{"_id":"58809f7a4f1c1be92eefe1d5","slug":"death-sentence-to-three-boys-in-9-years-old-girl-ziya-gangrape-and-murder-case-of-narnaul","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"गैंगरेप के बाद मार दी थी 9 साल की बच्ची, 3 साल बाद कोर्ट का बड़ा फैसला","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
गैंगरेप के बाद मार दी थी 9 साल की बच्ची, 3 साल बाद कोर्ट का बड़ा फैसला
देवेंद्र यादव/अमर उजाला, नारनौल(महेंद्रगढ़)
Updated Fri, 20 Jan 2017 09:59 AM IST
विज्ञापन
जिया गैंगरेप व हत्याकांड केस में तीन युवकों को फांसी की सजा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बच्ची को उठा कर ले गए थे चार युवक और उसके बाद गैंगरेप करके उसकी हत्या कर दी थी। मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। यहां 9 साल की बच्ची से गैंगरेप के मामले में आरके डोगरा की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 3 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई। साथ ही एक आरोपी को बरी कर दिया गया है।
घटना 3 साल पुरानी है। हरियाणा के जिला महेंद्रगढ़ में मंडी अटेली में बच्ची का अपहरण करके उसके साथ गैंगरेप किया गया था और फिर सबूत मिटाने के लिए उसका मर्डर कर दिया था। आरोपियों की पहचान वार्ड-10 के रहने वाले दीपक, राजेश और अरुण के रूप में हुई।
वहीं, बरी किए गए युवक का नाम संजय है और वह रेलवे में इंजीनियर बताया जा रहा है। फैसला सुनाए जाने के बाद जिया की मां के चेहरे पर खुशी देखी गई। जिया की मां ने इसे न्याय के खिलाफ अपनी जीत बताई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
घटना 3 साल पुरानी है। हरियाणा के जिला महेंद्रगढ़ में मंडी अटेली में बच्ची का अपहरण करके उसके साथ गैंगरेप किया गया था और फिर सबूत मिटाने के लिए उसका मर्डर कर दिया था। आरोपियों की पहचान वार्ड-10 के रहने वाले दीपक, राजेश और अरुण के रूप में हुई।
विज्ञापन
वहीं, बरी किए गए युवक का नाम संजय है और वह रेलवे में इंजीनियर बताया जा रहा है। फैसला सुनाए जाने के बाद जिया की मां के चेहरे पर खुशी देखी गई। जिया की मां ने इसे न्याय के खिलाफ अपनी जीत बताई है।
विज्ञापन
ऐसे अंजाम दी गई वारदात
gangrape
मिली जानकारी के अनुसार, मंडी अटेली में 31 अक्टूबर 2014 की रात को 9 साल की बच्ची जिया चूहा छोड़ने गई थी, लेकिन वह वापिस नहीं लौटी। परिजनों ने काफी तलाश करने के बाद पुलिस में शिकायत दी। पुलिस ने रात भर सर्च ऑपरेशन चलाया।
सुबह जिया का शव दोषी अरुण के प्लाट के पास पड़ा हुआ मिला था। शव को देखने से ही पता चल रहा था कि जिया के साथ क्या हुआ था। पोस्टमार्टम में गैंगरेप की पुष्टि हुई थी। उसके बाद मामले में तीन नंवबर को नारनौल से तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया था।
अगले दिन चार नवंबर को पुलिस ने चौथे आरोपी संजय चौधरी पुत्र राजेंद्र चौधरी वासी पटना को काबू कर लिया गया। इसके बाद 3 साल तक चली सुनवाई और कार्रवाई के बाद वीरवार को अदालत ने 36 गवाहों के बयानों के आधार पर फांसी की सजा सुना दी।
सुबह जिया का शव दोषी अरुण के प्लाट के पास पड़ा हुआ मिला था। शव को देखने से ही पता चल रहा था कि जिया के साथ क्या हुआ था। पोस्टमार्टम में गैंगरेप की पुष्टि हुई थी। उसके बाद मामले में तीन नंवबर को नारनौल से तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया था।
अगले दिन चार नवंबर को पुलिस ने चौथे आरोपी संजय चौधरी पुत्र राजेंद्र चौधरी वासी पटना को काबू कर लिया गया। इसके बाद 3 साल तक चली सुनवाई और कार्रवाई के बाद वीरवार को अदालत ने 36 गवाहों के बयानों के आधार पर फांसी की सजा सुना दी।