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Hindi News ›   Chandigarh ›   Budget 2021 in Haryana News: Real Estate Investment Trust will help Haryana Govt to deal with the Corona crisis

बजट : अब कोरोना संकट से निपटने में रीट बनेगा हरियाणा सरकार का सहारा, 500 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य

Sat, 13 Mar 2021 02:04 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sat, 13 Mar 2021 02:04 AM IST
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Budget 2021 in Haryana News: Real Estate Investment Trust will help Haryana Govt to deal with the Corona crisis
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल। - फोटो : अमर उजाला

कोविड की चुनौतियों से भरे मनोहर के आम बजट में जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) सरकार का सहारा बन कर उभरी है। चारों तरफ से राजस्व में अचानक आई कटौती में जीएसटी ने राज्य सरकार के लिए ऑक्सीजन का काम किया है। यही कारण था कि शुक्रवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल केंद्र की इस कर व्यवस्था की शान में कसीदे पढ़ने से नहीं चूके। आगे आने वाले आर्थिक संकटों से निपटने के लिए सरकार को अब रियल इस्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट (रीट) का सहारा है।

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मुख्यमंत्री ने बताया कि कोविड की महामारी के बावजूद एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। हरियाणा भौगोलिक स्थिति के नजरिए से भले ही देश के कुल क्षेत्रफल का 1.4 प्रतिशत से भी कम है, इसके बावजूद राज्य ने देश के कुल जीएसटी संग्रहण में 4.5 प्रतिशत का योगदान दिया है। सरकार ने आय बढ़ाने के लिए बजट में नया फार्मूला ईजाद किया है। जिसके तहत रीट और इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (इन्विट) की अवधारणा को सिरे चढ़ाने का मन बनाया है। 
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यह जनता पर बोझ डाले बगैर अतिरिक्त संसाधन जुटाने में सरकार की मदद करेगा। रीट के लिए ऐसी संपत्तियों की सूची तैयार की जाएगी। जिसमें नगर पालिका की संपत्तियां, बस अड्डे, गेस्ट हाउस और हरियाणा पयर्टन निगम सहित सार्वजनिक उपक्रमों की संपत्तियां शामिल की जाएंगी। इन संपत्तियों से जुटाए गए संसाधनों को न्यूनतम कटौती के बाद संबंधित संस्थाओं को सौंप दिया जाएगा। सरकार इस माध्यम से इस वित्त वर्ष में 500 करोड़ कमाने की चाहत रखे है।
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विवादों का निपटारा कर राजस्व कमाने पर फोकस
विभागों के माध्यम से इकट्ठा होने वाला कर प्रयोक्ता शुल्क और अन्य मतभेद के कारण इकटठा नहीं हो पा रहा था। ऐसे सभी विवादों के निपटारे के लिए योजना तैयार की जाएगी। जिससे विवादों का निपटारा हो और सरकार को राजस्व मिले।

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