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बरवाला रायपुररानी क्षेत्र की नदियों से धड़ल्ले से हो रहा है अवैध खनन, खनन विभाग व पुलिस की कार्रवाई हो रही नाकाम।
Updated Sat, 05 Aug 2017 01:16 AM IST
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रेत की अवैध खनन जोरों पर, पुलिस पर उठ रहे सवाल
बरवाला। बरवाला और रायपुररानी के कई गांवों के साथ लगती टांगरी नदी व रत्तेवाली, टिब्बी, बुंगा, खेतपुराली, श्यामटू के गांवों के साथ लगती छोटी नदियों में अवैध खनन का कार्य हो रहा है। जबकि अवैध खनन करने पर कोर्ट की ओर से रोक लगी है। इसके बावजूद सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए रेत माफिया अवैध खनन में जुटा है। लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि रेत माफिया रात के समय अपने ट्रैक्टर ट्रालियों को गुप्त रास्तों से लेकर इन नदियों में उतरते हैं और बिना किसी निडर के धड़ल्ले से अवैध खनन कर रेत से भरी ट्रालियों को रात को घरों में छिपाकर खड़ी कर लेते हैं। जैसे ही कोई भी मकान का निर्माण करने वाला व्यक्ति रेत की मांग करता है तो उसे मनमाने दाम पर बेच देते हैं। अवैध खनन के कार्य पर न तो खनन विभाग और न ही पुलिस विभाग रोक लगा पा रहा है, जिससे विभाग और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लगता नजर आ रहा है। इतना ही नहीं आजकल तो रेत से भरी ट्रालियां दिन में भी सरपट दौड़तीं नजर आ रही हैं।
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बरवाला। बरवाला और रायपुररानी के कई गांवों के साथ लगती टांगरी नदी व रत्तेवाली, टिब्बी, बुंगा, खेतपुराली, श्यामटू के गांवों के साथ लगती छोटी नदियों में अवैध खनन का कार्य हो रहा है। जबकि अवैध खनन करने पर कोर्ट की ओर से रोक लगी है। इसके बावजूद सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए रेत माफिया अवैध खनन में जुटा है। लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि रेत माफिया रात के समय अपने ट्रैक्टर ट्रालियों को गुप्त रास्तों से लेकर इन नदियों में उतरते हैं और बिना किसी निडर के धड़ल्ले से अवैध खनन कर रेत से भरी ट्रालियों को रात को घरों में छिपाकर खड़ी कर लेते हैं। जैसे ही कोई भी मकान का निर्माण करने वाला व्यक्ति रेत की मांग करता है तो उसे मनमाने दाम पर बेच देते हैं। अवैध खनन के कार्य पर न तो खनन विभाग और न ही पुलिस विभाग रोक लगा पा रहा है, जिससे विभाग और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लगता नजर आ रहा है। इतना ही नहीं आजकल तो रेत से भरी ट्रालियां दिन में भी सरपट दौड़तीं नजर आ रही हैं।