बच्ची के रेपिस्ट और हत्यारे को ताउम्र, मरने तक जेल की सजा
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आठ साल की बच्ची को घर से अगवा कर रेप करने व जान से मारने के दोषी तजिंदरपाल शर्मा को बुधवार को जिला अदालत ने उम्रकैद टिल डेथ की सजा सुनाई है। यह फैसला अतिरिक्त जिला सेशन जज तरसेम मंगला की अदातल ने सुनाया है।
मामला मोहाली का है। करीब 11 महीने पुराने केस ने वारदात के समय पूरे शहर को हिलाकर रख दिया था। दोषी को धारा-363 में सात साल कैद, दो हजार जुर्माना, धारा-376 में उम्रकैद व पास्को एक्ट में उम्रकैद व दस हजार जुर्माना लगाया है। नई अदालत में यह पहला बड़ा फैसला है।
सरकारी पक्ष की ओर से केस भूपिंदर सिंह उप जिला अटॉर्नी लड़ रहे थे। जानकारी के मुताबिक यह मामला खरड़ का है। 23 फरवारी 2015 को यूकेजी में पढ़ने वाली बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। रात 8 बजे के करीब जब परिवार के सदस्य घर के बाहर जब बच्ची को बुलाने गए तो बच्ची गायब थी।
घरवालों ने बच्ची को काफी तलाश किया। लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस ने उस समय अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया था। वहीं, कुछ दिन बाद घर से कुछ दूरी पर स्थित झाड़ियों में एक बच्ची की लाश मिली। 4 मार्च को पुलिस ने आरोपी पड़ोसी तेजिंदरपाल सिंह शर्मा (35) को बांसा वाली चुंगी के पास गिरफ्तार किया था।
बच्ची को देखकर डोल गई थी नियत
पुलिस ने आरोपी के पास से बच्ची की चेन और लॉकेट बरामद किया था। आरोपी बच्ची का पड़ोसी था। वह पेशे से स्कूल में सिक्योरिटी गार्ड के पद पर तैनात था।
पुलिस की गई पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 23 फरवरी को बच्ची को घर के बाहर खेलता देखकर उसकी नियत बदल गई थी। जिसके बाद वह बच्ची को अपने घर ले गया। जहां उसने वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद वह डर गया था कि कहीं बच्ची अपने घर में कुछ बता न दे।
इस कारण उसने बच्ची का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। वहीं हत्या की रात इलाके में लाइट चली गई थी। मौके का फायदा उठाकर उसने बच्ची की लाश को पास के खाली प्लॉट की झाड़ियों में फेंक दिया।
घरवालों संग तलाशता रहा बच्ची को
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि हत्या के बाद बच्ची के परिवार वालों के साथ मिलकर उसकी तलाश में सहयोग करता रहा। ताकि किसी को उस पर शक न हो। आरोपी तेजिंदरपाल सिंह शर्मा अविवाहित था।