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पंजाब के डीजीपी और बठिंडा के एसएसपी को हाइकोर्ट से नोटिस
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
Updated Wed, 08 Jun 2016 09:35 AM IST
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बठिंडा जिले के गांव में हुए एक झगड़े के आरोपी को परेशान करने के लिए पुलिस ने ऐसा तानाबाना बुना कि आरोपी के परिजनों को अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
बठिंडा के गांव दयालपुरा की करमजीत कौर और लखबीर सिंह ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर पुलिस की ओर से तंग किए जाने से बचाने और उन पर बनाए गए केसों की किसी अन्य जिले की पुलिस से जांच कराने की गुहार लगाई है। याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस लीसा गिल ने पंजाब सरकार, डीजीपी, बठिंडा जिले के एसएसपी, दयालपुरा थाने के एसएचओ व अन्य प्रतिवादियों को 22 जुलाई के लिए नोटिस जारी किया है।
याचिकाकर्ता के वकील हरिंदर पाल सिंह ईशर ने कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता के पति पर गांव के कुछ लोगों ने हमला किया था। इस झगड़े में एक व्यक्ति की मौत हो गई। इस घटना में याचिकाकर्ता, उसके पति और उसके भाई पर हत्या का मामला दर्ज किया गया, जोकि अभी हाईकोर्ट में लंबित है और अदालत ने उनकी सजा को निलंबित रखा है।
याचिकाकर्ता का कहना है कि उनके पति ने गांव में जमीन ठेके पर ली, लेकिन हमला करने वाले लोगों की शह पर पुलिस उन्हें व उनके पति को आए दिन थाने ले जाकर परेशान करने लगी और कोई न कोई वस्तु देने की मांग की जाने लगी।
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याचिका में कहा गया है कि इसके लिए पुलिस उन्हें दूसरे मामलों में फंसाने और उनकी जमानत रद कराने की धमकी देती रही। दयालपुरा पुलिस थाने में लाए गए एसी की फिटिंग और उसके लिए नया स्टेबलाइजर लाने का दबाव याचिकाकर्ता के पति पर बनाया गया और उन्होंने इस काम के लिए पैसे खर्च भी किए।
याचिका में कहा गया है कि इसके बाद भी पुलिस पूरे परिवार को तंग करती रही। इस दौरान याचिकाकर्ता का बेटा विदेश जाने वाला था, लेकिन पुलिस ने याचिकाकर्ता के पति और बेटे पर एनडीपीएस एक्ट के तहत झूठा मामला दर्ज कर लिया। इसके बाद पुलिस ने याचिकाकर्ता के भाई पर एक अन्य झूठा मामला दर्ज कर लिया।
याचिका में कहा गया है कि इतना सब होने के बाद 3 मई, 2016 को शाम सात बजे कुछ पुलिस अधिकारी उनके घर में घुसे और याचिकाकर्ता महिला से मारपीट करते हुए उसे थाने ले गए। इस समय पुलिस अधिकारियों के साथ न तो कोई महिला अधिकारी थी और पुलिस ने रात भर बिना किसी मामले के याचिकाकर्ता को थाने में बंद रखा। इस संबंध में याचिकाकर्ता की ओर से जिले से एसएसपी को कई बार शिकायत दी गई, लेकिन उस पर कोई एक्शन नहीं लिया गया।
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बठिंडा के गांव दयालपुरा की करमजीत कौर और लखबीर सिंह ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर पुलिस की ओर से तंग किए जाने से बचाने और उन पर बनाए गए केसों की किसी अन्य जिले की पुलिस से जांच कराने की गुहार लगाई है। याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस लीसा गिल ने पंजाब सरकार, डीजीपी, बठिंडा जिले के एसएसपी, दयालपुरा थाने के एसएचओ व अन्य प्रतिवादियों को 22 जुलाई के लिए नोटिस जारी किया है।
याचिकाकर्ता के वकील हरिंदर पाल सिंह ईशर ने कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता के पति पर गांव के कुछ लोगों ने हमला किया था। इस झगड़े में एक व्यक्ति की मौत हो गई। इस घटना में याचिकाकर्ता, उसके पति और उसके भाई पर हत्या का मामला दर्ज किया गया, जोकि अभी हाईकोर्ट में लंबित है और अदालत ने उनकी सजा को निलंबित रखा है।
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याचिकाकर्ता का कहना है कि उनके पति ने गांव में जमीन ठेके पर ली, लेकिन हमला करने वाले लोगों की शह पर पुलिस उन्हें व उनके पति को आए दिन थाने ले जाकर परेशान करने लगी और कोई न कोई वस्तु देने की मांग की जाने लगी।
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याचिका में कहा गया है कि इसके लिए पुलिस उन्हें दूसरे मामलों में फंसाने और उनकी जमानत रद कराने की धमकी देती रही। दयालपुरा पुलिस थाने में लाए गए एसी की फिटिंग और उसके लिए नया स्टेबलाइजर लाने का दबाव याचिकाकर्ता के पति पर बनाया गया और उन्होंने इस काम के लिए पैसे खर्च भी किए।
याचिका में कहा गया है कि इसके बाद भी पुलिस पूरे परिवार को तंग करती रही। इस दौरान याचिकाकर्ता का बेटा विदेश जाने वाला था, लेकिन पुलिस ने याचिकाकर्ता के पति और बेटे पर एनडीपीएस एक्ट के तहत झूठा मामला दर्ज कर लिया। इसके बाद पुलिस ने याचिकाकर्ता के भाई पर एक अन्य झूठा मामला दर्ज कर लिया।
याचिका में कहा गया है कि इतना सब होने के बाद 3 मई, 2016 को शाम सात बजे कुछ पुलिस अधिकारी उनके घर में घुसे और याचिकाकर्ता महिला से मारपीट करते हुए उसे थाने ले गए। इस समय पुलिस अधिकारियों के साथ न तो कोई महिला अधिकारी थी और पुलिस ने रात भर बिना किसी मामले के याचिकाकर्ता को थाने में बंद रखा। इस संबंध में याचिकाकर्ता की ओर से जिले से एसएसपी को कई बार शिकायत दी गई, लेकिन उस पर कोई एक्शन नहीं लिया गया।