ऐसा गिरोह: जो युवतियों से करता 'प्यार', कराता देह व्यापार
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चंडीगढ़ में एक ऐसा गिरोह पुलिस के हत्थे चढ़ा है, जो नाबालिग युवतियों के प्यार के नाम पर फंसाता था और यहां लाकर बेच देता था। मामला, देह व्यापार से जुड़ा हो सकता है। पुलिस यह जानकारी जुटा रही है कि लड़कियों को खरीदने के बाद उनसे किस तरह का काम लिया जाता था?
गिरोह के कई सदस्य लंबे समय से इस धंधे से जुड़े हैं। वह खरीददारों को एक सप्ताह के अंदर ऑन डिमांड लड़कियां सप्लाई करते हैं। पुलिस ने ऐसे गिरोह के 3 सदस्यों को किशनगढ़ चौक से एक नाबालिग लड़की का सौदा करते हुए गिरफ्तार किया। आरोपियों की निशानदेही पर एक अन्य लड़की मनीमाजरा टाउन से बरामद की गई है।
पुलिस ने मंगलवार को गिरोह के तीनों सदस्यों के खिलाफ लड़कियों की तस्करी का केस दर्ज कर उन्हें कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें तीन दिन के रिमांड भेज दिया है। आरोपियों की पहचान राजू निवासी बापूधाम सेक्टर-26 फेस-2 चंडीगढ़, गोपाल सरकार और ददू मोंडी निवासी नवा ग्राम जमलपुर, वर्धमान वेस्ट बंगाल के रूप में हुई है। पुलिस ने लड़कियों को आरोपियों के चंगुल से छुड़ाकर स्नेहालय भेज दिया है।
पुलिस ने फर्जी ग्राहक बनकर पकड़ा
मनीमाजरा पुलिस को मंगलवार शाम करीब साढ़े सात बजे किसी व्यक्ति ने सूचना दी कि कुछ लोग किशनगढ़ चौक पर नाबालिग लड़की को बेचने की फिराक में हैं। पुलिस ने तुरंत थाने के सब इंस्पेक्टर रोहताश कुमार को ग्राहक बनाकर चौक पर भेजा। गिरोह के सदस्यों ने रोहताश कुमार को पहले लड़की दिखाई। इसके बाद तीस हजार में सौदा तय हो गया। रोहताश ने गिरोह के सदस्यों को एडवांस के तौर पर पांच हजार रुपये भी दिये। लेकिन जब उन्होंने लड़की को रोहताश के हवाले किया तो वहां सिविल वर्दी में मौजूद थाना पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
तीन माह से कर रहे गोरखधंधा
थाने में तीनों आरोपी राजू, गोपाल सरकार और डाडू मांडी ने पूछताछ में बताया कि वह तीन माह से लड़कियां बेचने का काम कर रहे हैं। अब तक वह चंडीगढ़, सोनीपत, पानीपत और हिसार के जिलों में 8 लड़कियां बेच चुके हैं। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर मंगलवार को मनीमाजरा टाउन में हाल ही में 70 हजार रुपये में बेची गई नाबालिग लड़की को छुड़ा लिया। मामले में पुलिस टीम दबिश दे रही है। जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्य भी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
शादी का झांसा देकर लाते थे
एसीपी सेंट्रल डॉक्टर गुर इकबाल सिंह सिद्धू ने बताया कि आरोपी गोपाल सरकार और ददू मोंडी मूलरूप से वेस्ट बंगाल के हैं। दोनों शादी का झांसा देकर लड़कियां लाते थे और 30 हजार से लेकर एक लाख रुपये में बेच देते थे।
कई हाई प्रोफाइल लोग हो सकते हैं शामिल
एसीपी गुर इकबाल सिंह सिद्धू का कहना है कि पूरे प्रकरण में छोटे ही नहीं बल्कि कई हाई प्रोफाइल लोग इसमें शामिल हैं। जो लड़कियां खरीदकर फैक्टरी और घरों में काम कराते हैं। ऐसे में नाबालिग लड़कियों को खरीदने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कई आरोपी राउंडअप
पुलिस ने गिरोह के सदस्यों से लड़कियों को खरीदने वाले करीब 5 से 7 लोगों को राउंडअप किया है। इसका खुलासा मनीमाजरा थाना पुलिस बुधवार शाम तक कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक 70 हजार रुपये में नाबालिग लड़की को खरीदने वाले मनीमाजरा टाउन के एक व्यक्ति को काबू किया गया है।
गिरफ्तारी के लिए टीम रवाना
सोनीपत, पानीपत और हिसार में नाबालिग लड़कियों को बेचने वाले गिरोह और उन्हें खरीदने वालों की गिरफ्तारी के लिए यूटी पुलिस ने स्पेशल टीम गठित कर दी है। टीमें तत्काल रवाना कर दी गई हैं। पुलिस का दावा है कि 24 घंटे में सभी आरोपी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे।