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नशे में धुत पुलिस को बंधक बनाकर जमकर पीटा
ब्यूरो/अमरउजाला, भूना(हरियाणा)
Updated Wed, 19 Aug 2015 12:00 AM IST
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पुलिस कर्मचारियों को ग्रामीणों ने बंधकर बनाकर जमकर पीटा और उनकी वर्दी भी फाड़ दी। मामला हरियाणा के भूना का है। गांव चौबारा में सोमवार की देर रात पुलिस कर्मचारियों को ग्रामीणों ने बंधकर बनाकर जमकर पीटा और उनकी वर्दी भी फाड़ दी।
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घटना की जानकारी मिलते ही भारी संख्या में पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और घायल कर्मियों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करवाया। जहां कर्मियों की हालत गंभीर देख उन्हें फतेहाबाद रेफर कर दिया गया है। वहीं एएसआई सत्यवान की शिकायत पर चौबारा गांव के आठ नामित व चार-पांच अन्य पर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों ने पुलिस कर्मचारियों पर शराब के नशे में धुत होकर घर में घुसकर उत्पात मचाने का आरोप लगाया है। चौबारा निवासी महाबीर, राजेंद्र, रोहताश, हवा सिंह आदि ने बताया कि शराबी पुलिस कर्मचारियों की शिकायत रात्रि को ही कंट्रोल रूम में दे दी गई थी। मगर उनके विरुद्ध कार्रवाई करने की बजाए ग्रामीणों पर ही मुकदमा किया गया। जो पुलिस की तानाशाही को उजागर कर रहा है।
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एएसआई ने कहा, शराबियों ने किया हमला: घायल एएसआई सत्यवान ने अपने बयान में बताया कि सोमवार की रात को करीब साढे़ 9 बजे वह पीसीआर चालक रोहताश कुमार व सिपाही प्रदीप कुमार के साथ चौबारा एक शिकायत पर गए थे। लेकिन जैसे ही उनकी गाड़ी हवा सिंह किराना की दुकान से गुजरी तो बजीर सिंह, रोहताश, राजेंद्र व हवा सिंह ने उन्हें ललकारा तथा उनकी उनकी पीसीआर को रुकवाकर गांव में आने का कारण पूछा।
उन्होंने शिकायत संबंधित बातचीत कहनी चाही तो उक्त लोगों ने शराब के नशे में उन पर हमला बोल दिया। इतना ही नहीं वह उन्हें पकड़कर घर में ले गए बंधक बनाकर मारपीट की। रोहताश कुमार व बजीर सिंह झोलाछाप डॉक्टर ने उनकी वर्दी को फाड़ दिया। उन्होंने कहा कि हमारी गली में बिना आज्ञा कैसे प्रवेश किया है। इनको पकड़ लो पीटो और बंधक बना दो। जिसके बाद दर्जनों लोगों ने उन्हें पीसीआर गाड़ी से निकालकर घर में ले गए और पिटाई की।
चौबारा में ही मौजूद हेड कांस्टेबल कालू राम व शैलेंद्र सिंह ने जब पुलिस कर्मचारियों के साथ मारपीट की सूचना मिली तो वे मौके पर पहुंच गए और उन्होंने ग्रामीणों को शांत करवाकर घायल अपने साथियों को लेकर आए। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भूना में भर्ती करवाया।
घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी विजेंद्र सिहाग, पुलिस बीट इंचार्ज विक्रम सिंह आदि मौके पर पहुंचकर वारदात से संबंधित पहलुओं की जांच की। जिसके बाद घायल सत्यवान की शिकायत पर आठ लोगों नामित व चार-पांच अन्य पर भारी संख्या में एकत्रित होकर सरकारी पीसीआर का रास्ता रोकने व मारपीट करने तथा वर्दी फाड़ने इत्यादि धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर दिया है।
पुलिस ने इन्हें बनाया है आरोपी: सत्यवान की शिकायत पर पुलिस बीट इंचार्ज विक्रम सिंह ने पुलिस कर्मचारियों के साथ मारपीट करने के आरोप में महाबीर पुत्र रामस्वरूप, राजेंद्र पुत्र रामचंद्र, सोहन लाल पुत्र रामस्वरूप, गोलूराम पुत्र सुल्तान सिंह, रोहताश पुत्र धनपत, वजीर उर्फ झोला छाप डाक्टर, हवा सिंह पुत्र धनपत, राजेंद्र पुत्र धनपत व पांच अन्य पर मुकदमा दर्ज किया है।
विजेंद्र सिहाग, थाना प्रभारी ने बताया कि किसी भी पुलिस कर्मचारी ने शराब नहीं पी हुई थी। हमला करने वाले घर का मुखिया किराना की दुकान में अवैध रूप से बीयर की सप्लाई करता है। जिसके कारण हमला किया गया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।