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Chandigarh News: चंडीगढ़ बम धमाका... जींद जेल में बंद साहिल ने एक माह पहले दिए थे हथियार
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हिसार। जिले के गांव पीरांवाली में 26 नवंबर को एसटीएफ पर फायरिंग और सरकारी काम में बाधा पहुंचाने के मामले में पकड़े गए दोनों आरोपियों खरड़ निवासी अजीत और देवा निवासी विनय को सीआईए टीम बुधवार को रोहतक लेकर पहुंची। दोनों आरोपियों से निशानदेही करवाई गई, जहां से पेटवाड़ वासी साहिल ने हथियार दिए थे। पूछताछ में सामने आया कि साहिल ने करीब एक माह पहले हथियार दिए थे।
पुलिस दोनों आरोपियों को वीरवार को दोबारा से अदालत में पेश करेगी। पुलिस हथियार देने के मामले में जींद जेल में बंद आरोपी साहिल से पूछताछ करेगी। पुलिस उसे वीरवार को प्रोडक्शन वारंट पर लाएगी। वहीं, एसटीएफ चंडीगढ़ में हुए धमाके के मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
सीआईए ने मंगलवार को दोनों आरोपियों विनय और अजीत को अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया था। बुधवार सुबह सीआईए की टीम दोनों आरोपियों को लेकर रोहतक में बाईपास महम मार्ग पर पहुंची। वहां पर दोनों आरोपियों से निशानदेही करवाई गई, जहां से साहिल ने दोनों को हथियार दिए थे। जांच में सामने आया कि एक माह पहले से चंडीगढ़ में बम धमाके करने की साजिश चल रही थी। दोनों आरोपियों को पहले हथियार मुहैया करवाए गए। इसके बाद करनाल से बम दिए गए। बम और हथियार लेकर दोनों आरोपी चंडीगढ़ पहुंचे और 26 नवंबर को डिओरा क्लब के बाहर तड़के 3:12 बजे और सेविले बार एंड लाउंज क्लब के बाहर 3:14 बजे दो धमाके किए।
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बता दें कि घटना के कुछ घंटों बाद गैंगस्टर लॉरेंस के साथी गोल्डी बराड़ व रोहित गोदारा ने सोशल मीडिया पर इनकी जिम्मेदारी ली थी। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थी। हिसार एसटीएफ चंडीगढ़ के सेक्टर-11 की क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर सतविंदर सिंह व एसटीफ की संयुक्त टीम शहर में मौजूद थी। देर शाम सूचना मिली कि धमाके के दो आरोपी शहर से पीरांवाली की तरफ बाइक पर आ रहे हैं। टीम के करीब 15 सदस्य तीन गाड़ियों में हथियारों समेत पीरांवाली के पास मुस्तैद हो गए। इस दौरान पुलिस ने बाइक सवार दो युवकों को रुकवाने का इशारा किया तो वे बाइक छोड़कर भागने लगे। इसके बाद पुलिस ने पीछा किया तो दोनों ने पिस्तौल से गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। जवाबी फायरिंग में दोनों बदमाशों के पैर में गोलियां लगीं और पुलिस ने उन्हें दबोच लिया था। मुठभेड़ में एसटीएफ के एसआई अनूप व संदीप कुमार की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोली लगी थी। दोनों आरोपी नेशनल स्तर के कबड्डी खिलाड़ी रहे हैं।
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पुलिस दोनों आरोपियों को वीरवार को दोबारा से अदालत में पेश करेगी। पुलिस हथियार देने के मामले में जींद जेल में बंद आरोपी साहिल से पूछताछ करेगी। पुलिस उसे वीरवार को प्रोडक्शन वारंट पर लाएगी। वहीं, एसटीएफ चंडीगढ़ में हुए धमाके के मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
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सीआईए ने मंगलवार को दोनों आरोपियों विनय और अजीत को अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया था। बुधवार सुबह सीआईए की टीम दोनों आरोपियों को लेकर रोहतक में बाईपास महम मार्ग पर पहुंची। वहां पर दोनों आरोपियों से निशानदेही करवाई गई, जहां से साहिल ने दोनों को हथियार दिए थे। जांच में सामने आया कि एक माह पहले से चंडीगढ़ में बम धमाके करने की साजिश चल रही थी। दोनों आरोपियों को पहले हथियार मुहैया करवाए गए। इसके बाद करनाल से बम दिए गए। बम और हथियार लेकर दोनों आरोपी चंडीगढ़ पहुंचे और 26 नवंबर को डिओरा क्लब के बाहर तड़के 3:12 बजे और सेविले बार एंड लाउंज क्लब के बाहर 3:14 बजे दो धमाके किए।
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बता दें कि घटना के कुछ घंटों बाद गैंगस्टर लॉरेंस के साथी गोल्डी बराड़ व रोहित गोदारा ने सोशल मीडिया पर इनकी जिम्मेदारी ली थी। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थी। हिसार एसटीएफ चंडीगढ़ के सेक्टर-11 की क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर सतविंदर सिंह व एसटीफ की संयुक्त टीम शहर में मौजूद थी। देर शाम सूचना मिली कि धमाके के दो आरोपी शहर से पीरांवाली की तरफ बाइक पर आ रहे हैं। टीम के करीब 15 सदस्य तीन गाड़ियों में हथियारों समेत पीरांवाली के पास मुस्तैद हो गए। इस दौरान पुलिस ने बाइक सवार दो युवकों को रुकवाने का इशारा किया तो वे बाइक छोड़कर भागने लगे। इसके बाद पुलिस ने पीछा किया तो दोनों ने पिस्तौल से गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। जवाबी फायरिंग में दोनों बदमाशों के पैर में गोलियां लगीं और पुलिस ने उन्हें दबोच लिया था। मुठभेड़ में एसटीएफ के एसआई अनूप व संदीप कुमार की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोली लगी थी। दोनों आरोपी नेशनल स्तर के कबड्डी खिलाड़ी रहे हैं।