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शॉपिंग वेबसाइट से आनलाइन खरीदे थे जूते, डिब्बा खोला तो होश उड़े
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक।
Updated Fri, 02 Sep 2016 09:24 AM IST
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ऑनलाइन शॉपिंग
- फोटो : डेमो
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ग्राहकों के लिए आनलाइन सामान खरीदना मुसीबत बन गया है। ऐसा ही मामला फिर सामने आया है।
अब जिला बार एसोसिएशन के प्रधान दीपक कुंडू के भतीजे को जूतों की जगह डिलीवरी बॉक्स में कूड़ा भेज दिया गया। उनके भतीजे राहुल ने वेबसाइट से आनलाइन जूते खरीदे थे। मामला सदर थाने तक पहुंच गया है।
दरअसल, सुंदरपुर निवासी राहुल जिला बार प्रधान दीपक कुंडू के भाई के बेटे हैं। उन्होंने करीब बीस दिन पहले इंटरनेट पर एक शॉपिंग बेवसाइट पर एक जोड़ी जूते पसंद किए थे। राहुल ने बेवसाइट के माध्यम से आर्डर बुक कर दिया। दीपक ने जूतों की कीमत साढ़े सात हजार रुपये आनलाइन ही जमा कर दिए।
इसके बाद शॉपिंग वेबसाइट की तरफ से उनके मोबाइल फोन पर आर्डर नंबर भेज दिया गया। एक सप्ताह के अंदर सामान सप्लाई करने की बात कही गई। राहुल के पास शनिवार को डाक के माध्यम से एक डिलीवरी बॉक्स आया। उस पर संबंधित कंपनी का मार्का लगा था। जब राहुल ने बॉक्स को खोलकर देखा तो उसके अंदर कूड़ा भरा था।
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इसके बाद राहुल ने संबंधित शॉपिंग वेबसाइट के कर्मचारियों से बात की तो उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी से सही सामान भेजा गया था। डिलीवरी के दौरान किसी ने गड़बड़ी की है। राहुल ने इस मामले में बारे में अपने चाचा और बार प्रधान दीपक कुंडू को जानकारी दी। इस पर बार प्रधान ने सदर थाने में मामले की जानकारी दी।
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अब जिला बार एसोसिएशन के प्रधान दीपक कुंडू के भतीजे को जूतों की जगह डिलीवरी बॉक्स में कूड़ा भेज दिया गया। उनके भतीजे राहुल ने वेबसाइट से आनलाइन जूते खरीदे थे। मामला सदर थाने तक पहुंच गया है।
दरअसल, सुंदरपुर निवासी राहुल जिला बार प्रधान दीपक कुंडू के भाई के बेटे हैं। उन्होंने करीब बीस दिन पहले इंटरनेट पर एक शॉपिंग बेवसाइट पर एक जोड़ी जूते पसंद किए थे। राहुल ने बेवसाइट के माध्यम से आर्डर बुक कर दिया। दीपक ने जूतों की कीमत साढ़े सात हजार रुपये आनलाइन ही जमा कर दिए।
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इसके बाद शॉपिंग वेबसाइट की तरफ से उनके मोबाइल फोन पर आर्डर नंबर भेज दिया गया। एक सप्ताह के अंदर सामान सप्लाई करने की बात कही गई। राहुल के पास शनिवार को डाक के माध्यम से एक डिलीवरी बॉक्स आया। उस पर संबंधित कंपनी का मार्का लगा था। जब राहुल ने बॉक्स को खोलकर देखा तो उसके अंदर कूड़ा भरा था।
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इसके बाद राहुल ने संबंधित शॉपिंग वेबसाइट के कर्मचारियों से बात की तो उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी से सही सामान भेजा गया था। डिलीवरी के दौरान किसी ने गड़बड़ी की है। राहुल ने इस मामले में बारे में अपने चाचा और बार प्रधान दीपक कुंडू को जानकारी दी। इस पर बार प्रधान ने सदर थाने में मामले की जानकारी दी।
यूं भी होता है फर्जीवाड़ा
ऑनलाइन फ्रॉड
- फोटो : फाइल फोटो
आनलाइन शॉपिंग में कूड़ा, पत्थर और ईंट सहित अन्य सामान भेजने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
बार प्रधान की मानें तो इन घटनाओं के पीछे डिलीवरी करने वाली एजेंसी के लोगों का हाथ होता है। दरअसल, वेबसाइट की तरफ से सामान की डिलीवरी के लिए एजेंसी को ठेका दिया होता है। कभी-कभी संबंधित एजेंसी के लोग बीच में असली सामान निकालकर फर्जीवाड़ा कर देते हैं।
वर्जन
घटना के बारे में पुलिस को सूचना दी गई है। जल्द ही मामले में संबंधित कंपनी के खिलाफ शिकायत दी जाएगी ताकि फर्जीवाड़ा करने वाले तक पहुंचा जा सके।
- दीपक कुंडू, प्रधान जिला बार एसोसिएशन।
बार प्रधान की मानें तो इन घटनाओं के पीछे डिलीवरी करने वाली एजेंसी के लोगों का हाथ होता है। दरअसल, वेबसाइट की तरफ से सामान की डिलीवरी के लिए एजेंसी को ठेका दिया होता है। कभी-कभी संबंधित एजेंसी के लोग बीच में असली सामान निकालकर फर्जीवाड़ा कर देते हैं।
वर्जन
घटना के बारे में पुलिस को सूचना दी गई है। जल्द ही मामले में संबंधित कंपनी के खिलाफ शिकायत दी जाएगी ताकि फर्जीवाड़ा करने वाले तक पहुंचा जा सके।
- दीपक कुंडू, प्रधान जिला बार एसोसिएशन।