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Chandigarh News: स्वाइन फ्लू और सांस की बीमारियों से निपटने के लिए बनाए 21 फ्लू कार्नर

Wed, 20 Dec 2023 01:47 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 20 Dec 2023 01:47 AM IST
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21 flu corners created to deal with swine flu and respiratory diseases
मोहाली। स्वास्थ्य विभाग स्वाइन फ्लू और सांस संबंधी बीमारियों से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। इसके लिए जिले में 21 फ्लू कार्नर बनाए गए हैं। वहीं, 79 बेड रिजर्व में रखे गए हैं। यह बात स्वाइन फ्लू की तैयारियों का जायजा लेने के दौरान बैठक में डीसी आशिका जैन को स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने कही।
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डीसी जैन ने स्वाइन फ्लू से संबंधित तैयारियों की समीक्षा और दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने बताया कि जिले में अब तक डेराबस्सी उपमंडल में एक बुजुर्ग व्यक्ति के स्वाइन फ्लू (एच-1एन-1) से पीड़ित होने का मामला सामने आया है। मरीज की हालत स्थिर होने के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। जिले में सरकारी एवं निजी स्वास्थ्य संस्थानों में 21 फ्लू कॉर्नर स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा सरकारी अस्पतालों में 34 आइसोलेशन बेड स्थापित किए हैं जबकि 45 निजी हैं। जिला अस्पताल मोहाली में 21 आईसीयू बेड के अलावा निजी अस्पतालों में 75 आईसीयू बेड उपलब्ध हैं। अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में टेबलेट टेमीफ्लू, सिरप फ्लूविर, पीपीई किट, वीटीएम बोतलें, मास्क ट्रिपल लेयर, एन-95 मास्क के अलावा ऑक्सीजन सिलिंडर और कंसन्ट्रेटर का प्रबंध है।
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उचित परीक्षण जरूरी : सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ. महेश कुमार ने कहा कि इन्फ्लूएंजा ए एच1एन1/एच3एन2 पंजाब में एक अधिसूचित रोग है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि इन्फ्लूएंजा के लक्षण वाले सभी रोगियों की सूचना चिकित्सा संस्थानों को दी जाए और यदि वे कोविड निगेटिव और लक्षणात्मक हैं तो स्वाइन फ्लू की संभावना मानी जाए और उचित परीक्षण किया जाए। उन्होंने कहा कि इन्फ्लूएंजा ए एच1एन1/एच3एन2 के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए आईएलआई (इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी) वाले सभी मामलों को सामान्य अस्पताल में उनके परिवहन को रोकने और अन्य रोगियों में बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए फ्लू कॉर्नर पर सूचित किया जाना जरूरी है।
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सांस की समस्या और तेज बुखार होने पर डॉक्टरों से संपर्क करें
उन्होंने यह भी कहा कि इसी प्रकार आपातकालीन या ओपीडी/आईपीडी में काम करने वाले सभी मेडिकल और पैरा-मेडिकल स्टाफ जिन्हें आईएलआई मामलों के संपर्क में आना पड़ता है, उन्हें पर्याप्त सावधानी बरतनी चाहिए। सिविल सर्जन ने सलाह दी है कि सर्दी लगने पर दूसरों को फ्लू फैलने से रोकने के लिए मास्क का प्रयोग करना चाहिए और फ्लू कॉर्नर में जाकर उचित उपचार प्रावधान का पालन करना चाहिए। सांस की गंभीर समस्या और तेज बुखार होने पर डॉक्टरों से संपर्क करना चाहिए। उन्होंने कहा कि चेहरे को मास्क से ढककर ही आईएलआई रोग से होने वाले संक्रमण से बचा जा सकता है। उन्होंने फ्लू होने पर हाथ न मिलाने की भी सलाह दी।

एच-1एन-1 के सामान्य लक्षण

बुखार, मांसपेशियों में दर्द, ठंड लगना और पसीना आना, खांसी, गले में खराश, बहती या बंद नाक, लाल और पानी वाली आंखें, आंखों में दर्द आदि।

एच3एन2 के आम लक्ष्ण

शरीर में दर्द, बुखार, सिरदर्द, गले में खराश, खांसी, थकान, हल्का जमाव, असामान्य लक्षणों में उल्टी और दस्त शामिल हैं।
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