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कोई भी उठा सकता है पेक के सेंटर फॉर एक्सीलेंस का लाभ
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चंडीगढ़। पेक के सेंटर फॉर एक्सीलेंस को घाटे से उबारने के लिए तैयारियां चल रही हैं। इस बड़े सेंटर का लाभ अन्य शिक्षण संस्थानों के छात्र व शोधार्थी भी उठा सकेंगे। इसके लिए छात्रों को मामूली शुल्क पेक को देना होगा। साथ ही प्रयोगशाला में जाने से पहले पेक प्रशासन की अनुमति लेनी होगी।
पेक में करोड़ों की लागत से सेंटर फॉर एक्सीलेंस की स्थापना की गई थी। इंजीनियरिंग के छात्रों को अपने प्रोजेक्ट व शोध इसके जरिए पूरे करने थे। इसका लाभ छात्र उठा भी रहे हैं, लेकिन मशीनों की लागत आदि नहीं निकल पा रही है। सूत्रों का कहना है कि यह प्रयोगशाला घाटे में आ गई। इसी को उबारने के लिए अन्य शिक्षण संस्थानों के छात्रों को बुलाया गया है।
अधिक छात्रों को प्रयोगशाला का लाभ देने की कोशिश : पेक निदेशक
कुछ शिक्षण संस्थानों से कहा गया है कि वे अपने शिक्षक व विद्यार्थियों को अपने प्रोजेक्ट आदि के लिए पेक भेज सकते हैं। इसके लिए निर्धारित शुल्क चुकाना होगा। इस योजना से लग रहा है कि पेक की यह प्रयोगशाला दौड़ने लगेगी और खर्च भी निकलेगा। पेक निदेशक प्रो. बलदेव सेतिया का कहना है कि प्रयोगशाला का लाभ अधिक से अधिक छात्रों को मिले, इस दृष्टिकोण से यह किया गया है। छात्र अनुमति लेकर यहां अपना कार्य कर सकते हैं।
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पेक में करोड़ों की लागत से सेंटर फॉर एक्सीलेंस की स्थापना की गई थी। इंजीनियरिंग के छात्रों को अपने प्रोजेक्ट व शोध इसके जरिए पूरे करने थे। इसका लाभ छात्र उठा भी रहे हैं, लेकिन मशीनों की लागत आदि नहीं निकल पा रही है। सूत्रों का कहना है कि यह प्रयोगशाला घाटे में आ गई। इसी को उबारने के लिए अन्य शिक्षण संस्थानों के छात्रों को बुलाया गया है।
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अधिक छात्रों को प्रयोगशाला का लाभ देने की कोशिश : पेक निदेशक
कुछ शिक्षण संस्थानों से कहा गया है कि वे अपने शिक्षक व विद्यार्थियों को अपने प्रोजेक्ट आदि के लिए पेक भेज सकते हैं। इसके लिए निर्धारित शुल्क चुकाना होगा। इस योजना से लग रहा है कि पेक की यह प्रयोगशाला दौड़ने लगेगी और खर्च भी निकलेगा। पेक निदेशक प्रो. बलदेव सेतिया का कहना है कि प्रयोगशाला का लाभ अधिक से अधिक छात्रों को मिले, इस दृष्टिकोण से यह किया गया है। छात्र अनुमति लेकर यहां अपना कार्य कर सकते हैं।
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