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पुलिस की लापरवाही से रेप के आरोपी को मिली बेल
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 29 Dec 2015 12:25 PM IST
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कोर्ट को रेप के आरोपी मनीमाजरा निवासी जय प्रकाश को संबंधित थाना पुलिस के 90 दिन के बाद भी चालान पेश न करने पर मजबूरन जमानत देना पड़ा। कोर्ट ने आरोपी को 50 हजार रुपये के बेल बॉन्ड पर जमानत देने के आदेश दिए।
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मनीमाजरा थाना पुलिस ने एक कॉलोनी में रहने वाली महिला की शिकायत पर न्यू इंदिरा कॉलोनी के जय प्रकाश, उसके छोटे भाई सोनू, मां चंद्रावती और बहन गीता के खिलाफ 20 सितंबर 2014 को दुराचार और आपराधिक साजिश रचने की धाराओं के तहत केस दर्ज किया था।
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आरोप के अनुसार जय प्रकाश ने शिकायतकर्ता को शादी का झांसा देकर उससे कई बार संबंध बनाए। वहीं उसने आरोपी के भाई, मां और बहन को भी इस साजिश में शामिल बताते हुए उनके खिलाफ भी शिकायत दी थी। हालांकि इस मामले में चंद्रावती और गीता को पहले ही अग्रिम जमानत मिल चुकी है, जबकि सोनू को जिला अदालत से ही जमानत मिल चुकी है। केस दर्ज होने के बाद जय प्रकाश कई दिन तक फरार रहा था, लेकिन इसी साल 28 सितंबर को उसने सरेंडर कर दिया था।
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लिव इन में रहते थे दोनों
बचाव पक्ष के वकील दलीप कटारिया के अनुसार शिकायतकर्ता पहले से शादीशुदा थी और काफी समय से पति से अलग रह रही थी। इसके बाद उसकी मुलाकात जय प्रकाश से हुई और दोनों में दोस्ती हो गई। कुछ समय बाद दोनों किशनगढ़ में लिव इन में रहने लगे।
वहीं जय प्रकाश भी पत्नी से अलग रह रहा था। इस बीच किसी बात को लेकर जय प्रकाश और शिकायतकर्ता में अनबन हो गई। इसके बाद महिला ने जय प्रकाश के खिलाफ चोरी की शिकायत दी थी। उस समय दोनों पक्षों में समझौता हो गया था।
इसके बाद महिला ने जय प्रकाश, उसके भाई व मां-बहन पर दुराचार और आपराधिक साजिश रचने के आरोप के तहत एसएसपी को शिकायत दी थी। पुलिस की ओर से केस दर्ज न करने के बाद पीड़िता ने जिला अदालत में अपील दायर की थी। कोर्ट ने अपील मंजूर करते हुए मनीमाजरा थाने को केस दर्ज करने के आदेश दिए थे।
इनसे नहीं सीखा सबक
महिलाओं से संबंधित आपराधिक मामलों में पुलिस की ओर से देरी से चालान पेश करने पर इससे पहले कई पुलिस अधिकारी सस्पेंड या लाइन हाजिर हो चुके हैं। वहीं कुछ मामलों में कोर्ट संबंधित आईओ को फटकार भी लगा चुकी हैं। साल के सबसे चर्चित स्टैपिंग स्टोन स्कूल बस कंडक्टर द्वारा स्कूली छात्रा से छेड़छाड़ मामले में देरी से चालान पर कोर्ट ने 14 जुलाई को केस की आईओ एसआई आरती गोयल को कड़ी फटकार लगाई थी।
कोर्ट ने एसआई को पुलिस ज्वाइन करते हुए खाई जाने वाली कसम तक की याद दिलाई थी। वहीं इससे पहले स्कूली छात्रा से ब्लैकमेलिंग और छेड़छाड़ के मामले में ही 14 मार्च को सेक्टर-34 थाने के एसएसओ रहे इंस्पेक्टर कृपाल सिंह और सेक्टर-49 चौकी इंचार्ज जिले सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया था। जबकि एएसआई परमजीत सिंह और एएसआई प्रतिभा सस्पेंड तक हो चुके हैं।