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यूटी प्रशासन रद्द करेगा हरियाणा में 26 करोड़ के छात्रवृत्ति घोटाले में केस, विजिलेंस कर रही जांच
Mon, 19 Aug 2019 01:09 PM IST
खुशबू गोयल
अनुभव अवस्थी, अमर उजाला, चंडीगढ़
अनुभव अवस्थी, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 19 Aug 2019 01:09 PM IST
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फाइल फोटो
हरियाणा में 26 करोड़ रुपये के चर्चित पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति घोटाले में प्रदेश सरकार के आग्रह पर चंडीगढ़ प्रशासन ने सेक्टर 17 के थाने में दर्ज एफआईआर रद्द करने का निर्णय लिया है। इसके लिए एडवाइजर मनोज परिदा ने पुलिस विभाग को आदेश दे दिया है। प्रशासन द्वारा जल्द ही एफआईआर रद्द करने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
हरियाणा सरकार के वेलफेयर ऑफ शेड्यूल कास्ट एंड बैकवर्ड क्लास विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी ने हाल ही में चंडीगढ़ प्रशासन को लेटर भेजकर एससी और बीसी वर्ग के विद्यार्थियों को दी जाने वाली पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना में हुए घोटाले के संदर्भ में सेक्टर 17 के थाने में दर्ज एफआईआर को रद्द करने का आग्रह किया है। हरियाणा सरकार ने केस निरस्त करने को लेकर प्रशासन को कई प्रकार के तर्क भी दिए हैं।
चंडीगढ़ प्रशासन को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि हरियाणा सरकार ने घोटाले में गंभीरता दिखाते हुए इसकी जांच राज्य विजिलेंस को सौंपी है। विजिलेंस इस पर तेजी से काम कर रहा है। घोटाले की पूरी रिपोर्ट राज्य सरकार को भी साैंपी जा चुकी है। इसके बाद विजिलेंस विभाग ने 30 जुलाई को रोहतक में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। इससे पहले तेजी दिखाते हुए विभाग ने घोटाले में चंडीगढ़ के सेक्टर 17 थाने में 13 मई को रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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इस केस को लेकर हरियाणा सरकार ने लेटर में कहा है कि घोटाले का यह एक छोटा सा हिस्सा है। घोटाले का पूरा प्रकरण बहुत बड़ा है, जिसकी जांच विजिलेंस तेजी से कर रही है। अभी घोटाले की जांच सोनीपत, रोहतक और झज्जर में चल रही है। आने वाले दिनों में इसका दायरा और अधिक बढ़ सकता है। इस वजह से चंडीगढ़ प्रशासन सेक्टर 17 के थाने में दर्ज एफआईआर को रद्द करे। इस मसले पर एडवाइजर मनोज परिदा का कहना है कि हरियाणा सरकार का आग्रह सही है। चंडीगढ़ प्रशासन इससे सहमत है, इसलिए जल्द ही केस रद्द करके हरियाणा सरकार को अवगत करा दिया जाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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हरियाणा सरकार के वेलफेयर ऑफ शेड्यूल कास्ट एंड बैकवर्ड क्लास विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी ने हाल ही में चंडीगढ़ प्रशासन को लेटर भेजकर एससी और बीसी वर्ग के विद्यार्थियों को दी जाने वाली पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना में हुए घोटाले के संदर्भ में सेक्टर 17 के थाने में दर्ज एफआईआर को रद्द करने का आग्रह किया है। हरियाणा सरकार ने केस निरस्त करने को लेकर प्रशासन को कई प्रकार के तर्क भी दिए हैं।
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चंडीगढ़ प्रशासन को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि हरियाणा सरकार ने घोटाले में गंभीरता दिखाते हुए इसकी जांच राज्य विजिलेंस को सौंपी है। विजिलेंस इस पर तेजी से काम कर रहा है। घोटाले की पूरी रिपोर्ट राज्य सरकार को भी साैंपी जा चुकी है। इसके बाद विजिलेंस विभाग ने 30 जुलाई को रोहतक में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। इससे पहले तेजी दिखाते हुए विभाग ने घोटाले में चंडीगढ़ के सेक्टर 17 थाने में 13 मई को रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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इस केस को लेकर हरियाणा सरकार ने लेटर में कहा है कि घोटाले का यह एक छोटा सा हिस्सा है। घोटाले का पूरा प्रकरण बहुत बड़ा है, जिसकी जांच विजिलेंस तेजी से कर रही है। अभी घोटाले की जांच सोनीपत, रोहतक और झज्जर में चल रही है। आने वाले दिनों में इसका दायरा और अधिक बढ़ सकता है। इस वजह से चंडीगढ़ प्रशासन सेक्टर 17 के थाने में दर्ज एफआईआर को रद्द करे। इस मसले पर एडवाइजर मनोज परिदा का कहना है कि हरियाणा सरकार का आग्रह सही है। चंडीगढ़ प्रशासन इससे सहमत है, इसलिए जल्द ही केस रद्द करके हरियाणा सरकार को अवगत करा दिया जाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।