ड्रग तस्करीः सांसद, विधायक समेत 3 तलब
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करोड़ों रुपये की सिंथेटिक ड्रग तस्करी के केस में फंसे गोराया के चुन्नी लाल गाबा की डायरी राजनीतिज्ञों के लिए मुसीबत बन गई है।
ईडी ने डायरी में लेनदेन का लेखाजोखा खंगालकर जालंधर के सांसद चौधरी संतोख सिंह, शिअद विधायक व सीपीएस अविनाश चंद्र के अलावा पूर्व जेल मंत्री सरवण सिंह फिल्लौर को सम्मन भेजकर तलब किया है।
गोराया के कारोबारी चुन्नी लाल गाबा व उनके बेटे का नाम भोला की ड्रग तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ होने के बाद आया था। गाबा की बद्दी स्थित सिंथेटिक ड्रग फैक्टरी से वरिंदर राजा के जरिए ड्रग सप्लाई की गई थी।
इस बीच इंकम टैक्स विभाग ने गोराया के कारोबारी चुन्नी गाबा के यहां छापामारी की तो वहां से एक डायरी मिली जिसमें कई राजनीतिज्ञों, पुलिस अफसरों के नाम थे।
डायरी की बिनाह पर हो रही कार्रवाई
डायरी में कई एंट्री काटी गई थी लेकिन बाद में उसको फारेंसिक लैब से चेक करवाया गया। आईटी ने डायरी को ईडी के हवाले कर दिया था। इस डायरी की बिनाह पर ही ईडी ने दमनवीर फिल्लौर को भी अपनी जांच में शामिल किया था।
दमनवीर फिल्लौर विधायक सरवण सिंह फिल्लौर का बेटा है। अब ईडी ने जालंधर से सांसद चौधरी संतोख सिंह, करतारपुर से विधायक सरवण सिंह फिल्लौर, फिल्लौर विधानसभा से विधायक अविनाश को सम्मन भेजकर जांच में शामिल होने के लिए कहा है।
सभी अपनी-अपनी सफाई देने में जुटे
विधायक अविनाश चंद्र के विधानसभा हलके में ही गाबा परिवार का धंधा है और उनकी बदौलत ही गाबा परिवार ने शिअद में एंट्री की थी।
अविनाश चंद्र के नाम पर 48 लाख रुपये की एंट्री गाबा की डायरी से मिली हैं, जिस पर विधायक अविनाश का कहना है कि उनका इस मामले से कोई लेना देना नहीं है।
वहीं जालंधर से सांसद चौधरी संतोख सिंह का कहना है कि गाबा परिवार तो शिअद से जुड़ा है और उनका विधानसभा चुनाव में विरोध किया था, फिर उनसे उनका लेना देना कैसे हो सकता है ?
करतारपुर से विधायक सरवण सिंह फिल्लौर का कहना है कि गाबा परिवार उनका नजदीकी है लेकिन उनका किसी भी तरह के लेनदेन से उनका कोई नाता नहीं है।