फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   chandigarh will become a smart city, villages also get 24 hours electricity

चंडीगढ़ बनेगा स्मार्ट सिटी, गांवों को भी 24 घंटे बिजली

Wed, 01 Jul 2015 01:05 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़। Updated Wed, 01 Jul 2015 01:05 PM IST
विज्ञापन
chandigarh will become a smart city, villages also get 24 hours electricity

स्मार्ट सिटी के लिए चंडीगढ़ का नाम शार्टलिस्ट होने के बाद इंजीनियरिंग विभाग ने बिजली की स्मार्ट सप्लाई का रोडमैप तैयार कर लिया है।

विज्ञापन


दावा है कि तय प्रोजेक्ट के अलावा अगले पांच साल में बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर पर इंजीनियरिंग विभाग 100 करोड़ रुपये की लागत से नए ग्रिड स्थापित करेगा, ताकि शहर ही नहीं, गांवों को भी 24 घंटे बिजली की सप्लाई मिले।

अभी शहर में बिजली की सबसे अधिक खपत घरेलू कामों में होती है। बिजली की 40 फीसदी घरेलू, 40 फीसदी प्राइवेट व सरकारी दफ्तर और सिर्फ 20 फीसदी इंडस्ट्री में खपत होती है।
विज्ञापन


हालांकि, इंजीनियरिंग विभाग ने मास्टर प्लान-2031 में भी बिजली सप्लाई को विशेष तव्वजो दी है।

दरअसल, स्मार्ट सिटी के लिए पहली अनिवार्यता शहर में 24 घंटे बिजली और पानी की सप्लाई है। करीब 12 लाख की आबादी वाले इस शहर में प्रतिदिन औसतन 250 मेगावाट बिजली की खपत होती है, जबकि गर्मियों में यह डिमांड 300 से 340 मेगावाट तक पहुंच जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


हल्लोमाजरा में बनेगा 100 करोड़ से पावर ग्रिड

हल्लोमाजरा में मिनिस्ट्री ऑफ पावर ने 160 एमवी का पावर ग्रिड लगाने की मंजूरी दे दी है। साल भर में करीब 100 करोड़ की लागत से पावर ग्रिड तैयार कर लिया जाएगा।

इसकी मंजूरी पहले ही मिल चुकी है और आगामी पांच साल खर्च होने वाली 100 करोड़ की राशि इससे अलग होगी, जिसकी मंजूरी भी अभी बाकी है।

इसके अलावा 2-3 साल में चंडीगढ़ में दो और नए ट्रांसमिशन लगाने का प्रपोजल भी तैयार किया गया है। वहीं, सेक्टर-18, 26, 34, रायपुरकलां और सारंगपुर में 66 केवी के सब स्टेशन भी स्थापित किए जाएंगे। अभी बिजली विभाग का हर साल 700 करोड़ का बजट पास किया जाता है।

यह है बिजली विभाग की प्लानिंग

स्मार्ट सिटी के लिए जरूरी बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए प्रशासन सेंट्रल गवर्नमेंट के निर्देशों पर आईटी सिस्टम को बेहतर करने पर जोर देगा। प्रशासन जल्द ही (आरएपीआरडीटी) सिस्टम को लागू करेगा।

नए सिस्टम के तहत पूरे डाटा को सेंट्रलाइज्ड किया जाएगा। बिजली आपूर्ति में सोलर एनर्जी भी काफी महत्वपूर्ण होगी।

2014 में शहर में 22 लाख यूनिट सोलर एनर्जी का उत्पादन किया गया और भविष्य में यह उत्पादन 50 लाख यूनिट करने का लक्ष्य है। अधिकारियों के अनुसार, शहर में साल भर की खपत 17 हजार लाख यूनिट है।

योजना यह भी है कि बिजली के तारों को अंडरग्राउंड किया जाएगा, लेकिन इसमें अभी काफी समय लगेगा।
 
अभी अघोषित कटों से परेशान हैं लोग
बिजली विभाग शहरवासियों को 24 घंटे बिजली सप्लाई देने का दावा करता है, लेकिन कई मायनों में ये दावे खोखले हैं। गर्मी के दिनों में खूब अघोषित कट लगते हैं। मरम्मत के नाम पर 5 से 7 सेक्टरों में 2 से 6 घंटे तक कट लगते हैं।

बिजली विभाग के पास कर्मचारियों की भी कमी है। अभी बिजली विभाग सिर्फ 1100 कर्मचारियों के हवाले है। ऐसे में गर्मी के दिनों में शिकायतों के निपटारे के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ती है।

ज्वाइंट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलरेटरी कमीशन (जेईआरसी) ने हाल ही में 1400 नए कर्मचारियों की भर्ती करने की अनुमति दी है। अधिकारियों के अनुसार, 50 फीसदी कर्मचारी स्थायी और 50 फीसदी आउटसोर्स किए जाएंगे।

स्मार्ट सिटी बने तो बिजली की घटेगी खपत
बिजली विभाग के अधिकारियों का मानना है कि स्मार्ट सिटी बनने के बाद शहर में बिजली की खपत कम होगी। बिजली उपकरणों को नई तकनीक से बेहतर इस्तेमाल किया जाएगा।

घर बैठकर दफ्तर और दफ्तर से घर में बिजली की मॉनिटिरिंग हो सकेगी।

चंडीगढ़ में डिस्ट्रिब्यूशन लॉस करीब 11 फीसदी है, जिसे शहर में पावर ग्रिड स्थापित होने से कम किया जा सकेगा। इसके अलावा शहर से झुग्गी-झोपड़ियां लगभग खत्म होने जा रही हैं। ऐसे में बिजली चोरी की गुंजाइश भी कम हो गई है।


रिहैबिलिटेशन के तहत बनाई गई कालोनियों में प्रशासन ने करीब 10 हजार बिजली के नए कनेक्शन दिए हैं। पांच हजार कनेक्शन और दिए जाएंगे। अभी चंडीगढ़ में करीब दो लाख बिजली कनेक्शन हैं, जिनमें इंडस्ट्री की संख्या 25 हजार के करीब है।


ये भी शामिल है प्लानिंग में
- चोरी और अन्य जुर्माने से बिजली विभाग सालाना 5 से 6 करोड़ वसूली करता है।
- बिजली की चोरी रोकने के लिए असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर की नियुक्ति की गई है।
- यूटी के लिए 3.93 रुपये प्रति यूनिट बिजली खरीदी जाती है और 4.64 रुपये प्रति यूनिट बेची जाती है।
- यूटी को नालागढ़, मोहाली और धूलकूट पावर ग्रिड से बिजली की सप्लाई आती है।
- बिजली के पुराने तारों के कारण होने वाले घाटे को कम करने की कोशिश होगी।


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed