दिया जा रहा था।
इस बात का खुलासा तब हुआ जब डिस्ट्रिक्ट सोशल वेलफेयर ऑफिसर डॉक्टर आदित्य, डॉक्टर विशाल ने अपनी टीम के साथ होप वेलफेयर सोसायटी नाम से अवैध रूप से चल रहे इस नशा मुक्ति केंद्र पर छापा मारकर वहां से 23 लोगों को मुक्त करवाया।
नशा मुक्ति केंद्र के पीड़ित राजेश, विजय कुमार, मंथन आदि ने बताया कि उनके साथ संचालकों द्वारा अमानवीय व्यवहार किया जाता था। कोई भी गलती हो या फिर संचालकों का कहना न माना जाए तो उनकी डंडों से पिटाई की जाती थी।
उसके अलावा किसी के सिर के बाल काट दिए या किसी की आधी मूछें काट दी जाती थीं। उन्होंने बताया कि कई लोगों का तो संचालकों के अत्याचारों से मानसिक संतुलन भी बिगड़ गया है। एक पीड़ित ने संचालकों के अत्याचार के कारण खुदकुशी करने की भी कोशिश की।
डिस्ट्रिक्ट सोशल वेलफेयर ऑफिसर डॉक्टर आदित्य ने बताया कि उन्हें सूचना प्राप्त हुई थी कि यहां अवैध रूप से एक नशा मुक्ति केंद्र चलाया जा रहा है, जिसके अंदर कुछ लोगों को बंद करके रखा गया है। जिला प्रशासन की ओर से डिस्ट्रिक्ट सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट के अंतर्गत यह कार्रवाई की गई है।
यहां आकर देखा कि 23 लोगों को ताला लगा कर सलाखों के पीछे रखा गया था। संचालक पंजाब के रहने वाले थे और पुलिस के पहुंचते ही वे यहां से मौका देख कर निकल गए। नशा मुक्ति केंद्र के लोगों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उनके साथ मारपीट होती थी। इनको सरकारी नशा मुक्ति केंद्र पर भेजा जाएगा। आगे की कार्रवाई जिला प्रशासन द्वारा की जाएगी।
गांव जल्लाह में एक अवैध रूप से नशा मुक्ति केंद्र चल रहा था। वहां पर मरीजों को प्रताड़ित किया जाता था। वहां डिस्ट्रिक्ट सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट की ओर से कार्रवाई की गई है। - मुकेश कुमार, थाना प्रभारी