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सेक्टर-17 में शरारती तत्वों ने तीन गाड़ियों को किया आग के हवाले
Updated Sat, 17 Nov 2018 02:08 AM IST
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सेक्टर-17 में शरारती तत्वों ने दो टू-व्हीलर और कार को लगाई आग
- 40 मिनट की देरी से पहुंची फायर ब्रिगेड की गाड़ियां, लोगों ने जताया रोष
- आगजनी की सूचना पर कई थानों की पुलिस पार्टी मौके पर पहुंची
- पुलिस अधिकारियों ने सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर शुरू की जांच
- सेक्टर-17 स्थित मकान नंबर-244 के बाहर रात 10 बजे की घटना
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। सेक्टर-17 में घर के बाहर खड़ी तीन गाड़ियों को शरारती तत्वों ने आग के हवाले कर दिया। आगजनी की जैसे ही भनक मकान मालिक को लगी उन्होंने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचित किया। लेकिन घटनास्थल पर जब तक फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंचीं तब तक तीनों वाहन जलकर खाक हो चुके थे। फायर टेंडर देरी से पहुंचने के कारण लोगों ने रोष जताया और पुलिस टीम पर ड्यूटी में कोताही बरतने का आरोप लगाया। हालांकि पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के मकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उनके हाथ कई अहम सुराग लगे हैं, जिसके जरिए गाड़ियों को आग लगाने वाले आरोपी जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे।
शरारती तत्वों ने आगजनी की घटना को रात करीब 10 बजे अंजाम दिया। इस वक्त घर के लोग अपने-अपने कमरों में सो रहे थे। जानकारी के अनुसार, सेक्टर-17 स्थित मकान नंबर - 244 के बाहर एक एक्टिवा, ऑल्टो कार और प्लसर बाइक खड़ी थी। सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक शरारती तत्वों ने सबसे पहले एक्टिवा में आग लगाई। इसके बाद कार और प्लसर बाइक को आग के हवाले कर दिया। मकान मालिक नरेश ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी पड़ोसियों ने दी। इसके बाद उन्होंने इसकी सूचना पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी। लेकिन फायर टेंडर की गाड़ियां करीब 40 मिनट की देरी से मौके पर पहुंचीं। जब गाड़ियां पहुंचीं आग ने भीषण रूप धारण कर लिया और वाहन जलकर राख हो गए। लोगों का आरोप है कि पुलिस की टीम ड्यूटी को जिम्मेदारी के साथ नहीं निभाती है। गश्त न होने से शरारती तत्वों के हौसले बुलंद हैं।
गनीमत रही नहीं फटा सिलेंडर
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जिस कार में आग लगी थी उसमें सीएनजी सिलेंडर भी था। गनमीत रही है कि सिलेंडर ब्लास्ट नहीं हुआ। यदि ऐसा होता तो कई लोगों की जान जा सकती थी, वहीं कई मकानों को भी नुकसान पहुंच सकता था। लेकिन फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर सिलेंडर ब्लास्ट होने से बचा लिया।
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कर्नल एमके चौहान की बहादुरी को सलाम
आगजनी की घटना के दौरान एक और कार वहां पर खड़ी थी। लेकिन कर्नल एमके चौहान ने अपनी जान जोखिम में डालकर कार को वहां से हटा दिया। यदि वह बहादुरी न दिखाते तो इस कार को भी आग की लपटें अपनी चपेट में ले लेतीं। स्थानीय लोगों ने कहा कि यदि फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तत्काल मौके पर पहुंच जाती तो कार और बाइक को बचाया जा सकता था। एक्टिवा की मालिक नेहा और आल्टो कार के मालिक नरेश घटना के समय घर पर ही थे। तीनों गाड़ियों के मालिक इस मकान में किराए पर रहते हैं, जिन्होंने ड्यूटी से वापस आने के बाद एक साथ गाड़ियां खड़ी कर रखी थीं।
30 से 35 बार फायर को किया फोन
हरीश कुमार समेत कई लोगों का आरोप है कि फायर ब्रिगेड विभाग को लगभग 30 से 35 बार कॉल की गई। पहले तो फोन उठा नहीं और जब सीट पर बैठे व्यक्ति ने फोन उठाया तो वह बोला कि गाड़ियां निकल चुकी हैं और यह ड्राइवर का नंबर है। इस पर कॉल कर लीजिए, लेकिन जब लोगों ने ड्राइवर का मोबाइल नंबर मिलाया तो वह स्विच ऑफ जा रहा था।
मकान मालिक की शिकायत पर जांच शुरू कर दी गई है। शरारती तत्वों तक पहुंचने के लिए घटनास्थल के आसपास के मकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों को कब्जे में लिया गया गया। कई महत्वपूर्ण साक्ष्य हाथ लगे हैं, जिसके जरिए शरारती तत्वों को जल्द गिरफ्तार कर लेंगे। - विशाल कुमार, चौकी इंचार्ज सेक्टर-16।
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- 40 मिनट की देरी से पहुंची फायर ब्रिगेड की गाड़ियां, लोगों ने जताया रोष
- आगजनी की सूचना पर कई थानों की पुलिस पार्टी मौके पर पहुंची
- पुलिस अधिकारियों ने सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर शुरू की जांच
- सेक्टर-17 स्थित मकान नंबर-244 के बाहर रात 10 बजे की घटना
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। सेक्टर-17 में घर के बाहर खड़ी तीन गाड़ियों को शरारती तत्वों ने आग के हवाले कर दिया। आगजनी की जैसे ही भनक मकान मालिक को लगी उन्होंने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचित किया। लेकिन घटनास्थल पर जब तक फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंचीं तब तक तीनों वाहन जलकर खाक हो चुके थे। फायर टेंडर देरी से पहुंचने के कारण लोगों ने रोष जताया और पुलिस टीम पर ड्यूटी में कोताही बरतने का आरोप लगाया। हालांकि पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के मकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उनके हाथ कई अहम सुराग लगे हैं, जिसके जरिए गाड़ियों को आग लगाने वाले आरोपी जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे।
शरारती तत्वों ने आगजनी की घटना को रात करीब 10 बजे अंजाम दिया। इस वक्त घर के लोग अपने-अपने कमरों में सो रहे थे। जानकारी के अनुसार, सेक्टर-17 स्थित मकान नंबर - 244 के बाहर एक एक्टिवा, ऑल्टो कार और प्लसर बाइक खड़ी थी। सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक शरारती तत्वों ने सबसे पहले एक्टिवा में आग लगाई। इसके बाद कार और प्लसर बाइक को आग के हवाले कर दिया। मकान मालिक नरेश ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी पड़ोसियों ने दी। इसके बाद उन्होंने इसकी सूचना पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी। लेकिन फायर टेंडर की गाड़ियां करीब 40 मिनट की देरी से मौके पर पहुंचीं। जब गाड़ियां पहुंचीं आग ने भीषण रूप धारण कर लिया और वाहन जलकर राख हो गए। लोगों का आरोप है कि पुलिस की टीम ड्यूटी को जिम्मेदारी के साथ नहीं निभाती है। गश्त न होने से शरारती तत्वों के हौसले बुलंद हैं।
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गनीमत रही नहीं फटा सिलेंडर
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जिस कार में आग लगी थी उसमें सीएनजी सिलेंडर भी था। गनमीत रही है कि सिलेंडर ब्लास्ट नहीं हुआ। यदि ऐसा होता तो कई लोगों की जान जा सकती थी, वहीं कई मकानों को भी नुकसान पहुंच सकता था। लेकिन फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर सिलेंडर ब्लास्ट होने से बचा लिया।
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कर्नल एमके चौहान की बहादुरी को सलाम
आगजनी की घटना के दौरान एक और कार वहां पर खड़ी थी। लेकिन कर्नल एमके चौहान ने अपनी जान जोखिम में डालकर कार को वहां से हटा दिया। यदि वह बहादुरी न दिखाते तो इस कार को भी आग की लपटें अपनी चपेट में ले लेतीं। स्थानीय लोगों ने कहा कि यदि फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तत्काल मौके पर पहुंच जाती तो कार और बाइक को बचाया जा सकता था। एक्टिवा की मालिक नेहा और आल्टो कार के मालिक नरेश घटना के समय घर पर ही थे। तीनों गाड़ियों के मालिक इस मकान में किराए पर रहते हैं, जिन्होंने ड्यूटी से वापस आने के बाद एक साथ गाड़ियां खड़ी कर रखी थीं।
30 से 35 बार फायर को किया फोन
हरीश कुमार समेत कई लोगों का आरोप है कि फायर ब्रिगेड विभाग को लगभग 30 से 35 बार कॉल की गई। पहले तो फोन उठा नहीं और जब सीट पर बैठे व्यक्ति ने फोन उठाया तो वह बोला कि गाड़ियां निकल चुकी हैं और यह ड्राइवर का नंबर है। इस पर कॉल कर लीजिए, लेकिन जब लोगों ने ड्राइवर का मोबाइल नंबर मिलाया तो वह स्विच ऑफ जा रहा था।
मकान मालिक की शिकायत पर जांच शुरू कर दी गई है। शरारती तत्वों तक पहुंचने के लिए घटनास्थल के आसपास के मकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों को कब्जे में लिया गया गया। कई महत्वपूर्ण साक्ष्य हाथ लगे हैं, जिसके जरिए शरारती तत्वों को जल्द गिरफ्तार कर लेंगे। - विशाल कुमार, चौकी इंचार्ज सेक्टर-16।