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शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच शुरू, टीचर्स की की छुटिट्यों पर लगाई रोक
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Updated Mon, 01 Aug 2016 11:54 PM IST
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घोटाला
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चंडीगढ़ शिक्षा विभाग में 2015 शिक्षक भर्ती घोटाले में विजिलेंस ब्यूरो ने जांच शुरू कर दी है। यूटी प्रशासन के आला अधिकारियों ने भर्ती घोटाले में शिक्षा विभाग के सभी अधिकारियों को भी मामले में जांच में सहयोग देने के लिए यूटी प्रशासन के आला अधिकारियों की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं। जानकारी अनुसार डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन(डीएसई) द्वारा सभी गवर्नमेंट स्कूलों में कार्यरत्त शिक्षकों की छुटिट्यों पर फिलहाल रोक दी है। सूत्रों के अनुसार जिला शिक्षा अधिकारी या डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन की अनुमति के बिना कोई भी प्रिंसिपल शिक्षकों को छुट्टी नहीं देगा। छुट्टी लेने के लिए पहले संबंधित अधिकारियों से अनुमति लेनी होगी।
सूत्रों के अनुसार शिक्षा विभाग ने खास तौर से 2015 बैच के भर्ती हुई शिक्षकों के मामले में खास ध्यान रखने को कहा है। चंडीगढ़ और पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने शिक्षक भर्ती घोटाल जांच शुरू कर दी है। जल्द ही मामले में कई खुलासे होने की उम्मीद है। गौरतलब है कि 2015 में करीब 1172 एनटीटी,जेबीटी और टीजीटी शिक्षकों की भर्ती में लाखों रुपये लेकर पेपर लीक करवा अयोग्य उम्मीदवारों को भर्ती करवाया गया था।
शिक्षक भर्ती से जुड़ी फाइलों को खंगाला जांच टीम ने
2015 शिक्षक भर्ती घोटाले को लेकर चंडीगढ़ पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने भर्ती से जुड़े शिक्षा विभाग के अधिकारियों से पूरा रिकार्ड तलब किया है। इस मामले में विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने पहले चरण में काफी रिकार्ड को खंगाल भी लिया है। विभाग ने नौकरी के लिए पैसे लेकर पूरे अंक हासिल करने वालों का रिकार्ड कब्जे में ले लिया है। विजिलेंस टीम उन सफल उम्मीदवारों पर फोकस कर रही है जिन्होंने पंजाबी नहीं होते हुए भी पूरे अंक हासिल किए हैं। जांच टीम ने मामले में शक वाले शिक्षकों की गतिविधियों पर नजर रखनी भी शुरू कर दी है। विजिलेंस टीम भर्ती घोटाले में जल्द ही बड़ा खुलासा कर सकती है।
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सतिंदर हुड्डा की तलाश जारी
विजिलेंस ब्यूरो की टीम सेक्टर-38 में मैथ्स टीचर(टीजीटी) और शिक्षक भर्ती घोटाले के अहम गवाह को पकड़ने में जुटी हुई है। जानकारी अनुसार पुलिस की टीम ने चंडीगढ़ में ही कई ठिकानों पर सोमवार को भी छापेमारी की है। सूत्रों के अनुसार सतिंदर हुड्डा ने ही पेपर उपलब्ध कराने के लिए कैंडीडेट्स से 7 से 10 लाख रूपये इक्कठा किए थे। विजिलेंस टीम हुड्ड़ा को पकड़कर इस मामले में जुड़े अन्य आरोपियों तक पहुंचेगी। जांच टीमों ने हरियाणा और पंजाब में कई जगह छापेमारी भी की है।
पीयू अधिकारियों से भी पूछताछ शुरू
2015 में यूटी शिक्षा विभाग के शिक्षकों की भर्ती की जिम्मेदारी यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट साइंसेस(यूआईएएमएस) के प्रोफेसर पीके शर्मा को दी गई थी। सूत्रों के अनुसार इस मामले में विजिलेंस ब्यूरो ने शर्मा से भी पूछताछ शुरू कर दी है। इस मामले से जुड़ी अन्य सभी कर्मचारियों की भी लिस्ट तैयार की जा रही है। जल्द ही उनसे भी पूछताछ होगी।
एक ओर शिक्षक को किया सस्पेंड
शिक्षा विभाग ने सोमवार को एक ओर शिक्षक को नौकरी में कोताही बरतने पर सस्पेंड कर दिया है। डीएसई रूबिंदरजीत सिंह बराड़ ने इस संबंध में नोटिस जारी किया है। सूत्रों के अनुसार सेक्टर-45 स्थित जीएमएचएस-45 में कार्यरत्त शिक्षक कृष्ण मोहन को बिना छुट्टी लिए स्कूल में अनुपस्थित रहने का दोषी पाया है। विभाग की एक टीम ने स्कूल में छापेमारी की थी। गौरतलब है कि शनिवार को भी डीएसई ने शिक्षक भर्ती घोटाले में शामिल बताए जाने वाले तीन शिक्षकों को सस्पेंड करने के आदेश पहले ही जारी कर दिए थे। अभी कुछ ओर शिक्षक भी विभाग के निशाने पर हैं।
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सूत्रों के अनुसार शिक्षा विभाग ने खास तौर से 2015 बैच के भर्ती हुई शिक्षकों के मामले में खास ध्यान रखने को कहा है। चंडीगढ़ और पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने शिक्षक भर्ती घोटाल जांच शुरू कर दी है। जल्द ही मामले में कई खुलासे होने की उम्मीद है। गौरतलब है कि 2015 में करीब 1172 एनटीटी,जेबीटी और टीजीटी शिक्षकों की भर्ती में लाखों रुपये लेकर पेपर लीक करवा अयोग्य उम्मीदवारों को भर्ती करवाया गया था।
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शिक्षक भर्ती से जुड़ी फाइलों को खंगाला जांच टीम ने
2015 शिक्षक भर्ती घोटाले को लेकर चंडीगढ़ पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने भर्ती से जुड़े शिक्षा विभाग के अधिकारियों से पूरा रिकार्ड तलब किया है। इस मामले में विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने पहले चरण में काफी रिकार्ड को खंगाल भी लिया है। विभाग ने नौकरी के लिए पैसे लेकर पूरे अंक हासिल करने वालों का रिकार्ड कब्जे में ले लिया है। विजिलेंस टीम उन सफल उम्मीदवारों पर फोकस कर रही है जिन्होंने पंजाबी नहीं होते हुए भी पूरे अंक हासिल किए हैं। जांच टीम ने मामले में शक वाले शिक्षकों की गतिविधियों पर नजर रखनी भी शुरू कर दी है। विजिलेंस टीम भर्ती घोटाले में जल्द ही बड़ा खुलासा कर सकती है।
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सतिंदर हुड्डा की तलाश जारी
विजिलेंस ब्यूरो की टीम सेक्टर-38 में मैथ्स टीचर(टीजीटी) और शिक्षक भर्ती घोटाले के अहम गवाह को पकड़ने में जुटी हुई है। जानकारी अनुसार पुलिस की टीम ने चंडीगढ़ में ही कई ठिकानों पर सोमवार को भी छापेमारी की है। सूत्रों के अनुसार सतिंदर हुड्डा ने ही पेपर उपलब्ध कराने के लिए कैंडीडेट्स से 7 से 10 लाख रूपये इक्कठा किए थे। विजिलेंस टीम हुड्ड़ा को पकड़कर इस मामले में जुड़े अन्य आरोपियों तक पहुंचेगी। जांच टीमों ने हरियाणा और पंजाब में कई जगह छापेमारी भी की है।
पीयू अधिकारियों से भी पूछताछ शुरू
2015 में यूटी शिक्षा विभाग के शिक्षकों की भर्ती की जिम्मेदारी यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट साइंसेस(यूआईएएमएस) के प्रोफेसर पीके शर्मा को दी गई थी। सूत्रों के अनुसार इस मामले में विजिलेंस ब्यूरो ने शर्मा से भी पूछताछ शुरू कर दी है। इस मामले से जुड़ी अन्य सभी कर्मचारियों की भी लिस्ट तैयार की जा रही है। जल्द ही उनसे भी पूछताछ होगी।
एक ओर शिक्षक को किया सस्पेंड
शिक्षा विभाग ने सोमवार को एक ओर शिक्षक को नौकरी में कोताही बरतने पर सस्पेंड कर दिया है। डीएसई रूबिंदरजीत सिंह बराड़ ने इस संबंध में नोटिस जारी किया है। सूत्रों के अनुसार सेक्टर-45 स्थित जीएमएचएस-45 में कार्यरत्त शिक्षक कृष्ण मोहन को बिना छुट्टी लिए स्कूल में अनुपस्थित रहने का दोषी पाया है। विभाग की एक टीम ने स्कूल में छापेमारी की थी। गौरतलब है कि शनिवार को भी डीएसई ने शिक्षक भर्ती घोटाले में शामिल बताए जाने वाले तीन शिक्षकों को सस्पेंड करने के आदेश पहले ही जारी कर दिए थे। अभी कुछ ओर शिक्षक भी विभाग के निशाने पर हैं।