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अनिल विज के निजी सचिव की बहू ने निगला सल्फास, इलाज के दौरान दम तोड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 06 Jul 2018 09:33 AM IST
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मृतक नीरजा की फाइल फोटो
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हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के सेक्टर-19 निवासी निजी सचिव कृष्ण भारद्वाज की बहू की जहर निगलने से मौत हो गई। बहू नीरजा (27) के सल्फास निगलने का पता लगने पर उसे चंडीगढ़ के किसी नजदीकी अस्पताल ले जाने के बजाय पंचकूला सेक्टर-6 सिविल अस्पताल ले जाया गया। वहां हालत अधिक बिगड़ने पर पंचकूला के सेक्टर-21 स्थित एलकेमिस्ट अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान नीरजा की मौत हो गई।
अस्पताल से नीरजा की मौत की सूचना मिलने पर चंडीगढ़ के सेक्टर-19 थाने से पुलिसकर्मी एलकेमिस्ट अस्पताल पहुंचे। पुलिस शव को कब्जे में लेकर जीएमसीएच-32 पहुंची। शव को मॉर्चरी में रखवाने के बाद थाना-19 पुलिस ने जांच शुरू कर दी। उधर, देर रात पूछताछ के बाद नीरजा के परिजनों ने किसी तरह की शिकायत देने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि नीरजा को बेहतर इलाज के लिए पंचकूला सेक्टर-6 और फिर एलकेमिस्ट ले जाया गया था।
नीरजा की शादी कृष्ण के बड़े बेटे आशुतोष भारद्वाज से हुई थी। करीब चार वर्ष पूर्व आशुतोष का मर्डर हो गया था। इसके बाद परिवार ने नीरजा की शादी उसके छोटे भाई राहुल से कर दी। दोनों से नीरजा को दो बेटियां हैं। बुधवार दोपहर करीब सवा दो बजे यूटी पुलिस को एलकेमिस्ट अस्पताल से नीरजा की सल्फास निगलने से मौत होने की सूचना मिली।
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हैरानी की बात यह है कि ससुराल पक्ष के लोग नीरजा को जीएमएसएच-16, जीएमसीएच-32 या पीजीआई सहित चंडीगढ़ के किसी अन्य निजी अस्पताल में ले जाने के बजाय पंचकूला सेक्टर-6 के सिविल अस्पताल क्यों ले गए। नीरजा कहीं किसी तनाव में थी या फिर किसी बात को लेकर यह कदम उठाया, जांच की जा रही है। सेक्टर-19 थाने के एसएचओ इंस्पेक्टर देविंदर सिंह व उनकी टीम जांच कर रहे हैं।
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अस्पताल से नीरजा की मौत की सूचना मिलने पर चंडीगढ़ के सेक्टर-19 थाने से पुलिसकर्मी एलकेमिस्ट अस्पताल पहुंचे। पुलिस शव को कब्जे में लेकर जीएमसीएच-32 पहुंची। शव को मॉर्चरी में रखवाने के बाद थाना-19 पुलिस ने जांच शुरू कर दी। उधर, देर रात पूछताछ के बाद नीरजा के परिजनों ने किसी तरह की शिकायत देने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि नीरजा को बेहतर इलाज के लिए पंचकूला सेक्टर-6 और फिर एलकेमिस्ट ले जाया गया था।
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नीरजा की शादी कृष्ण के बड़े बेटे आशुतोष भारद्वाज से हुई थी। करीब चार वर्ष पूर्व आशुतोष का मर्डर हो गया था। इसके बाद परिवार ने नीरजा की शादी उसके छोटे भाई राहुल से कर दी। दोनों से नीरजा को दो बेटियां हैं। बुधवार दोपहर करीब सवा दो बजे यूटी पुलिस को एलकेमिस्ट अस्पताल से नीरजा की सल्फास निगलने से मौत होने की सूचना मिली।
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हैरानी की बात यह है कि ससुराल पक्ष के लोग नीरजा को जीएमएसएच-16, जीएमसीएच-32 या पीजीआई सहित चंडीगढ़ के किसी अन्य निजी अस्पताल में ले जाने के बजाय पंचकूला सेक्टर-6 के सिविल अस्पताल क्यों ले गए। नीरजा कहीं किसी तनाव में थी या फिर किसी बात को लेकर यह कदम उठाया, जांच की जा रही है। सेक्टर-19 थाने के एसएचओ इंस्पेक्टर देविंदर सिंह व उनकी टीम जांच कर रहे हैं।