फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   legal action against officials found guilty in CBI investigation

CBI जांच में दोषी पाए अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

Tue, 01 Mar 2016 12:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 01 Mar 2016 12:21 AM IST
विज्ञापन
legal action against officials found guilty in CBI investigation

मनीमाजरा स्थित उप्पल हाउसिंग प्रोजेक्ट में 15 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स का निर्माण न करने के मामले पर सोमवार को सदन में ढाई घंटे तक चर्चा हुई।

विज्ञापन


इसके बाद निर्णय लिया गया कि इस मामले में सीबीआई ने साल 2012 में जांच करके प्रशासन को जो रिपोर्ट दी थी, उसमें जिन अधिकारियों पर जांच की सिफारिश की गई थी, सदन की बैठक में उन अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का फैसला लिया गया।
विज्ञापन


सीबीआई ने कार्रवाई के लिए चार अधिकारियों की पहचान की थी। जांच एजेंसी ने प्रशासन को रिपोर्ट सौंपकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई करने की सिफारिश की थी। एजेंसी ने कहा था कि वह इस मामले में परचा दर्ज नहीं कर सकती।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके बाद प्रशासन ने यह मामला विजिलेंस विभाग को सौंप दिया था, इसके बाद अब तक विजिलेंस विभाग इस जांच को पूरा नहीं कर पाया है। सीबीआई ने जांच में पाया था कि उप्पल हाउसिंग प्रोजेक्ट को 15 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस के फ्लैट न बनने के बावजूद संपदा विभाग की ओर से कंप्लीशन प्रमाणपत्र दिया गया और नगर निगम के अधिकारियों ने साल 2010 से 2011 तक 34 फ्लैट्स के ट्रांसफर की एनओसी दी।

चर्चा के बाद मेयर अरुण सूद ने कहा कि अलाटमेंट की शर्तों के अनुसार वायलेशन करने पर जो उप्पल सोसायटी पर जुर्माना बनता है, उसे लगाया जाए। ऐसे में उप्पल कंपनी को जुर्माने का भी नोटिस भेजा जाएगा।

मालूम हो कि इस मामले की सीबीआई जांच का मामला भाजपा पार्षद सतीश कैंथ द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब के कारण चर्चा में आया। इससे पहले भी साल 2011 में तत्कालीन कांग्रेसी पार्षद चंद्रमुखी शर्मा इस मामले का खुलासा कर चुके हैं। जबकि कांग्रेसी पार्षद सुभाष चावला ने भी कहा कि यह घपला है।

साल 2011 में ही जब पता लगा था कि ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स का निर्माण नहीं हुआ तो अधिकारियों को फ्लैट्स की बिक्री पर रोक लगानी चाहिए थी। जबकि ज्वाइंट कमिश्नर राजीव गुप्ता ने कहा कि उप्पल कंपनी ने प्रशासन ने ईडब्लयूएस फ्लैट्स का निर्माण करने के लिए पिछले साल अतिरिक्त टावर बनाने की मांग की थी, लेकिन निगम ने मंजूरी नहीं दी थी।

ज्वाइंट कमिश्नर ने बताया कि नगर निगम ने संपदा विभाग के एसडीओ को कई बार पत्र लिखकर पूछा है कि क्या उप्पल कंपनी को रिवाइज ऑक्यूपेशन प्रमाणपत्र पर मंजूरी दी गई है, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं आया है। इस बारे में अब डीसी को पत्र लिखा गया है, लेकिन वहां से भी कोई जवाब नहीं आया है।

निगम कर्मचारियों की थी यह जमीन
जिस जमीन पर उप्पल हाउसिंग प्रोजेक्ट का निर्माण हुआ है, यह पहले नगर निगम के सरकारी कर्मचारियों को आवास के लिए देने का निर्णय हुआ था। लेकिन 23 अगस्त 2002 को सदन ने इसे नीलाम करके सोसायटी को देने का निर्णय लिया गया था। साथ ही यह फैसला लिया गया था कि कर्मचारियों के लिए दूसरी जगह जमीन तलाश की जाए, लेकिन अब तक कर्मचारियों के लिए कोई जमीन तय नहीं हुई है। नगर निगम ने 6 दिसंबर 2015 को 108 करोड़ रुपये में जमीन उप्पल हाउसिंग को बेची थी।


बुल्गारिया के एंबेसडर सदन में हुए शामिल
सदन की बैठक देखने और नगर निगम के पार्षदों से मिलने आए बुल्गारिया के एंबेसडर पेटको डोयकोय, बुल्गारिया के क्यूस्टेनेडील, सिटी के मेयर पीटर पौनोव, इकोनामिक एडवाइजर वासिल कारैवानोव भी आए। इन सभी को मेयर ने शिवालिक व्यू होटल में लंच भी करवाया।

बग्गा के सुझाव प्रशासन की प्लानिंग में होंगे शामिल
मनोनीत पार्षद सुरेंद्र बग्गा की ओर से सेक्टर-17 की पार्किंग की किल्लत दूर करने के लिए जो सर्वे रिपोर्ट बनाई गई थी। उस समय सदन में चर्चा के बाद निर्णय लिया गया कि इसे प्रशासन को भेजा जाएगा, क्योंकि प्रशासन ने सेक्टर-17 की अलग से प्लानिंग करने के लिए सलाहकार नियुक्त किया हुआ है। जबकि सीनियर डिप्टी मेयर देवेश मोदगिल ने उन स्थलों को पार्किंग बनाने की मांग की है जो नक्शे में छोटे पार्क हैं, लेकिन उनका विकास नहीं हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed