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हरियाणा में किसान की मेहनत पानी में: मंडियों में भीगा 20 लाख मीट्रिक टन गेहूं, खरीद और उठान प्रभावित

Wed, 19 Apr 2023 11:26 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़/हिसार/रोहतक/करनाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़/हिसार/रोहतक/करनाल Published by: ajay kumar Updated Wed, 19 Apr 2023 11:26 PM IST
सार

बुधवार सुबह से शाम तक बादलों की आवाजाही बनी रही। दोपहर बाद चंडीगढ़, पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, जींद, कैथल, करनाल, पानीपत, रोहतक, झज्जर, गुरुग्राम आदि जिलों में हल्की बारिश और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। इसके अलावा उचाना और जींद के बीच लगभग 30 गांवों, कुरुक्षेत्र, पानीपत और कैथल में कहीं-कहीं 15 मिनट तक ओलावृष्टि हुई।

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20 lakh metric tonnes of wheat soaked in mandis due to rain in Haryana
हरियाणा की अनाज मंडी में भीगता गेहूं। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हरियाणा में एक बार फिर बेमौसम बारिश ने किसानों के पीले सोने को भीगो दिया। अभी प्रदेश भर की अनाज मंडियों में करीब 33 लाख मीट्रिक टन गेहूं उठान न होने से पड़ा हुआ है। बुधवार को हुई बारिश और ओलावृष्टि से मंडियों में करीब 20 लाख मीट्रिक टन गेहूं भीग गया। इस दौरान केवल शेड के नीचे रखा गेहूं ही भीगने से बच पाया। शेष गेहूं को बारिश से बचाने के लिए कोई इंतजाम नहीं दिखे।

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अभी तक सिर्फ 9.87 लाख मीट्रिक टन गेहूं गोदामों में पहुंच पाया है। अब उन किसानों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है, जिनका गेहूं मंडियों में तो आ चुका है लेकिन अभी उसकी खरीद नहीं हो सकी है। बारिश में भीगने के कारण गेहूं में नमी बढ़ेगी और खरीद में देरी होगी। उधर, किसानों पर संकट के बादल अभी टले नहीं हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अभी 22 अप्रैल तक बारिश के आसार हैं।
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जींद, कुरुक्षेत्र, पानीपत और कैथल में 15 मिनट गिरे ओले
बुधवार सुबह से शाम तक बादलों की आवाजाही बनी रही। दोपहर बाद चंडीगढ़, पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, जींद, कैथल, करनाल, पानीपत, रोहतक, झज्जर, गुरुग्राम आदि जिलों में हल्की बारिश और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। इसके अलावा उचाना और जींद के बीच लगभग 30 गांवों, कुरुक्षेत्र, पानीपत और कैथल में कहीं-कहीं 15 मिनट तक ओलावृष्टि हुई। जींद के गांव जलालपुर कलां के दिनेश ने बताया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली से गेहूं घर लेकर आ रहा था। बारिश व ओलावृष्टि से ट्रॉली में रखा गेहूं भीग गया। उसे गेहूं ढकने का भी समय नहीं मिला। मौसम के बदलाव के कारण अधिकतम तापमान में 6 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई। 

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20 lakh metric tonnes of wheat soaked in mandis due to rain in Haryana
अनाज मंडी में भीगा गेहूं। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

आगे ऐसा रहेगा मौसम
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि मध्यम श्रेणी का पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली के मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। इसका असर 22 अप्रैल तक रहेगा। सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, कैथल, जींद, कुरुक्षेत्र, करनाल, अंबाला, यमुनानगर व पंचकूला इसका अधिक प्रभाव देखने को मिलेगा। इन क्षेत्रों में तेज गति से हवा चलने, मध्यम श्रेणी की बारिश और एक दो स्थानों पर गरज चमक के साथ ओलावृष्टि की संभावना है। इसके अलावा भिवानी, रोहतक, झज्जर, सोनीपत व पानीपत में हल्की से मध्यम बारिश होगी।

45 लाख एमटी की आवक, 41 लाख एमटी गेहूं खरीदा
हरियाणा में अब तक 7,15,564 किसानों का 45,14,613 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है। इसमें से 6,58,771 किसानों का 41,53,539 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। 5,97,420 गेट पास के मुकाबले आए 38,42,085 एमटी गेहूं के 8,164 करोड़ रुपये के जे फार्म काटे जा चुके हैं। अब तक एफसीआई 1,32,791 एमटी, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग 12,42,553 एमटी, हरियाणा वेयर हाउस कारपोरेशन 6,23,071 और हैफेड ने 18,28,767 एमटी गेहूं की खरीद की है।

20 lakh metric tonnes of wheat soaked in mandis due to rain in Haryana
मंडी में भरा बारिश का पानी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

     अनाज मंडियों में गेहूं उठान की स्थिति

जिला उठान बाकी (मीट्रिक टन में)
हिसार 59,230
चरखी दादरी 6,484
फतेहाबाद 1,02,911
सिरसा 2,25,000
भिवानी 32,980
पानीपत 1,16,580
कैथल 2,96,235
यमुनानगर 78,406
करनाल 3,39,170
अंबाला 1,12,300
कुरुक्षेत्र 4,20,000
जींद 2,85,213
महेंद्रगढ़ 1,82,772
रेवाड़ी 8,630
झज्जर 51,533
सोनीपत 49,000
 

मौसम में बदलाव के चलते सभी जिलों के डीसी और डीएफएससी को उठान में तेजी लाने का आदेश दिया है। मंडियों से गेहूं तत्काल उठाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कुछ उपाय करना अनिवार्य हो जाता है। स्वीकृत ठेकेदारों के अतिरिक्त एमएलसी और एमटीसी की स्वीकृत दरों पर अन्य ट्रांसपोर्टरों व आढ़तियों से गेहूं उठाने में तेजी लाई जाएगी। जेपी दलाल, कृषि मंत्री।

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