रेलवे भर्ती के पेपर लीक, चौंकाने वाला खुलासा
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रेलवे बोर्ड के ग्रुप डी में कर्मचारियों की भर्ती परीक्षा का पेपर लीक कराने के मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों विशाल और देवेंद्र को स्पेशल स्टाफ की टीम ने सोमवार को कोर्ट में पेश किया। अदालत में पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के लिए रिमांड अर्जी दाखिल की। अदालत ने पुलिस की अर्जी स्वीकार कर आरोपियों का चार दिन का रिमांड मंजूर कर पुलिस के हवाले कर दिया है।
वहीं, दोनों आरोपियों के प्रारंभिक खुलासे के आधार पर पुलिस ने आसन गांव के निवासी नीरज, अंकित व शेरा के अलावा सोनीपत के गोरड़ गांव निवासी कुलदीप व गौरव और दिल्ली निवासी अभिनव के खिलाफ भी मामला दर्ज किया था।
स्पेशल स्टाफ प्रभारी जगबीर सिंह के अनुसार आरोपियों से प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों में शामिल दिल्ली निवासी अभिनव व गोरड़ निवासी कुलदीप व गौरव का भी पूरा नेटवर्क था।
पूछताछ में सामने आया है कि विशाल व देवेंद्र ने 20 से ज्यादा परीक्षार्थियों को आंसर की भेजी थी। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी विशाल पहले भी रेलवे के ग्रुप डी के पेपर लीक करा चुका है। ये परीक्षा करीब 4-5 माह पहले ही हुई थी।
विशाल और अभिनव हैं पोस्टल विभाग में
पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी विशाल और अभिनव दिल्ली पोस्टल विभाग में कार्यरत हैं। आसन के ही दूसरे आरोपी देवेंद्र कार का मिस्त्री है। उसका कहना है कि विशाल उसकी दुकान पर गाड़ी ठीक कराने के लिए आता था। जबकि अभिनव पिछले कई सालों से बिना वेतन के छुट्टियों पर चल रहा है। वह कभी ड्यूटी पर नहीं आता है। विशाल के पास अभिनव के मोबाइल से और देवेंद्र के पास गोरड़ निवासी कुलदीप के नंबर से आंसर की पहुंची थी।
नजदीकियों को ही ढूंढते हैं ग्राहक के रूप में
पूछताछ में आरोपियों ने माना है कि ग्राहकों की तलाश अपने ही सर्कल में की जाती थी। इस काम में बड़ी सावधानी बरती जाती थी। किसी बाहरी व्यक्ति से संपर्क भी नहीं किया जाता था, ताकि किसी को भनक तक न लग सके।
सेंटर से पेपर लीक की ज्यादा संभावना
पुलिस सूत्रों का कहना है कि पेपर सेंटरों से पेपर लीक होने की ज्यादा संभावनाएं नजर आ रही हैं। बताया जा रहा है कि पता किया है कि करीब 2 घंटे पहले ही पेपर सेंटरों पर पहुंच जाता था। उससे लेकर दो घंटे के बीच में पेपर लीक करने वाले गिरोह के पास पहुंच जाता था और करीब आधा घंटा पहले ही पेपर की आंसर की भी पहुंच जाती थी।
ये है मामला
बता दें कि गुप्तचर विभाग की स्पेशल ब्रांच रोहतक रेंज प्रभारी को सूचना मिली कि पेपर लीक करने का खेल रोहतक में भी चल रहा है। दो युवकों के नाम सामने आए तो पुलिस ने उनकी लोकेशन का पता किया। गुप्तचर शाखा प्रभारी ने रोहतक पुलिस की सीआईए-2 की टीम के साथ रविवार को दोनों की पहचान विशाल उर्फ मोनू और देवेंद्र के रूप में हुई। परीक्षा 11 बजे शुरू होनी थी, लेकिन इससे पहले ही दोनों आरोपी 25-26 परीक्षार्थियों को आंसर-की इंटरनेट के जरिए भेज चुके थे।