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दो साल से गुटों के बीच चल रही थी गैंगवार
Updated Sun, 01 Jul 2018 01:28 AM IST
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विक्रम उर्फ विक्की कैमी मर्डर से संबंधित
दो साल से गुटों के बीच चल रही थी गैंगवार
- दो मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी से क्षेत्र में खत्म होगी दहशत
- पुलिस अधिकारियों ने टगरा और बब्बू की गिरफ्तारी की फोटो दिखाई
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। दो गुटों के बीच लंबे समय से चल रहे गैंगवार में शामिल दो आरोपियों की गिरफ्तारी से कालका-पिंजौर क्षेत्र में अपराध का ग्राफ थोड़ा नीचे पहुंचने की उम्मीद है। पुलिस ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए शाम पांच बजे से पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पपलोहा में विक्की कैमी की हत्या के पहले दोनों पक्षों के बीच सोशल साइट्स पर धमकियां भी दी जा रही थी, जिसे विक्रम की मौत के बाद हटा दिया गया। पिछले करीब दो साल से भी अधिक वक्त से दोनों गुटों में आपसी रंजिश चल रही थी, जो हत्या पर आकर रुकी। बीच में कई बार शिकायतकर्ता को धमकियां दी गईं। वारदात के दिन भी आरोपियों की मंशा विक्की के और दोस्तों को भी मारने की थी, लेकिन इसमें उन्हें कामयाबी नहीं मिल पाई।
मिट्टी के खनन के बदले रुपये मांगने को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि दो गुटों के बीच दुश्मनी बढ़ती ही गई। दोनों गुटों के बीच लगातार आरोप-प्रत्यारोप भी हुए और मामला भी दर्ज कराया गया। बीच में भी कई ऐसे मामले सामने आए जब टगरा और बब्बू की ओर से योगराज और उसके साथियों को धमकियां दी गई। विक्रम की मौत के बाद आरोपी अपने घरों को छोड़कर इधर-उधर भाग गए। हालांकि पुलिस ने इस मामले में शुक्रवार को भी पांच-छह आरोपियों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की। अभी भी पुलिस इस मामले में फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
आज होगा विक्की का अंतिम संस्कार
विक्रम के शव का अंतिम संस्कार रविवार को किया जाएगा। पोस्टमार्टम के बाद लोगों ने पुलिस को आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि अगर गिरफ्तारी नहीं हुई तो हाइवे जाम करेंगे। इस मामले में विपक्ष ने भी भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा जबकि विक्की की हत्या के बाद ग्रामीणों का गुस्सा स्थानीय विधायक के खिलाफ नारेबाजी की शक्ल में भी सामने आया।
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दो साल पहले भी चली थीं गोलियां
भपिन्दर बब्बू के अमरावती स्थित निवास स्थान पर करीब दो साल पहले गोलियां चली थीं। इसके बाद भाजपा नेता शाम लाल टगरा पर भी करीब सात महीने पहले हमला किया गया था। इन दोनों हमलों का आरोप संजू माजरा ग्रुप के सदस्यों पर लगाया गया था। सूत्रों के मुताबिक विक्की उर्फ कैमी जो कि संजू माजरा ग्रुप से था, को जन्मदिन की तैयारी के दौरान ही मौत के घाट उतार दिया गया था। इस मामले में पुलिस को दी शिकायत में श्याम लाल टगरा और भूपिन्दर सिंह बब्बू सहित 30 के खिलाफ आईपीसी की अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
शिकायतकर्ता को दिखाई गई आरोपियों की गिरफ्तारी
पपलोहा गांव में हुए गोलीकांड के मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद शिकायतकर्ता योगराज पिंकी को कालका थाने में बुलाकर एसीपी अर्शदीप व कालका थाना प्रभारी कमलजीत सिंह ने श्यामलाल टगरा और भूपिन्दर सिंह बब्बू की गिरफ्तारी की तस्वीर दिखाई।
सीसीटीवी फुटेज से खुलेंगे हत्या के कुछ और राज
सूत्रों की मानें तो पुलिस के हाथ अहम सुराग लगे हैं, जिससे फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है। फायरिंग के बाद पपलोहा से कालका की ओर तेज रफ्तार से जाती हुई पांच गाड़ियां सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई हैं, जिनमें दो स्कॉर्पियो, एक वरना, एक ब्रेजा व ऑल्टो कार शामिल है।
एक हफ्ते में अन्य आरोपियों की नहीं हुई गिरफ्तारी, तो हाइवे पर लगाएंगे जाम
योगराज ने बताया कि मुख्य आरोपियों को तो गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन फायरिंग में शामिल उमेश कुमार उर्फ मटरू, अकरम, पम्मा सहित अन्य को भी जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए। यदि एक हफ्ते के भीतर सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं हो पाए तो मजबूरन ग्रामीण नेशनल हाइवे जाम करेंगे।
फायरिंग में घायल एक युवक का हुआ ऑपरेशन
कालका पुलिस के मुताबिक फायरिंग में घायल जिन युवकों को पीजीआई रेफर किया गया था, उनमें से दीपक का शुक्रवार को ऑपरेशन हुआ। फिलहाल वह आईसीयू में है। उसकी हालत में पहले से सुधार है।
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विक्रम उर्फ विक्की कैमी मर्डर से संबंधित
दो साल से गुटों के बीच चल रही थी गैंगवार
- दो मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी से क्षेत्र में खत्म होगी दहशत
- पुलिस अधिकारियों ने टगरा और बब्बू की गिरफ्तारी की फोटो दिखाई
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। दो गुटों के बीच लंबे समय से चल रहे गैंगवार में शामिल दो आरोपियों की गिरफ्तारी से कालका-पिंजौर क्षेत्र में अपराध का ग्राफ थोड़ा नीचे पहुंचने की उम्मीद है। पुलिस ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए शाम पांच बजे से पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पपलोहा में विक्की कैमी की हत्या के पहले दोनों पक्षों के बीच सोशल साइट्स पर धमकियां भी दी जा रही थी, जिसे विक्रम की मौत के बाद हटा दिया गया। पिछले करीब दो साल से भी अधिक वक्त से दोनों गुटों में आपसी रंजिश चल रही थी, जो हत्या पर आकर रुकी। बीच में कई बार शिकायतकर्ता को धमकियां दी गईं। वारदात के दिन भी आरोपियों की मंशा विक्की के और दोस्तों को भी मारने की थी, लेकिन इसमें उन्हें कामयाबी नहीं मिल पाई।
मिट्टी के खनन के बदले रुपये मांगने को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि दो गुटों के बीच दुश्मनी बढ़ती ही गई। दोनों गुटों के बीच लगातार आरोप-प्रत्यारोप भी हुए और मामला भी दर्ज कराया गया। बीच में भी कई ऐसे मामले सामने आए जब टगरा और बब्बू की ओर से योगराज और उसके साथियों को धमकियां दी गई। विक्रम की मौत के बाद आरोपी अपने घरों को छोड़कर इधर-उधर भाग गए। हालांकि पुलिस ने इस मामले में शुक्रवार को भी पांच-छह आरोपियों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की। अभी भी पुलिस इस मामले में फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
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आज होगा विक्की का अंतिम संस्कार
विक्रम के शव का अंतिम संस्कार रविवार को किया जाएगा। पोस्टमार्टम के बाद लोगों ने पुलिस को आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि अगर गिरफ्तारी नहीं हुई तो हाइवे जाम करेंगे। इस मामले में विपक्ष ने भी भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा जबकि विक्की की हत्या के बाद ग्रामीणों का गुस्सा स्थानीय विधायक के खिलाफ नारेबाजी की शक्ल में भी सामने आया।
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दो साल पहले भी चली थीं गोलियां
भपिन्दर बब्बू के अमरावती स्थित निवास स्थान पर करीब दो साल पहले गोलियां चली थीं। इसके बाद भाजपा नेता शाम लाल टगरा पर भी करीब सात महीने पहले हमला किया गया था। इन दोनों हमलों का आरोप संजू माजरा ग्रुप के सदस्यों पर लगाया गया था। सूत्रों के मुताबिक विक्की उर्फ कैमी जो कि संजू माजरा ग्रुप से था, को जन्मदिन की तैयारी के दौरान ही मौत के घाट उतार दिया गया था। इस मामले में पुलिस को दी शिकायत में श्याम लाल टगरा और भूपिन्दर सिंह बब्बू सहित 30 के खिलाफ आईपीसी की अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
शिकायतकर्ता को दिखाई गई आरोपियों की गिरफ्तारी
पपलोहा गांव में हुए गोलीकांड के मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद शिकायतकर्ता योगराज पिंकी को कालका थाने में बुलाकर एसीपी अर्शदीप व कालका थाना प्रभारी कमलजीत सिंह ने श्यामलाल टगरा और भूपिन्दर सिंह बब्बू की गिरफ्तारी की तस्वीर दिखाई।
सीसीटीवी फुटेज से खुलेंगे हत्या के कुछ और राज
सूत्रों की मानें तो पुलिस के हाथ अहम सुराग लगे हैं, जिससे फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है। फायरिंग के बाद पपलोहा से कालका की ओर तेज रफ्तार से जाती हुई पांच गाड़ियां सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई हैं, जिनमें दो स्कॉर्पियो, एक वरना, एक ब्रेजा व ऑल्टो कार शामिल है।
एक हफ्ते में अन्य आरोपियों की नहीं हुई गिरफ्तारी, तो हाइवे पर लगाएंगे जाम
योगराज ने बताया कि मुख्य आरोपियों को तो गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन फायरिंग में शामिल उमेश कुमार उर्फ मटरू, अकरम, पम्मा सहित अन्य को भी जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए। यदि एक हफ्ते के भीतर सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं हो पाए तो मजबूरन ग्रामीण नेशनल हाइवे जाम करेंगे।
फायरिंग में घायल एक युवक का हुआ ऑपरेशन
कालका पुलिस के मुताबिक फायरिंग में घायल जिन युवकों को पीजीआई रेफर किया गया था, उनमें से दीपक का शुक्रवार को ऑपरेशन हुआ। फिलहाल वह आईसीयू में है। उसकी हालत में पहले से सुधार है।