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लुधियाना दुष्कर्मः दो पुरुषों के सामने पीड़िता का मेडिकल, डॉक्टर बोली- कुड़ियां नाल इंज ही हुंदा ए
Thu, 21 Feb 2019 10:41 AM IST
खुशबू गोयल
कंवरपाल, अमर उजाला, हलवारा/लुधियाना
कंवरपाल, अमर उजाला, हलवारा/लुधियाना
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 21 Feb 2019 10:41 AM IST
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लुधियाना के इस्सेवाल में सामूहिक दुष्कर्म का शिकार हुई युवती का दो पुरुषों की मौजूदगी में मेडिकल किया गया। वहीं मामले में 5 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं की गई है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पीड़िता के प्रति स्वास्थ्य विभाग कितना संवेदनहीन हो चुका है। 15 फरवरी को पीड़िता ने मेडिकल के दौरान अभद्र व्यवहार किए जाने और दो पुरुषों के मौजूद होने की बात कही थी।
मामले को लेकर सिविल सर्जन डॉक्टर परविंदर पाल सिद्धू ने जांच का आश्वासन दिया, लेकिन 5 दिन बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर पीड़िता बुधवार को लिखित शिकायत लेकर सिविल सर्जन के पास पहुंची। पीड़िता को सामने देखकर सिविल सर्जन की नींद टूटी तो उन्होंने आनन फानन बोर्ड गठित करके जांच के आदेश दे दिए।
इस बोर्ड की अध्यक्षता खुद सिविल सर्जन कर रहे हैं, जबकि उनके साथ एसएमओ हतिंदर कौर, डॉ. मलविंदर माला, एसएमओ समराला और डॉक्टर एसपी सिंह को लिया है। सवाल है कि 5 दिन से सिविल सर्जन मामले में क्यों चुप्पी साधे बैठे रहे और खुद पीड़िता को उनके दफ्तर पहुंच लिखित शिकायत देनी पड़ी। वहीं पीड़िता ने मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग की चेयरपर्सन प्रीति कुमार से भी शिकायत की है। उन्होंने भी जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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मामले को लेकर सिविल सर्जन डॉक्टर परविंदर पाल सिद्धू ने जांच का आश्वासन दिया, लेकिन 5 दिन बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर पीड़िता बुधवार को लिखित शिकायत लेकर सिविल सर्जन के पास पहुंची। पीड़िता को सामने देखकर सिविल सर्जन की नींद टूटी तो उन्होंने आनन फानन बोर्ड गठित करके जांच के आदेश दे दिए।
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इस बोर्ड की अध्यक्षता खुद सिविल सर्जन कर रहे हैं, जबकि उनके साथ एसएमओ हतिंदर कौर, डॉ. मलविंदर माला, एसएमओ समराला और डॉक्टर एसपी सिंह को लिया है। सवाल है कि 5 दिन से सिविल सर्जन मामले में क्यों चुप्पी साधे बैठे रहे और खुद पीड़िता को उनके दफ्तर पहुंच लिखित शिकायत देनी पड़ी। वहीं पीड़िता ने मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग की चेयरपर्सन प्रीति कुमार से भी शिकायत की है। उन्होंने भी जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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उत्थे की करण गई सी, कुड़ियां नाल इंज ही हुंदा
सिविल सर्जन को दी लिखित शिकायत में पीड़िता ने कहा कि 10 फरवरी रात को लगभग 9:30 बजे वह अपना मेडिकल कराने के लिए सिविल अस्पताल में गई थी। वहां उस समय सिर्फ स्टाफ मौजूद था। डॉक्टर नीलम भाटिया नहीं थी। इसलिए उसका मेडिकल नहीं किया गया और 11 फरवरी को सुबह 9 बजे अस्पताल आने को कहा गया।
वह सुबह 9 बजे अस्पताल पहुंची तो उसके साथ एक महिला डीएसपी भी थी, लेकिन दोपहर दो बजे तक महिला डॉक्टर अस्पताल नहीं पहुंची। इसके बाद लगभग 2:15 मिनट पर डॉक्टर नीलम गुस्से में अस्पताल पहुंची। आरोप हैं कि उन्होंने पीड़िता को डांटना शुरू कर दिया, फिर बोली कि उत्थे की करण गई सी, कुड़ियां नाल इंज ही हुंदा है।
इसके बाद पीड़िता को एक कमरे में ले जाकर चार अन्य मुलाजिमों के सामने चेक करना शुरू कर दिया। इसमें दो पुरुष थे। एक डॉक्टर और एक इलेक्ट्रिशियन था। बाहर आने पर स्टाफ के एक व्यक्ति ने कहा कि कुछ नहीं हुआ है। डॉक्टर नीलम ने जांच अच्छे से नहीं की और अभद्र व्यवहार किया। इसलिए उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।
आईजी वी नीरजा मिली पीड़िता से
मामले की जांच कर रही आईजी वी नीरजा दोबारा पीड़िता और उसके दोस्त से मिलने लिए पहुंचीं। पीड़िता को बताया गया कि मामले में पुलिस मुस्तैदी से काम कर रही है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सबूत जुटा लिए हैं। इन सबूतों के आधार पर उन्हें कड़ी सजा दिलाई जाएगी। उन्होंने पीड़िता को भरोसा दिया कि सरकार की तरफ से उसे हर संभव मदद दी जाएगी। जहां तक मेडिकल के दौरान अभद्र व्यवहार का मामला है, उनके खिलाफ भी जांच चल रही है, कार्रवाई जरूर होगी।
वह सुबह 9 बजे अस्पताल पहुंची तो उसके साथ एक महिला डीएसपी भी थी, लेकिन दोपहर दो बजे तक महिला डॉक्टर अस्पताल नहीं पहुंची। इसके बाद लगभग 2:15 मिनट पर डॉक्टर नीलम गुस्से में अस्पताल पहुंची। आरोप हैं कि उन्होंने पीड़िता को डांटना शुरू कर दिया, फिर बोली कि उत्थे की करण गई सी, कुड़ियां नाल इंज ही हुंदा है।
इसके बाद पीड़िता को एक कमरे में ले जाकर चार अन्य मुलाजिमों के सामने चेक करना शुरू कर दिया। इसमें दो पुरुष थे। एक डॉक्टर और एक इलेक्ट्रिशियन था। बाहर आने पर स्टाफ के एक व्यक्ति ने कहा कि कुछ नहीं हुआ है। डॉक्टर नीलम ने जांच अच्छे से नहीं की और अभद्र व्यवहार किया। इसलिए उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।
आईजी वी नीरजा मिली पीड़िता से
मामले की जांच कर रही आईजी वी नीरजा दोबारा पीड़िता और उसके दोस्त से मिलने लिए पहुंचीं। पीड़िता को बताया गया कि मामले में पुलिस मुस्तैदी से काम कर रही है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सबूत जुटा लिए हैं। इन सबूतों के आधार पर उन्हें कड़ी सजा दिलाई जाएगी। उन्होंने पीड़िता को भरोसा दिया कि सरकार की तरफ से उसे हर संभव मदद दी जाएगी। जहां तक मेडिकल के दौरान अभद्र व्यवहार का मामला है, उनके खिलाफ भी जांच चल रही है, कार्रवाई जरूर होगी।