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ट्रांसफर कैंसिल करवाना था: आईबी जवान ने बनवाया बेटे का फर्जी 90 फीसदी दिव्यांगता सर्टिफिकेट, ऐसे हुआ खुलासा
Thu, 10 Apr 2025 12:13 PM IST
निवेदिता वर्मा
हरीश कोचर, संवाद, चंडीगढ़
हरीश कोचर, संवाद, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 10 Apr 2025 12:13 PM IST
सार
इंटेलिजेंस ब्यूरो के जवान का कुछ समय पहले मुंबई ट्रांसफर हुआ था। इसे रूकवाने के लिए उसने पीजीआई के डाॅक्टर से मिलीभगत कर अपने बेटे का 90 फीसदी दिव्यांगता का सर्टिफिकेट बनवा लिया।
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फ्रॉड।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के एक जवान ने मुंबई का ट्रांसफर कैंसिल करवाने के लिए अपने बेटे का 90 प्रतिशत दिव्यांगता का फर्जी सर्टिफिकेट बनवा लिया। यह फर्जीवाड़ा तब सामने आया, जब मामला चंडीगढ़ आईबी मुख्यालय में एडीजीपी के पास पहुंचा।
जवान ने पीजीआई के एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर के एक डॉक्टर की मिलीभगत से अपने बेटे का 90 प्रतिशत दिव्यांगता का सर्टिफिकेट बनवाया। इस सर्टिफिकेट का इस्तेमाल जवान ने मुंबई ट्रांसफर कैंसिल करवाने के लिए किया। इसे लेकर वह दिल्ली में आईबी के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मिला।
यह भी पढ़ें: ऐसी हिमाकत: सब इंस्पेक्टर को उसी की पिस्टल की गोली से उड़ाया, एएसआई की बाजू तोड़ी; DSP के सामने गुंडागर्दी
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चंडीगढ़ आईबी मुख्यालय ने मामले की जांच शुरू कर जवान को नोटिस जारी किया है। वहीं, पीजीआई निदेशक ने भी मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित की है। यह भी आरोप है कि जवान ने सर्टिफिकेट बनवाने के लिए घूस दी और खुद को डीएसपी बताया।
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जवान ने पीजीआई के एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर के एक डॉक्टर की मिलीभगत से अपने बेटे का 90 प्रतिशत दिव्यांगता का सर्टिफिकेट बनवाया। इस सर्टिफिकेट का इस्तेमाल जवान ने मुंबई ट्रांसफर कैंसिल करवाने के लिए किया। इसे लेकर वह दिल्ली में आईबी के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मिला।
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चंडीगढ़ आईबी मुख्यालय ने मामले की जांच शुरू कर जवान को नोटिस जारी किया है। वहीं, पीजीआई निदेशक ने भी मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित की है। यह भी आरोप है कि जवान ने सर्टिफिकेट बनवाने के लिए घूस दी और खुद को डीएसपी बताया।
यह है मामला
जवान का कुछ समय पहले अंबाला ट्रांसफर हुआ था, लेकिन बाद में मुंबई ट्रांसफर कर दिया गया। जवान ने मुंबई में जाॅइन करने के बाद आईबी के उच्चाधिकारियों से तबादला वापस नॉर्थ रीजन में करने की मांग की क्योंकि जवान का परिवार चंडीगढ़ में रहता है और नॉर्थ रीजन से तबादला होने पर सरकारी क्वार्टर खाली करना होता है।इसके बाद जवान ने अपने बेटे का फर्जी दिव्यांगता सर्टिफिकेट बनवाकर अपना ट्रांसफर चंडीगढ़ या जम्मू-कश्मीर में करवाने के लिए आवेदन किया। जब यह मामला चंडीगढ़ आईबी मुख्यालय पहुंचा, तो जांच में सर्टिफिकेट फर्जी पाया गया। जवान के बेटे को पूरी तरह से स्वस्थ पाया गया। आईबी मुख्यालय ने जवान को तीन नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।