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Chandigah Bomb Blast: क्रिकेटर नहीं बन पाया तो बन गया बुकी, लॉरेंस के साथ सेटिंग, अर्जुन ठाकुर की पूरी कुंडली

Sun, 01 Dec 2024 01:02 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: अंकेश ठाकुर Updated Sun, 01 Dec 2024 01:02 PM IST
सार

क्रिकेट के मैदान से बाहर निकलते ही अपनी जन्नत बनाने के शौक ने अर्जुन ठाकुर को पहले एक बुकी बनाया और इस बुक चलाने के काले धंधे ने अर्जुन ठाकुर को लॉरेंस गैंग के एकदम करीब ला दिया। 

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Chandigarh nigh club bomb blast accused ASI son Arjun thakur want to be cricketer
धमाके से टूटे क्लब के शीशे - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंडीगढ़ के सेक्टर-26 स्थित डि ओरा और सेविले नाइट क्लब में हुए बम ब्लास्ट मामले में गिरफ्तार किए आरोपी अर्जुन ठाकुर की पुलिस ने पूरी कुंडली खंगाल ली है। चंडीगढ़ पुलिस के रिटायर्ड एसआई के बेटे के तौर पर पहचान रखने वाले आरोपी अर्जुन ठाकुर का गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ के साथ लिंक सामने आया है। क्रिकेट के मैदान से बाहर निकलते ही अपनी जन्नत बनाने के शौक ने अर्जुन ठाकुर को पहले एक बुकी बना दिया और इस क्रिकेट मैचों में बेटिंग (सट्टा) चलाने के काले धंधे ने अर्जुन ठाकुर को लॉरेंस गैंग के एकदम करीब ला दिया। 
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मामले की जांच कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अर्जुन ठाकुर एक क्रिकेटर बनना चाहता था, लेकिन पैसों के लालच ने उसे सट्टेबाजों का दरवाजा दिखा दिया। अर्जुन ठाकुर पर पहले भी चंडीगढ़ पुलिस ने कई आपराधिक मामले दर्ज किए है, लेकिन हर बार वह अपने एआई पिता के कारण बचकर निकल जाता था। चंडीगढ़ के सेक्टर-9, 7 और 26 के कई नाइट क्लब और डिस्कोथेक में क्रिकेट व अन्य खेलों पर सट्टेबाजी का काम चलाता था। 
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जमानत पर बाहर आया था अर्जुन
वर्ष 2023 में अर्जुन ठाकुर को पुलिस ने एक क्लब संचालक से फिरौती मांगने के मामले में ही गिरफ्तार किया था। इसी साल करीब 8-9 महीने पहले ही बुड़ैल जेल से जमानत पर छूटकर बाहर आया था। उसका लॉरेंस बिश्नोई गैंग के साथ पुराना नाता रहा है।
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सट्टे में पैसे हारने पर लॉरेंस गैंग की लेता था मदद
पुलिस की मानें तो आरोपी अर्जुन ठाकुर सट्टे में जब लाखों रुपये हार जाता था, तब वह गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के गुर्गों को बीच में डालकर सेटलमेंट करवाता था। इसके एवज में आरोपी अर्जुन लॉरेंस के गुर्गों को फिरौती के लिए शहर के नामी क्लब मालिकों के नाम व मोबाइल नंबर उपलब्ध कराता था, ताकि वह आसानी से फिरौती मांग सके। इन सब बातों का खुलासा पुलिस की रिमांड के दौरान हुआ है। 


पुलिस कॉल डिटेल रिकवर करने में जुटी
अर्जुन की लगातार लॉरेंस गैंग के गुर्गों से बातचीत होती थी, पुलिस की मानें तो वह बीते दो से तीन सालों से गैंगस्टर लॉरेंस, काला जठेड़ी, संपत्त नेहरा और गोल्डी बराड़ के संपर्क में भी था। पुलिस ने अर्जुन का मोबाइल फोन सीएफएसएल जांच के लिए भेजा है, गिरफ्तारी से पहले अर्जुन ने अपने मोबाइल फोन से कई व्हाट्सअप मैसेज और कॉल्स की डिटेल्स डीलिट कर दी है, पुलिस उन कॉल्स को रिकवर करने का प्रयास कर रही है।
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