खुलासाः हरियाणा कांस्टेबल लिखित परीक्षा में आईआरबी का सिपाही शामिल, इतने लाख में बेची थी आंसर की
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हरियाणा पुलिस कांस्टेबल की बीती 23 दिसंबर को आयोजित लिखित परीक्षा में चंडीगढ़ की आईआरबी फोर्स के एक कांस्टेबल की अहम भूमिका सामने आई है। आरोपी कांस्टेबल हिसार जिले के गांव घिराय निवासी सोनित है। आरोपी सोनित को फिलहाल ट्रैफिक यूनिट के साथ अटैच किया गया था। लेकिन हरियाणा पुलिस कांस्टेबल की लिखित परीक्षा से पूर्व बीती 20 दिसंबर को ही वह मेडिकल अवकाश पर चला गया। ताकि आंसर की को बेचकर मुंह मांगे पैसे वसूल कर सके।
कांस्टेबल सोनित का अवकाश 23 दिसंबर को खत्म हो गया था लेकिन वह ड्यूटी से अब तक गैर हाजिर है। थाना महेंद्रगढ़ चौकी के पुलिसकर्मियों ने नकली फ्लाइंग बनकर पहुंचे फूड एवं सप्लाई डिपार्टमेंट के सब इंस्पेक्टर संदीप और उसके भाई नीरज को आंसर की के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ में आरोपियों ने उन्हें आंसर की बेचने के आरोप चंडीगढ़ की आईआरबी के कांस्टेबल सोनित पर लगाए हैं।
बताया कि उनका आंसर की के लिए सोनित से एक लाख रुपये में सौदा तय हुआ था लेकिन रकम बाद में दी जानी थी। आरोपियों ने बताया कि सोनित ने व्हाट्स एप से उन्हें आंसर की दी। वहीं, महेंद्रगढ़ थाना पुलिस की कार्रवाई की भनक लगने के बाद से आरोपी सोनित घर से फरार है। साथ ही चंडीगढ़ स्थित आईआरबी कांप्लेक्स व ट्रैफिक यूनिट में ड्यूटी से भी गैर हाजिर है। मामला यूटी पुलिस के उच्च पदस्थ अधिकारियों के संज्ञान में आ चुका है।
उच्चाधिकारी जल्द ही आरोपी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक महेंद्रगढ़ थाना पुलिस ने चंडीगढ़ पहुंचकर आरोपी का रिकॉर्ड खंगाला और उसके घर के पते समेत अन्य जानकारी हासिल की।
कॉल डिटेल से कांस्टेबल की मिलीभगत का खुलासा
पुलिस ने आरोपी नीरज और संदीप के मोबाइल जब्त कर उनकी कॉल डिटेल हासिल की। कॉल डिटेल से ही आरोपी कांस्टेबल सोनित की भूमिका का पता लगा। उसके मोबाइल से व्हाट्स एप पर आंसर-की भेजी गई थी। पुलिस आंसर-की का पता लगाकर उसे हासिल कर चुकी है।
आंसर-की के मिलान का इंतजार
आरोपी के मोबाइल से मिली आंसर-की का असली-की से मिलान को फिलहाल कुछ समय लगेगा। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की आंसर-की मिलने में कुछ समय लग सकता है। मिलान होने पर ही मामले की तह तक पड़ताल हो सकेगी और यदि आंसर-की समान पाई गई तो हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की कार्यप्रणाली भी शक के दायरे में आनी स्वाभाविक होगी।
यह था मामला
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की तरफ से बीती 23 दिसंबर को पुरुष कांस्टेबल के पदों की लिखित परीक्षा आयोजित की गई। महेंद्रगढ़ के एक परीक्षा केंद्र में हिसार के नियाना गांव निवासी नीरज पेपर देने पहुंचा था। अंतिम पांच-सात मिनट शेष रहते समय नीरज का भाई संदीप नकली फ्लाइंग बनकर सेंटर में घुसा। उसने भाई नीरज के कमरे में जाकर उसे आंसर-की पकड़ा दी। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने शक होने पर उसे पकड़ लिया। लेकिन सबूत खत्म करने के लिए नीरज आंसर-की को निगल गया था।