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Chandigarh News: शराब व धूम्रपान की लत... धीरे-धीरे शिकंजे में ले रहा कैंसर
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चंडीगढ़। भागदौड़ की जिंदगी में अनियमित दिनचर्या और खानपान में लापरवाही लोगों को धीरे-धीरे कैंसर की चपेट में ले रही है। स्थिति यह है कि अनजाने में प्रतिदिन की जाने वाली छोटी-छोटी गलतियां गंभीर बीमारी के कारण के रूप में सामने आ रही हैं।
शराब, धूम्रपान और मोटापा तेजी से कैंसर बढ़ा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित दिनचर्या का पालन करने के साथ पोषक आहार लिया जाए तो बीमारी के खतरे को काफी हद तक दूर किया जा सकता है।
बता दें कि पिछले पांच साल में पीजीआई में भर्ती कैंसर मरीजों का आंकड़ा दोगुने से अधिक हो गया है। विभाग के प्रमुख प्रोफेसर राकेश कपूर का कहना है कि समय रहते लक्षणों पर गौर कर इलाज शुरू कर दिया जाए तो 90 प्रतिशत मामलों में काबू पाया जा सकता है लेकिन कई कैंसर ऐसे हैं, जिनके लक्षण काफी देर से सामने आते हैं इसलिए एक समय सीमा के बाद नियमित रूप से जांच करना जरूरी है ताकि समय रहते कैंसर का पता लगाकर इलाज शुरू किया जा सके। पीजीआई के रेडियोथैरेपी आंकोलॉजी विभाग के ओपीडी और भर्ती मरीजों के आंकड़ों पर गौर करें तो ओपीडी में साल 2024 में 102990 मरीज देखे गए। यह संख्या साल 2023 में 102265 थी। भर्ती मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।
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शराब, धूम्रपान और मोटापा तेजी से कैंसर बढ़ा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित दिनचर्या का पालन करने के साथ पोषक आहार लिया जाए तो बीमारी के खतरे को काफी हद तक दूर किया जा सकता है।
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बता दें कि पिछले पांच साल में पीजीआई में भर्ती कैंसर मरीजों का आंकड़ा दोगुने से अधिक हो गया है। विभाग के प्रमुख प्रोफेसर राकेश कपूर का कहना है कि समय रहते लक्षणों पर गौर कर इलाज शुरू कर दिया जाए तो 90 प्रतिशत मामलों में काबू पाया जा सकता है लेकिन कई कैंसर ऐसे हैं, जिनके लक्षण काफी देर से सामने आते हैं इसलिए एक समय सीमा के बाद नियमित रूप से जांच करना जरूरी है ताकि समय रहते कैंसर का पता लगाकर इलाज शुरू किया जा सके। पीजीआई के रेडियोथैरेपी आंकोलॉजी विभाग के ओपीडी और भर्ती मरीजों के आंकड़ों पर गौर करें तो ओपीडी में साल 2024 में 102990 मरीज देखे गए। यह संख्या साल 2023 में 102265 थी। भर्ती मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।
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