{"_id":"576a6fe54f1c1bcb63b48830","slug":"robbery-loot-jewellers-robbery-jeweller-showroom-robbery-vinod-verma-chandigarh-crime","type":"story","status":"publish","title_hn":"डायमंड शोरूम में 14 करोड़ की फर्जी लूट, मुख्यारोपी को जमानत नहीं","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
डायमंड शोरूम में 14 करोड़ की फर्जी लूट, मुख्यारोपी को जमानत नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 22 Jun 2016 04:30 PM IST
विज्ञापन
डायमंड शोरूम में लूट मामले में मालिक गिरफ्तार
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़ में सेक्टर-17 स्थित डायमंड शोरूम में 14 करोड़ के हीरों की लूट का ड्रामा रचने के मुख्य आरोपी विनोद वर्मा की जमानत याचिका रद्द कर दी। गौरतलब है कि बीते सोमवार को लंबी बहस के बाद वैकेशनल कोर्ट ने मंगलवार के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया था। इससे पूर्व विनोद की निचली कोर्ट से नियमित जमानत अर्जी खारिज हो चुकी थी। मामले में न्यायिक हिरासत में चल रहे विनोद ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय में जमानत अर्जी दायर कर कहा था कि उसे मामले में झूठा फंसाया गया है। वहीं अदालत ने मामले में सह आरोपी अंकुर जौली को 1 लाख रुपये के बेल बॉन्ड पर जमानत के आदेश दे दिए थे।
विनोद वर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए उनके वकील हरीश भारद्वाज ने कहा कि पुलिस ने केस अपनी कहानी के आधार पर बनाया है। पुलिस ने विनोद के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। हालांकि मामले में धोखाधड़ी तो किसी के साथ नहीं हुई। अगर पुलिस केस की भी मानें तो केस सिर्फ योजना स्तर पर था।
मामले में कोई ठगा ही नहीं गया। ऐसे में पुलिस ने धोखाधड़ी का कैसे बना दिया। बचाव पक्ष की ओर से मामले में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के कुछ फैसलों की भी कॉपी लगाई गई है। वहीं पुलिस की ओर से दाखिल जवाब में कहा गया है कि विनोद ने भाई रजनीश के साथ मिलकर 14 करोड़ की लूट का ड्रामा रचा था। इसमें उन्होंने तीन अन्य आरोपियों को शामिल किया था।
विज्ञापन
साथ ही अपने स्टाफ को डरा धमकाकर इस वारदात को अंजाम दिया। शोरूम मैनेजर अजय कुमार, महिला कर्मी चारु और सरिता सीआरपीसी 161 के तहत दिए बयान में यह कबूल चुके हैं। साथ ही दोनों मालिकों ने सबूत मिटाने के लिए सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर को भी नष्ट कर दिया था। पुलिस के अनुसार दोनों ने इस वारदात को 10 करोड़ का इंश्योरेंस क्लेम करने के लिए अंजाम दिया था। फिलहाल अदालत ने बहस के बाद जमानत याचिका पर फैसला मंगलवार के लिए सुरक्षित रख लिया है।
यह है मामला
1 मई को दर्ज मामले में सेक्टर-17 स्थित फॉरएवर डायमंड शोरुम के दोनों मालिक विनोद वर्मा और रजनीश वर्मा समेत वैभव वर्मा, उसके बहनोई जीरकपुर निवासी अंकुर जौली और मलोया निवासी शिवानी को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। आरोप के मुताबिक 10 करोड़ रुपये का इंश्योरेंस क्लेम पाने के लिए मालिकों ने सह आरोपियों के साथ मिलकर फर्जी लूट का ड्रामा रचा था।
विज्ञापन
विनोद वर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए उनके वकील हरीश भारद्वाज ने कहा कि पुलिस ने केस अपनी कहानी के आधार पर बनाया है। पुलिस ने विनोद के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। हालांकि मामले में धोखाधड़ी तो किसी के साथ नहीं हुई। अगर पुलिस केस की भी मानें तो केस सिर्फ योजना स्तर पर था।
विज्ञापन
मामले में कोई ठगा ही नहीं गया। ऐसे में पुलिस ने धोखाधड़ी का कैसे बना दिया। बचाव पक्ष की ओर से मामले में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के कुछ फैसलों की भी कॉपी लगाई गई है। वहीं पुलिस की ओर से दाखिल जवाब में कहा गया है कि विनोद ने भाई रजनीश के साथ मिलकर 14 करोड़ की लूट का ड्रामा रचा था। इसमें उन्होंने तीन अन्य आरोपियों को शामिल किया था।
विज्ञापन
साथ ही अपने स्टाफ को डरा धमकाकर इस वारदात को अंजाम दिया। शोरूम मैनेजर अजय कुमार, महिला कर्मी चारु और सरिता सीआरपीसी 161 के तहत दिए बयान में यह कबूल चुके हैं। साथ ही दोनों मालिकों ने सबूत मिटाने के लिए सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर को भी नष्ट कर दिया था। पुलिस के अनुसार दोनों ने इस वारदात को 10 करोड़ का इंश्योरेंस क्लेम करने के लिए अंजाम दिया था। फिलहाल अदालत ने बहस के बाद जमानत याचिका पर फैसला मंगलवार के लिए सुरक्षित रख लिया है।
यह है मामला
1 मई को दर्ज मामले में सेक्टर-17 स्थित फॉरएवर डायमंड शोरुम के दोनों मालिक विनोद वर्मा और रजनीश वर्मा समेत वैभव वर्मा, उसके बहनोई जीरकपुर निवासी अंकुर जौली और मलोया निवासी शिवानी को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। आरोप के मुताबिक 10 करोड़ रुपये का इंश्योरेंस क्लेम पाने के लिए मालिकों ने सह आरोपियों के साथ मिलकर फर्जी लूट का ड्रामा रचा था।