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लॉकडाउनः कोरोना से लड़ रहे डॉक्टरों के लिए खुला होटल पार्क व्यू, पीजीआई-जीएमसीएच उठाएगा खर्चा
Thu, 02 Apr 2020 02:15 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Thu, 02 Apr 2020 02:15 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
चंडीगढ़ के दो सरकारी अस्पतालों में कोरोना से लड़ रहे डॉक्टरों के लिए प्रशासन ने एक बड़ी पहल की है। एडवाइजर मनोज परिदा ने बुधवार को बताया कि प्रशासन ने सेक्टर-24बी स्थित होटल पार्क व्यू को सरकारी डॉक्टरों के लिए खोल दिया गया है। वह यहां आकर रह सकते हैं। उनका खर्च प्रशासन उठाएगा।
एडवाइजर ने कहा कि कोरोना वायरस से लड़ रहे पीजीआई और जीएमसीएच-32 का कोई भी डॉक्टर जो खुद को सेल्फ क्वारंटीन करना चाहता हो, वह यहां आकर रह सकता है। उनके रहने और खाने का खर्च प्रशासन उठाएगा। हालांकि, प्राइवेट अस्पतालों के डॉक्टरों को इस सुविधा के लिए पैसे देने होंगे।
प्रशासन का कहना है कि कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में सबसे आगे डॉक्टर खड़े हैं। उनकी और उनके परिवार की सुरक्षा प्रशासन की जिम्मेदारी है, इसलिए इन दो अस्पतालों में जहां कोरोना से पीड़ित मरीजों का इलाज चल रहा है, वहां तैनात डॉक्टर घर की बजाय इस होटल में रहे सकते हैं ताकि उनके परिवार में संक्रमण फैलने का खतरा न हो।
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फर्जी पास से घूमते पकड़े गए तो कानूनी कार्रवाई
बुधवार को जगह-जगह नाके लगाकर पास चेक किए गए। इस दौरान बहुत से फर्जी पास मिले हैं। उनके ऊपर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। एडवाइजर मनोज परिदा ने अपने ट्विटर हैंडल पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कई फेक कर्फ्यू पास होल्डर चेकिंग के दौरान मिले हैं।
इनके ऊपर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने ऐसे लोगों को चेतावनी भी दी है। दरअसल, पास सिर्फ आवश्यक सेवाओं में लगे कर्मचारियों और लोगों को ही जारी किए जाने थे, लेकिन आवश्यक सेवाओं का हवाला देकर सैकड़ों पास लोगों ने जारी करा लिए हैं।
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एडवाइजर ने कहा कि कोरोना वायरस से लड़ रहे पीजीआई और जीएमसीएच-32 का कोई भी डॉक्टर जो खुद को सेल्फ क्वारंटीन करना चाहता हो, वह यहां आकर रह सकता है। उनके रहने और खाने का खर्च प्रशासन उठाएगा। हालांकि, प्राइवेट अस्पतालों के डॉक्टरों को इस सुविधा के लिए पैसे देने होंगे।
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प्रशासन का कहना है कि कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में सबसे आगे डॉक्टर खड़े हैं। उनकी और उनके परिवार की सुरक्षा प्रशासन की जिम्मेदारी है, इसलिए इन दो अस्पतालों में जहां कोरोना से पीड़ित मरीजों का इलाज चल रहा है, वहां तैनात डॉक्टर घर की बजाय इस होटल में रहे सकते हैं ताकि उनके परिवार में संक्रमण फैलने का खतरा न हो।
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फर्जी पास से घूमते पकड़े गए तो कानूनी कार्रवाई
बुधवार को जगह-जगह नाके लगाकर पास चेक किए गए। इस दौरान बहुत से फर्जी पास मिले हैं। उनके ऊपर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। एडवाइजर मनोज परिदा ने अपने ट्विटर हैंडल पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कई फेक कर्फ्यू पास होल्डर चेकिंग के दौरान मिले हैं।
इनके ऊपर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने ऐसे लोगों को चेतावनी भी दी है। दरअसल, पास सिर्फ आवश्यक सेवाओं में लगे कर्मचारियों और लोगों को ही जारी किए जाने थे, लेकिन आवश्यक सेवाओं का हवाला देकर सैकड़ों पास लोगों ने जारी करा लिए हैं।