पंजाब: आतंकी वारदात थी पठानकोट आर्मी कैंप में ग्रेनेड हमला, पुलिस ने छह को पकड़ा, पाक में रची गई थी साजिश
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुरदासपुर निवासी अमनदीप उर्फ मंत्री, गुरविंदर सिंह उर्फ गिंडी, परमिंदर कुमार उर्फ रोहित, राजिंदर सिंह उर्फ मल्ही, हरप्रीत सिंह उर्फ ढोलकी और रमन कुमार के रूप में हुई है।
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पठानकोट आर्मी कैंट के गेट पर ग्रेनेड अटैक का पंजाब पुलिस ने खुलासा कर दिया है। डीजीपी वीके भावरा ने इसका खुलासा करते हुए बताया कि यह आतंकी हमला था। इसको अंजाम देने वाले इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन (आईएसवाईएफ) के छह गुर्गों को पंजाब पुलिस ने नवांशहर से गिरफ्तार किया है। पाकिस्तान में बैठकर फेडरेशन के मुखिया लखबीर रोडे ने हमले की योजना बनाई थी।
डीजीपी ने सोमवार को इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार गुर्गों से पूछताछ में आतंकी हमले की बात सामने आई है। इस हमले में गैंगस्टर सुखमीत पाल सिंह उर्फ सुख भिखारीवाल और सुखप्रीत सिंह उर्फ सुख भी शामिल थे। गुर्गों से पुलिस ने 6 हैंड ग्रेनेड, 9 पिस्टल, 0.30 बोर की एक राइफल, मैगजीन और कारतूस भी बरामद किए हैं।
पठानकोट में हैंड ग्रेनेड फेंकने की दो वारदात हुई थीं। पहली चक्की पुल के पास 11 नवंबर, 2021 को रात 9.30 बजे हुई। दूसरी वारदात 21 नवंबर को पठानकोट आर्मी कैंट के गेट पर इन आतंकियों ने अंजाम दी थी। पंजाब पुलिस ने इन दोनों मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू की थी।
गुरदासपुर के रहने वाले हैं आरोपी
पुलिस ने इस मामले में जिन छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है वे गुरदासपुर जिले के रहने वाले हैं। इनमें अमनदीप उर्फ मंत्री निवासी लखनपाल, गुरविंदर सिंह उर्फ गिंदी और परमिंदर कुमार उर्फ रोहित उर्फ रोहता निवासी खरल, राजिंदर सिंह उर्फ मल्ली उर्फ निक्कू निवासी गुन्नुपुर, हरप्रीत सिंह उर्फ ढोलकी निवासी गोटपोकर और रमन कुमार निवासी गाजीकोट शामिल हैं।
सीमा पार से आए थे हथियार
पंजाब पुलिस मुखिया ने बताया कि सूबे में इन आतंकियों के निशाने पर सेना के महत्वपूर्ण स्थान, पुलिस मुख्यालय और कई धर्म स्थान थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वारदात को अंजाम देने के लिए उन्हें हैंड ग्रेनेड, हथियार और विस्फोटक सीमा पार से मिले थे, जिन्हें लखबीर रोडे ने भेजा था। रोडे ने उन्हें पहले से तय टारगेट पर अटैक करने के लिए कहा था।
बलविंदर की हत्या में भी शामिल लखबीर
लखबीर रोडे की भूमिका 16 अक्तूबर, 2020 को भिखीविंड में बलविंदर सिंह के हत्या के अलावा अगस्त 2021 में जालंधर से उसके रिश्तेदार गुरमुख सिंह रोडे से टिफिन आईईडी, आरडीएक्स, हथियारों और गोला-बारूद की बरामदगी में भी पाई गई थी।
दुबई से डिपोर्ट हुआ भिखारीवाल
सुखमीतपाल सिंह उर्फ सुख भिखारीवाल बलविंदर सिंह की हत्या में भी शामिल था। 10 फरवरी, 2020 को धारीवाल में हनी महाजन पर हुए कातिलाना हमले के मामले में भी शामिल होने के कारण वह इस समय तिहाड़ जेल में बंद है। उसको दिसंबर 2020 में दुबई से डिपोर्ट कर दिया गया था। भिखारीवाल ने इन जुर्मों को अंजाम देने के लिए हथियार और गोला-बारूद, लॉजिस्टिक्स, फंड दिया था।
Punjab Police have solved the hand grenade attacks including attack at Pathankot Army Camp by busting a major terror module backed by International Sikh Youth Federation (ISYF) group with the arrest of its six operatives: Police pic.twitter.com/AHW76lQKSE
— ANI (@ANI) January 10, 2022