बरवाला हत्याकांड में एक और आरोपी गिरफ्तार
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पंचकूला। बरवाला मर्डर केस में क्राइम ब्रांच की टीम को सात महीने बाद एक और सफलता हाथ लगी है। टीम ने इस केस के एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसकी पहचान रामकुमार निवासी बरवाला के रूप में हुई है। क्राइम ब्रांच की टीम ने शनिवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश कर आरोपी को दो दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान आरोपी रामकुमार ऊर्फ पाटा से ये जानकारी हासिल की जाएगी फरार दो मुख्य आरोपी कहां हैं। रामकुमार पर इस केस में रेकी करने का आरोप है। इसी की निशानदेही पर आरोपियों ने फायरिंग कर भूपेश राणा को मौत के घाट उतारा था। बता दें कि इस मर्डर केस में पंजाब के दो गैंगस्टर भी शामिल हैं, जिनकी तलाश में क्राइम ब्रांच की टीम लगातार छापेमारी कर रही है।
क्राइम ब्रांच थाना प्रभारी कमलजीत सिंह ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि रामकुमार एक समारोह में शामिल होने पहुंच रहा है। उन्होंने रामकुमार की गिरफ्तारी के लिए तत्काल प्रभाव से एक टीम का गठन किया, जिसमें हेड कांस्टेबल प्रदीप कुमार, हेड कांस्टेबल धनीराम और जगपाल शामिल थे। टीम ने सूचना के आधार पर बरवाला में छापा मारकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने दावा किया है कि अन्य आरोपियों को भी बहुत जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
थाना प्रभारी ने बताया कि 16 अप्रैल 2018 को बरवाला में भूपेश राणा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना की शिकायत प्रतीक कुमार निवासी बरवाला ने बरवाला चौकी में दर्ज करवाई थी। उन्होंने बताया कि प्रतीक ने पुलिस को दिए बयान में बताया था कि हम दो भाई और एक बहन हैं। मेरे बड़े भाई का नाम भूपेश राणा है, जोकि जेल से पैरोल पर घर आया था। भूपेश राणा की पिछले काफी समय से गौरव उर्फ रोडा निवासी बरवाला, साहिल निवासी शहजादपुर, भूपेंद्र राणा निवासी जोधपुर खेलण मालण, अशोक ऊर्फ सोकी निवासी बदलोल पुर और रिंकू निवासी बड़ा गांव से रंजिश चल रही थी।
बयान में बताया था कि उसका भाई भूपेश राणा अमावस्या के दिन पितरों को माथा टेकने के लिए घर से कार लेकर गौरव के साथ करीब 9 बजे निकला था। वह अपने निजी काम से उस समय पावर हाउस बरवाला में था। इसी दौरान मोबाइल पर गौरव का फोन आया कि भूपेश और वह शिव मंदिर के मोड भरेली रोड पर प्रिंस निवासी मुबारकपुर के साथ आपस में बातचीत कर रहे थे। इस दौरान रायवाली रोड की तरफ से एक गाड़ी आई। जिसमें पांच से छह नौजवान सवार थे। आरोप है कि गाड़ी में गौरव उर्फ रोडा, साहिल, भूपेंद्र उर्फ भूप्पी, अशोक उर्फ शोकी व रिंकू थे, जिन्हें वह अच्छी तरह पहचानता है। उन्होंने आते ही भूपेश पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जिससे भूपेश की मौके पर ही मौत हो गई और वह किसी तरह जान बचाकर मौके से भाग निकला।
आरोप है कि रामकुमार उर्फ पाटा कई दिनों से उसके भाई की रैकी कर रहा था। क्राइम ब्रांच थाना प्रभारी कमलजीत सिंह ने बताया कि केस के दर्ज होने के बाद से ही रामकुमार फरार चल रहा था, जिसे शुक्रवार को बरवाला से गिरफ्तार कर लिया गया और शनिवार को कोर्ट में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया गया है।
मर्डर में शामिल थे पंजाब के दो गैंगस्टर
भूपेश राणा हत्याकांड में हरियाणा के ही नहीं बल्कि पंजाब के भी दो गैंगस्टर शामिल थे। सुखप्रीत उर्फ बुड्ढा और गौरव पटियाल भी शामिल थे, जोकि पंजाब में कई वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। पंजाब, चंडीगढ़ और हरियाणा की पुलिस गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही थी। पुलिस का दावा है कि इन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों के ऊपर फिरौती, मर्डर, किडनैपिंग जैसी संगीन धाराओं के केस में वांछित चल रहे हैं।