ज्योति मर्डर: पुलिस के लिए शर्मनाक है फैसला
बहुचर्चित ज्योति हत्याकांड में सभी आरोपियों का बरी होना पंचकूला पुलिस के लिए शर्मनाक है। हत्याकांड की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस ने ऐसी कच्ची कहानी और गवाह अदालत में पेश किए जो दबाव के आगे टिक नहीं पाये।
अदालत ने अपने तीन सौ पन्नों के फैसले में विधायक राम कुमार चौधरी सहित सभी 12 आरोपियों को बरी कर दिया। मामले में मुख्य शिकायतकर्ता ज्योति के पिता बूटी राम को परिवार सहित खत्म करने की धमकी दिए जाने की बात सामने आई।
इस डर से वह बयान से पलटा भी और पंचकूला पुलिस मूकदर्शक बनी रही। उसने यह मामला ही पंजाब पुलिस के पाले में डाल दिया।
साबित नहीं हुआ ज्योति-विधायक का रिश्ता
पुलिस ने दावा किया था कि विधायक राम कुमार चौधरी और ज्योति लंबे समय से रिलेशनशिप में थे मगर अदालत में वह ज्योति और विधायक का रिश्ता साबित नहीं कर सकी।
इससे सिर्फ पीड़ित को बदनाम किया गया। मामले में बचाव पक्ष के वकील के अनुसार पुलिस की अधिकतर दलीलें मोबाइल लोकेशन और ज्योति से विधायक के रिश्ते पर टिकी थीं। यही दोनों बातें केस की कमजोर कड़ी साबित हुईं।
ज्योति की बहन ईशु ने करीब सात महीने बाद पहली बार 18 अप्रैल को बयान दिए, जिसमें उसने विधायक के साथ ज्योति के रिश्ते की बात कही गई। लेकिन इससे पहले ज्योति के पिता बूटी राम तीन बार बयान में यह बात नहीं थी।
इस तरह मिली आरोपियों को राहत
पुलिस ने अपनी चार्जशीट में कहा था कि शव के चेहरे को ट्रक के टायर से कुचला गया था। दूसरी ओर एसीपी वीरेंद्र सांगवान ने अदालत में बयान दिया कि ज्योति के शव पर से ट्रक नहीं गुजरा था, बल्कि वह फिसल कर एक किनारे पर पहुंच गई थी।
पुलिस ने जिन दो मोबाइल नंबरों के आधार पर केस को खड़ा किया, वह पूरी कहानी ही लोकेशन सामने आने पर फर्जी साबित हुई। उनकी लोकेशन चार मिनट के अंतर में टोल प्लाजा से नाडा साहिब और फिर छह मिनट में अंबाला दिखाई गई। इससे आरोपियों को बड़ी राहत मिली।
ज्योति के शव के स्वेटर से कुछ बाल मिलने का दावा किया गया था। इसे केस में फोरेंसिक सुबूत के तौर पर रखा गया। डीएनए जांच में इन बालों का मिलान किसी भी आरोपी से नहीं हुआ।
फैसला आने के बाद फूट-फूट कर रोया बूटी राम
फैसला सुनते ही ज्योति का पिता बूटी राम फूट-फूट कर रो पड़ा तो आरोपियों के चेहरे खुशी से खिल गए। रोते हुए बूटी राम ने कहा कि इस फैसले के खिलाफ आखिरी दम तक लड़ेंगे, जब तक उनकी बेटी को इंसाफ नहीं मिलती है।
इसके लिए सुप्रीम तक भी जाएंगे। उसे सुरक्षा के लिए दो पुलिस कर्मी तो मिले हैं, लेकिन अभी भी वह खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।
फैसला सुनते ही मिलने पहुंची विधायक की पत्नी
अदालत में फैसला करीब 1:30 बजे आया तो आरोपी एक दूसरे से गले मिलते नजर आए। हरेक के चेहरे पर खुशी थी। करीब एक घंटे बाद विधायक रामकुमार चौधरी की पत्नी निधि पहुंची और अपने पति को गले लगाया। इसके बाद चौधरी ने उनसे कुछ बातें की और उनकी पत्नी वहां से रवाना हो गईं।